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सुरेश भारद्वाज का आरोप: सुक्खू सरकार को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं, BJP ने 10 में से 9 सीटें जीतीं

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सुरेश भारद्वाज का आरोप: सुक्खू सरकार को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं, BJP ने 10 में से 9 सीटें जीतीं

सारांश

शिमला में BJP नेता सुरेश भारद्वाज ने सुक्खू सरकार को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं बताया। जिला परिषद चुनाव में BJP का 10 में से 9 सीटें जीतने का दावा, और शपथ ग्रहण में मीडिया व परिजनों पर रोक को लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध करार दिया।

मुख्य बातें

BJP नेता और पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने 6 जून 2026 को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पर तीखे आरोप लगाए।
भारद्वाज का दावा — जिला परिषद चुनाव में BJP समर्थित उम्मीदवारों ने 10 में से 9 सीटें जीतीं, कांग्रेस केवल 1 सीट पर सिमटी।
शपथ ग्रहण समारोह में मीडिया और परिजनों को प्रवेश से रोकने को लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध बताया।
सरकार के मंत्रियों पर विधानसभा में भ्रामक बयानबाज़ी का आरोप; प्रशासनिक संतुलन बिगड़ने की बात कही।
भारद्वाज ने चेतावनी दी — हालात न सुधरे तो सुक्खू सरकार की राजनीतिक स्थिति और कठिन होगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने 6 जून 2026 को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि इस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में हुए हंगामे और चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार के खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है।

जिला परिषद चुनाव परिणाम: BJP का दावा

भारद्वाज ने दावा किया कि हाल के जिला परिषद चुनावों में 10 में से 9 सीटों पर BJP समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस केवल 1 सीट ही जीत सकी। उन्होंने इसे जनता के व्यापक समर्थन का प्रमाण बताया और कहा कि इतने बड़े पैमाने पर एकतरफा मतदान पहले कभी नहीं देखा गया। उनके अनुसार, BJP ने अपने उम्मीदवारों की सूची विधिवत जारी की थी और सभी चुनावी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।

शपथ ग्रहण समारोह में मीडिया और परिजनों पर रोक का विरोध

पूर्व मंत्री ने शपथ ग्रहण समारोह में मीडिया और नवनिर्वाचित सदस्यों के परिजनों को प्रवेश से रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण एक सार्वजनिक और औपचारिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसमें पारदर्शिता अनिवार्य है। भारद्वाज के अनुसार, नगर निगम, नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के शपथ ग्रहण में इस तरह की पाबंदी पहले कभी नहीं लगाई गई, और यह लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है।

सरकार पर प्रशासनिक विफलता के आरोप

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार के कुछ मंत्री विधानसभा सहित विभिन्न मंचों पर भ्रामक बयानबाज़ी कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और तनावपूर्ण हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी टीम की कार्यशैली से स्पष्ट है कि प्रशासनिक संतुलन बिगड़ चुका है और सरकार में अस्थिरता तथा घबराहट का माहौल है। उनके अनुसार, यह स्थिति जनता के गहरे रोष को दर्शाती है।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर BJP नेता का जोर

भारद्वाज ने याद दिलाया कि देश में 1952 से निरंतर लोकतांत्रिक चुनाव होते आए हैं — चाहे वे लोकसभा हों, विधानसभा हों, नगर निकाय हों या पंचायती राज संस्थाएँ। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और परंपराओं का सम्मान लोकतंत्र की बुनियाद है। मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में उसकी उपस्थिति पर रोक किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।

आगे की राह

भारद्वाज ने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा हालात जारी रहे तो आने वाले समय में सुक्खू सरकार के लिए राजनीतिक स्थिति और अधिक कठिन हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि नियमों और परंपराओं के अनुसार कार्य करें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे में यह नया राजनीतिक दबाव उसकी कमज़ोर होती स्थिति को और उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इस जनादेश को विधानसभा में ठोस चुनौती में बदल पाएगा या यह केवल प्रेस वार्ता तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेश भारद्वाज ने सुक्खू सरकार पर क्या आरोप लगाए?
BJP नेता सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सुक्खू सरकार पूरी तरह विफल है और उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने जिला परिषद चुनाव में BJP की बड़ी जीत, मंत्रियों की भ्रामक बयानबाज़ी और शपथ ग्रहण में मीडिया पर रोक को अपने आरोपों का आधार बनाया।
हिमाचल प्रदेश जिला परिषद चुनाव में BJP का प्रदर्शन कैसा रहा?
भारद्वाज के दावे के अनुसार, जिला परिषद चुनाव में BJP समर्थित उम्मीदवारों ने 10 में से 9 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस केवल 1 सीट पर जीत सकी। उन्होंने इसे जनता के सरकार विरोधी रुझान का स्पष्ट प्रमाण बताया।
शपथ ग्रहण समारोह में विवाद क्यों हुआ?
जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में मीडिया और नवनिर्वाचित सदस्यों के परिजनों को प्रवेश से रोके जाने पर विवाद खड़ा हुआ। भारद्वाज ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध बताया और कहा कि इससे पहले नगर निकाय या पंचायती राज संस्थाओं के किसी शपथ ग्रहण में ऐसा नहीं हुआ।
क्या सुक्खू सरकार पर पहले भी राजनीतिक संकट आया है?
हाँ, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पहले भी विधायकों की बगावत और राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग जैसे संकटों से गुज़र चुकी है। ताज़ा जिला परिषद चुनाव परिणाम और शपथ ग्रहण विवाद उस राजनीतिक अस्थिरता की कड़ी के रूप में देखे जा रहे हैं।
BJP नेता ने प्रशासन को क्या संदेश दिया?
भारद्वाज ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे किसी राजनीतिक दबाव में काम करने की बजाय नियमों और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करें। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण जैसे सार्वजनिक आयोजनों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है।
राष्ट्र प्रेस
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