मुजफ्फरपुर पुलिस ने 8 घंटे में सुलझाया अपहरण, बलिया से चंदन मुक्त — चार अंतरराज्यीय बदमाश गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुजफ्फरपुर पुलिस ने 20 अगस्त को एक अंतरराज्यीय अपहरण कांड का महज आठ घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए अपहृत युवक चंदन कुमार को उत्तर प्रदेश के बलिया से सकुशल बरामद कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के ज़रिए पीड़ित की पत्नी से ₹10 लाख की फिरौती माँगी थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और वारदात में इस्तेमाल कार भी ज़ब्त कर ली है।
मामले का घटनाक्रम
यह मामला मिठनपुरा थाना क्षेत्र का है। मिठनपुरा निवासी श्वेता कुमारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात बदमाशों ने उनके पति चंदन कुमार का अपहरण कर लिया है। अपहरणकर्ताओं ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से ₹10 लाख की फिरौती की माँग रखी। इस दौरान श्वेता ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दूसरे मोबाइल फोन से वीडियो कॉल और आरोपियों की धमकियों की रिकॉर्डिंग कर ली, जो बाद में पुलिस को सौंपी गई।
एसआईटी गठन और तकनीकी जाँच
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने तत्काल नगर एसडीपीओ सुरेश कुमार के नेतृत्व में विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर जाँच आगे बढ़ाई। जाँच में सामने आया कि आरोपियों ने चंदन को पहले ऑटो और फिर कार से मुजफ्फरपुर से बाहर ले जाकर बलिया, उत्तर प्रदेश पहुँचाया था, जहाँ से वे लगातार फिरौती की माँग कर रहे थे।
संयुक्त कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने तत्काल उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय स्थापित किया और संयुक्त छापेमारी में बलिया से चंदन को सुरक्षित मुक्त कराया। गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई — वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र निवासी सूरज कुमार, सारण के दिघवारा निवासी रोशन कुमार, समस्तीपुर के बंगड़ा थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक कुमार और उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के पन्नी थाना क्षेत्र निवासी गौरव सिंह।
आगे की जाँच
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की पड़ताल कर रही है। जाँच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार बिहार और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से जुड़े हैं या नहीं। पुलिस के अनुसार, इस त्वरित कार्रवाई से न केवल अपहृत युवक को सुरक्षित बचाया गया, बल्कि एक सक्रिय अंतरराज्यीय अपहरण गिरोह के नेटवर्क का भी भंडाफोड़ हुआ है।