नैनीताल के रामनगर में श्री हनुमान धाम: एक छत तले बजरंगबली के 21 रूपों के दर्शन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित श्री हनुमान धाम आस्था और भक्ति का एक अनूठा केंद्र है, जहाँ भक्तों को एक ही स्थान पर बजरंगबली के 9 दिव्य स्वरूपों और उनकी 12 पावन लीलाओं — यानी कुल 21 रूपों — के एकसाथ दर्शन होते हैं। घने जंगलों, पहाड़ों और कलकल बहती नदियों के बीच बसा यह धाम मान्यताओं के अनुसार कुमाऊँ क्षेत्र का 'पाँचवाँ धाम' कहलाता है।
क्या है इस धाम की विशेषता
धर्म-विशेषज्ञों और स्थानीय पुजारियों के अनुसार, श्री हनुमान धाम को देश का इकलौता ऐसा मंदिर माना जाता है जहाँ एक साथ बजरंगबली के इतने स्वरूपों के दर्शन संभव हैं। यहाँ माँ अंजनी के साथ हनुमान जी का बाल स्वरूप, श्रीराम के चरणों में दास स्वरूप, पंचमुखी हनुमान, संजीवनी हनुमान, पराक्रमी हनुमान और अपने हृदय में राम-सीता को बसाए हुए हनुमान जी के दिव्य रूप विराजमान हैं।
मंदिर का मुख्य धनुषाकार प्रवेश द्वार दो मछलियों की आकृतियों से सुसज्जित है, जिन्हें परंपरागत रूप से समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। प्रकृति की गोद में बसा यह परिसर धर्म, भक्ति और मानसिक शांति का संगम है।
इच्छापूर्ति धाम की मान्यता
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार श्री हनुमान धाम को एक 'इच्छापूर्ति धाम' का दर्जा प्राप्त है। भक्त अपनी मनोकामनाएँ एक कागज पर लिखकर भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं अथवा मन्नत की चुनरी और ध्वजा बाँधते हैं। ऐसी आस्था है कि सच्चे मन से माँगी गई हर मुराद यहाँ पूरी होती है।
मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों की विशेष भीड़ उमड़ती है और हनुमान जी के जयकारों से पूरा परिसर गूँज उठता है। यह धाम कुमाऊँ अंचल में तेज़ी से एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में उभरा है।
मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रचार
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर मंदिर का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'नैनीताल के रामनगर की पवित्र धरती पर बसा श्री हनुमान धाम आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव की एक शानदार जगह है। यहाँ हनुमान के दिव्य रूप भक्तों को गहरा आध्यात्मिक अनुभव देते हैं। नैनीताल जिले में आने पर इस पवित्र जगह पर ज़रूर जाएँ।'
मुख्यमंत्री की इस पोस्ट के बाद धाम की चर्चा राज्य भर में और भी व्यापक हो गई है। पर्यटन और धर्म दोनों दृष्टियों से यह धाम उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण बनता जा रहा है।
कुमाऊँ का 'पाँचवाँ धाम'
गौरतलब है कि उत्तराखंड में चार धाम — बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री — पहले से ही देशभर में विख्यात हैं। अब स्थानीय श्रद्धालु और धर्म-प्रेमी श्री हनुमान धाम को कुमाऊँ क्षेत्र का 'पाँचवाँ धाम' कहने लगे हैं। यह संज्ञा इस मंदिर की बढ़ती आस्था और लोकप्रियता को दर्शाती है।
आने वाले समय में यह धाम धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और प्रमुखता से उभर सकता है, विशेषकर जब राज्य सरकार भी इसे प्रोत्साहन दे रही है।