मुजफ्फरपुर के कांटी में युवक कैलाश कुमार को गोली मारी, हालत गंभीर; पुलिस ने छापेमारी शुरू की
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड स्थित साइन हनुमान चौक पर 2 अगस्त की रात अज्ञात बदमाशों ने कैलाश कुमार नामक युवक को गोली मार दी। रात को खाना खाने के बाद अपने घर के दरवाजे पर बैठे कैलाश पर अपराधियों ने बेखौफ होकर फायरिंग की। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें गंभीर अवस्था में कांटी सरकारी अस्पताल पहुँचाया।
मुख्य घटनाक्रम
प्राथमिक उपचार के बाद कैलाश कुमार की स्थिति में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कांटी थाना पुलिस मौके पर पहुँची और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई। गोलीबारी के बाद साइन हनुमान चौक के आसपास दहशत का माहौल बन गया।
व्यापारिक प्रतिस्पर्धा का संदेह
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कैलाश कुमार एक टेंट हाउस में काम करते थे और उनके चाचा रमेश पटेल भी इसी व्यवसाय से जुड़े हैं। गाँव में चर्चा है कि यह वारदात टेंट हाउस व्यापार में प्रतिस्पर्धा के चलते की गई हो सकती है, हालाँकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस की कार्रवाई
कांटी थाना पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस मामले की जाँच हर एंगल से कर रही है और संभावित संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
बिहार में गोलीबारी की बढ़ती घटनाएँ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में हिंसक वारदातों की संख्या चिंताजनक बनी हुई है। इससे पहले जहानाबाद जिले में रेत खनन विवाद को लेकर दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में कम से कम 6 लोग घायल हो गए थे। वह फायरिंग घोसी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के चैती-पीपर और गिंजी गाँवों के बीच हुई थी। जहानाबाद एसडीपीओ-2 कृति कमल ने उस मामले की पुष्टि करते हुए कहा था, 'रेत निकालने को लेकर दो गुटों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें छह लोग घायल हो गए। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की कोशिश की जा रही है।' गौरतलब है कि राज्य में ऐसी घटनाएँ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती रही हैं।
आगे क्या
कैलाश कुमार का मुजफ्फरपुर के अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और जाँच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।