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नैनीताल के रामनगर में श्री हनुमान धाम: एक छत तले बजरंगबली के 21 रूपों के दर्शन

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नैनीताल के रामनगर में श्री हनुमान धाम: एक छत तले बजरंगबली के 21 रूपों के दर्शन

सारांश

नैनीताल के रामनगर में बसा श्री हनुमान धाम देश का इकलौता ऐसा मंदिर माना जाता है जहाँ बजरंगबली के 9 स्वरूप और 12 लीलाओं समेत कुल 21 रूपों के दर्शन एक साथ होते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसे एक्स पर साझा कर इसे आध्यात्मिक अनुभव का अनूठा केंद्र बताया।

मुख्य बातें

श्री हनुमान धाम , रामनगर, नैनीताल में स्थित है और यहाँ बजरंगबली के 21 रूपों (9 स्वरूप + 12 लीलाएँ) के एकसाथ दर्शन होते हैं।
इसे देश का इकलौता ऐसा मंदिर माना जाता है जहाँ इतने स्वरूप एक साथ विराजमान हैं।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह धाम कुमाऊँ क्षेत्र का 'पाँचवाँ धाम' कहलाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर वीडियो साझा कर इसे आस्था और भक्ति की 'शानदार जगह' बताया।
मंगलवार और शनिवार को यहाँ विशेष भीड़ उमड़ती है; धाम को 'इच्छापूर्ति धाम' की मान्यता प्राप्त है।

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित श्री हनुमान धाम आस्था और भक्ति का एक अनूठा केंद्र है, जहाँ भक्तों को एक ही स्थान पर बजरंगबली के 9 दिव्य स्वरूपों और उनकी 12 पावन लीलाओं — यानी कुल 21 रूपों — के एकसाथ दर्शन होते हैं। घने जंगलों, पहाड़ों और कलकल बहती नदियों के बीच बसा यह धाम मान्यताओं के अनुसार कुमाऊँ क्षेत्र का 'पाँचवाँ धाम' कहलाता है।

क्या है इस धाम की विशेषता

धर्म-विशेषज्ञों और स्थानीय पुजारियों के अनुसार, श्री हनुमान धाम को देश का इकलौता ऐसा मंदिर माना जाता है जहाँ एक साथ बजरंगबली के इतने स्वरूपों के दर्शन संभव हैं। यहाँ माँ अंजनी के साथ हनुमान जी का बाल स्वरूप, श्रीराम के चरणों में दास स्वरूप, पंचमुखी हनुमान, संजीवनी हनुमान, पराक्रमी हनुमान और अपने हृदय में राम-सीता को बसाए हुए हनुमान जी के दिव्य रूप विराजमान हैं।

मंदिर का मुख्य धनुषाकार प्रवेश द्वार दो मछलियों की आकृतियों से सुसज्जित है, जिन्हें परंपरागत रूप से समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। प्रकृति की गोद में बसा यह परिसर धर्म, भक्ति और मानसिक शांति का संगम है।

इच्छापूर्ति धाम की मान्यता

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार श्री हनुमान धाम को एक 'इच्छापूर्ति धाम' का दर्जा प्राप्त है। भक्त अपनी मनोकामनाएँ एक कागज पर लिखकर भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं अथवा मन्नत की चुनरी और ध्वजा बाँधते हैं। ऐसी आस्था है कि सच्चे मन से माँगी गई हर मुराद यहाँ पूरी होती है।

मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों की विशेष भीड़ उमड़ती है और हनुमान जी के जयकारों से पूरा परिसर गूँज उठता है। यह धाम कुमाऊँ अंचल में तेज़ी से एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रचार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर मंदिर का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'नैनीताल के रामनगर की पवित्र धरती पर बसा श्री हनुमान धाम आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव की एक शानदार जगह है। यहाँ हनुमान के दिव्य रूप भक्तों को गहरा आध्यात्मिक अनुभव देते हैं। नैनीताल जिले में आने पर इस पवित्र जगह पर ज़रूर जाएँ।'

मुख्यमंत्री की इस पोस्ट के बाद धाम की चर्चा राज्य भर में और भी व्यापक हो गई है। पर्यटन और धर्म दोनों दृष्टियों से यह धाम उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण बनता जा रहा है।

कुमाऊँ का 'पाँचवाँ धाम'

गौरतलब है कि उत्तराखंड में चार धाम — बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री — पहले से ही देशभर में विख्यात हैं। अब स्थानीय श्रद्धालु और धर्म-प्रेमी श्री हनुमान धाम को कुमाऊँ क्षेत्र का 'पाँचवाँ धाम' कहने लगे हैं। यह संज्ञा इस मंदिर की बढ़ती आस्था और लोकप्रियता को दर्शाती है।

आने वाले समय में यह धाम धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और प्रमुखता से उभर सकता है, विशेषकर जब राज्य सरकार भी इसे प्रोत्साहन दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पर्यटन नीति की दृष्टि से विचारणीय है। 'पाँचवाँ धाम' जैसी संज्ञाएँ लोकप्रिय हो सकती हैं, लेकिन इनके साथ बुनियादी ढाँचे और भीड़ प्रबंधन की जवाबदेही भी ज़रूरी है — जिस पर अभी कोई ठोस घोषणा नहीं हुई है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री हनुमान धाम रामनगर में क्या खास है?
यह मंदिर बजरंगबली के 9 स्वरूपों और 12 पावन लीलाओं — कुल 21 रूपों — के एकसाथ दर्शन के लिए जाना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह देश का इकलौता ऐसा मंदिर है जहाँ यह संभव है।
श्री हनुमान धाम कहाँ स्थित है?
यह धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित है। यह स्थान घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है।
हनुमान धाम को 'इच्छापूर्ति धाम' क्यों कहते हैं?
मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से माँगी गई हर मुराद पूरी होती है। भक्त कागज पर मनोकामना लिखकर चरणों में अर्पित करते हैं या मन्नत की चुनरी और ध्वजा बाँधते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मंदिर के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री धामी ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए इसे 'आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव की शानदार जगह' बताया और नैनीताल आने वाले पर्यटकों से यहाँ ज़रूर जाने की अपील की।
कुमाऊँ का 'पाँचवाँ धाम' किसे कहा जाता है?
श्री हनुमान धाम, रामनगर को स्थानीय श्रद्धालु और धर्म-प्रेमी कुमाऊँ क्षेत्र का 'पाँचवाँ धाम' कहने लगे हैं। उत्तराखंड के चार प्रसिद्ध धाम — बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री — के बाद यह नाम इस मंदिर की बढ़ती धार्मिक महत्ता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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