मुंबई लोकल के लिए 238 एसी ट्रेनों को मंजूरी, 2027 तक ICF-RCF-MCF में होगा उत्पादन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 12 अगस्त 2026 को मुंबई की लोकल ट्रेन सेवा के लिए एक बड़े फैसले की घोषणा की — भारत सरकार ने मुंबई एसी लोकल नेटवर्क में 238 नई वातानुकूलित ट्रेनें शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इन ट्रेनों का उत्पादन सरकारी कोच निर्माण इकाइयों — इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), रेल कोच फैक्ट्री (RCF) और मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) — में किया जाएगा, ताकि 2027 तक पहली एसी लोकल ट्रेन यात्रियों के लिए उपलब्ध हो सके।
पुरानी प्रक्रिया में क्या थी दिक्कत
रेल मंत्री वैष्णव ने एक वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि पहले जो प्रक्रिया अपनाई जा रही थी, उसमें गंभीर विलंब की समस्या थी। उन्होंने कहा, 'लोकल मुंबई की लाइफलाइन है। मुंबई लोकल में 238 एसी ट्रेन को शामिल करने की भारत सरकार ने मंजूरी दी है। इनके लिए जिस तरह की प्रक्रिया पहले अपनाई जा रही थी, उसमें काफी दिक्कत आ रही थी। पूरी प्रक्रिया 2030 तक पूरी होती, जो कि मान्य नहीं था।'
इसी कारण सरकार ने निर्णय लिया कि अब उत्पादन सीधे अपनी कोच निर्माण इकाइयों — ICF, RCF और MCF — के माध्यम से कराया जाएगा, जिससे समयसीमा 2030 से घटाकर 2027 तक लाई जा सके।
यात्रियों पर क्या होगा असर
पश्चिम रेलवे के अनुसार, 238 एसी ट्रेनों की मंजूरी से मुंबई लोकल में भीड़ में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है और गर्मी के मौसम में यात्रियों को राहत मिलेगी। गौरतलब है कि वर्तमान में मुंबई में सीमित संख्या में ही एसी लोकल ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जबकि इनकी माँग लगातार बढ़ती जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली प्रतिदिन 75 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा देती है।
हुबली-वाराणसी ट्रेन सेवा पर भी चर्चा
इसी बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नई दिल्ली में वैष्णव से मुलाकात कर हुबली-वाराणसी ट्रेन सेवा (ट्रेन नंबर 07323/24) की आवृत्ति बढ़ाने का अनुरोध किया। जोशी ने कहा कि फ्रीक्वेंसी बढ़ाने से उत्तरी कर्नाटक से वाराणसी और काशी तीर्थयात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारियों को सीधा लाभ होगा — विशेषकर पवित्र श्रावण मास में।
रेल मंत्री वैष्णव ने इस अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए भरोसा दिलाया कि हुबली-वाराणसी ट्रेन सेवा को जल्द ही सप्ताह में तीन दिन तक विस्तारित किया जाएगा।
आगे क्या होगा
ICF, RCF और MCF में उत्पादन की समयसीमा और चरणबद्ध वितरण योजना का विवरण अभी सामने आना बाकी है। रेलवे मंत्रालय से अपेक्षा है कि वह निकट भविष्य में एक विस्तृत रोडमैप जारी करेगा। यदि 2027 की समयसीमा पूरी होती है, तो यह मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली के आधुनिकीकरण में एक निर्णायक मोड़ साबित होगा।