अखिलेश की 'चालाकी' 2027 में पड़ेगी भारी: मुख्तार अब्बास नकवी का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 24 जून 2025 को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि वे जिस 'चालाकी और चतुराई के चक्रव्यूह' में दूसरों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं, उसमें खुद ही उलझ जाएंगे। यह बयान उस विवाद के बीच आया है जिसमें अखिलेश ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे कथित भूमि घोटाले के आरोपों को BJP की आंतरिक साजिश करार दिया था।
मुख्य विवाद: मोहन यादव और कथित भूमि घोटाला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन से जुड़े कथित घोटाले के आरोप हाल ही में सामने आए हैं, जिसके बाद सियासी गहमागहमी तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले में अप्रत्याशित रुख अपनाते हुए मोहन यादव का बचाव किया और दावा किया कि BJP तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बदलने की रणनीति के तहत इस मामले को हवा दे रही है।
गौरतलब है कि एक विपक्षी दल के नेता का सत्तारूढ़ दल के मुख्यमंत्री का बचाव करना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
नकवी का पलटवार: 2027 चुनाव का हवाला
नकवी ने नई दिल्ली में बातचीत में कहा, 'इस तरह की चालाकी और चतुराई के चक्रव्यूह में अखिलेश यादव खुद ही फंस जाएंगे। उन्हें इससे किसी भी प्रकार का फायदा नहीं मिलने वाला है, खासकर 2027 के चुनाव में।'
नकवी का यह बयान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से करीब दो वर्ष पहले आया है, जो राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिहाद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर प्रतिक्रिया
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान और मौलाना अरशद मदनी के उस कथित बयान पर — जिसमें कहा गया था कि जिहाद करना हर मुसलमान का हक है — नकवी ने कहा, 'ये लोग जिहाद के नाम पर हो-हल्ला करने वाले हैं। देश की जनता अब इन्हें समझ चुकी है। इनके दिमाग में थोड़ी गर्मी है, जो कुछ समय में निकल जाएगी।'
नकवी ने यह भी कहा कि कुछ लोग जिहाद के नाम पर फसाद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आम जनता इसे स्वीकार नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में गैर-मुस्लिम बहुल देशों की तुलना में सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है और यहाँ मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक, आर्थिक और शैक्षणिक अधिकार सुरक्षित हैं।
अल्पसंख्यक अधिकारों पर चिंता जताने वालों को नकवी ने सुझाव दिया कि वे पाकिस्तान जाकर वहाँ अल्पसंख्यकों की स्थिति देखें।
आपातकाल पर कांग्रेस को घेरा
नकवी ने 25 जून 1975 को लागू हुए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस दिन कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की 'हत्या' की थी और यह कलंक आज भी उसके दामन पर मौजूद है।
नकवी ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा, 'मैं उस समय 17 वर्ष का था, जब जेल गया था। हमारे जैसे कई नौजवान, जो कॉलेज में पढ़ते थे, जेल भेजे गए थे।' उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग आज संविधान की दुहाई देते हैं, उन्हें आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के हनन के लिए देश से माफी माँगनी चाहिए।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो चुकी हैं और BJP व सपा दोनों अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुटी हैं। मोहन यादव विवाद में अखिलेश के रुख को लेकर राजनीतिक विश्लेषक भी अलग-अलग व्याख्याएँ कर रहे हैं। नकवी का यह पलटवार संकेत देता है कि BJP इस मुद्दे को आगामी चुनावों तक जीवित रखने की मंशा रखती है।