नड्डा का सुक्खू सरकार पर हमला: कुशासन, स्वास्थ्य परियोजनाओं में देरी और वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 11 अक्टूबर 2026 को कुल्लू जिले के पतलीकूहल में आयोजित एक जन प्रतिनिधि सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में लगभग चार वर्षों के शासनकाल को कुशासन, वित्तीय कुप्रबंधन और विकास परियोजनाओं में विफलता का काल करार दिया।
मुख्य आरोप: केंद्र की निधि, राज्य की अक्षमता
नड्डा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार ने अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवा, रेलवे, राजमार्ग, औद्योगिक विकास और जन कल्याण के क्षेत्र में राज्य को पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा, 'समस्या धन की कमी नहीं है, बल्कि राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं के प्रबंधन में असमर्थता है।'
उन्होंने कहा कि जब भी मुख्यमंत्री सुक्खू से विकास के बारे में सवाल किया जाता है, वे दिल्ली को दोष देते हैं। नड्डा ने इसे 'जिम्मेदारी से पलायन' बताते हुए जोर दिया कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग न कर पाना राज्य सरकार की विफलता है।
शैक्षणिक व स्वास्थ्य संस्थानों पर आरोप
नड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने न केवल विकास गतिविधियों को बाधित किया, बल्कि शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों को भी बंद कर दिया। उनके अनुसार, पिछली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के दौरान प्रारंभ की गई परियोजनाओं में भी अनावश्यक देरी की गई है। आलोचकों का कहना है कि ये आरोप 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए लगाए जा रहे हैं, हालांकि नड्डा ने इन्हें तथ्यात्मक बताया।
स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम: BJP का दावा
सम्मेलन में नड्डा ने हाल ही में संपन्न स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों को BJP के लिए 'जनसमर्थन का प्रमाण' बताया। उनके दावों के अनुसार, BJP समर्थित उम्मीदवारों ने धर्मशाला नगर निगम के 17 में से 11 वार्ड और मंडी के 14 में से 12 वार्ड जीते। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि 251 जिला परिषद सीटों में से 190 सीटें BJP समर्थित उम्मीदवारों ने हासिल की हैं। मनाली क्षेत्र की चारों सीटों पर भी BJP की जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
गौरतलब है कि ये आँकड़े नड्डा के दावों पर आधारित हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जाने की आवश्यकता है। कांग्रेस की ओर से इन परिणामों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
2027 चुनाव की तैयारी: संगठन को धार देने का आह्वान
2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए नड्डा ने BJP की संगठनात्मक मजबूती पर भरोसा जताया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर गतिविधियाँ तेज करने, जनसंपर्क बढ़ाने और स्थानीय समुदायों से निरंतर जुड़े रहने का आग्रह किया। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में BJP अगले विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता वापसी के लिए जमीन तैयार करने में जुटी है।
पतलीकूहल सम्मेलन को राज्य BJP के 2027 अभियान की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। नड्डा की यह सक्रियता हिमाचल की राजनीति में आने वाले महीनों में और तेज होने के संकेत देती है।