नरसिंहपुर में EOW का शिकंजा: SDM का स्टेनो सौरभ यादव ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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नरसिंहपुर में EOW का शिकंजा: SDM का स्टेनो सौरभ यादव ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

सारांश

नरसिंहपुर में EOW ने SDM के स्टेनो सौरभ यादव को कॉलोनी नक्शा पास कराने के बदले ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। शिकायतकर्ता संजय राय ने SDM पूजा सोनी पर भी आरोप लगाए हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज।

मुख्य बातें

EOW ने 14 मई 2026 को तेंदूखेड़ा SDM कार्यालय में छापा मारकर स्टेनो सौरभ यादव को ₹30,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता संजय राय (तेंदूखेड़ा) ने कॉलोनी नक्शा स्वीकृति में जानबूझकर देरी और रिश्वत की मांग का आरोप लगाया था।
राय ने जबलपुर स्थित EOW कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जाँच और कार्रवाई हुई।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज।
शिकायतकर्ता ने एसडीएम पूजा सोनी पर भी आरोप लगाए हैं; इन आरोपों की जाँच जारी है।

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने गुरुवार, 14 मई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय के स्टेनो सौरभ यादव को ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि यादव ने कॉलोनी का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी कर शिकायतकर्ता से अवैध धनराशि वसूली।

मामले की पृष्ठभूमि

तेंदूखेड़ा निवासी संजय राय एक कॉलोनी का निर्माण कर रहे हैं, जिसके लिए प्रशासन से नक्शा स्वीकृत कराना अनिवार्य था। इसके लिए उन्होंने तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में स्थल निरीक्षण रिपोर्ट संलग्न करने हेतु आवेदन दिया था। राय का आरोप है कि आवेदन देने के बाद भी स्थल निरीक्षण नहीं किया गया और बिना किसी ठोस कारण के प्रक्रिया को लंबित रखा गया।

राय के अनुसार, एसडीएम के स्टेनो सौरभ यादव ने कार्य कराने के बदले ₹30,000 की रिश्वत की मांग की और लगातार उत्पीड़न किया। परेशान होकर राय ने जबलपुर स्थित आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

EOW की कार्रवाई

तथ्यों की प्रारंभिक पुष्टि के बाद EOW की टीम ने गुरुवार दोपहर तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय पहुँचकर जाल बिछाया। जैसे ही स्टेनो सौरभ यादव ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। बताया गया है कि गिरफ्तारी के समय कार्यालय में कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

EOW ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

एसडीएम पर भी आरोप

शिकायतकर्ता संजय राय ने तेंदूखेड़ा की एसडीएम पूजा सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। राय का कहना है कि उन पर एसडीएम कार्यालय का नवीनीकरण (रिनोवेशन) कराने का भी दबाव डाला जा रहा था। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और जाँच जारी है।

आगे क्या होगा

EOW सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सौरभ यादव से पूछताछ की जा रही है। एसडीएम पूजा सोनी पर लगाए गए आरोपों की भी जाँच की जाएगी। यह मामला मध्य प्रदेश में सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की उस व्यापक प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहाँ आम नागरिकों को वैध सरकारी सेवाएँ पाने के लिए भी अवैध धनराशि चुकानी पड़ती है। EOW की इस कार्रवाई से ऐसे मामलों में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के प्रति जन-जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सिद्ध होते हैं, तो यह संकेत देते हैं कि भ्रष्टाचार की जड़ें केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं हैं। EOW की कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि उच्च स्तर पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जाँच होती है या मामला केवल एक कनिष्ठ कर्मचारी की गिरफ्तारी तक सिमट कर रह जाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरसिंहपुर में SDM के स्टेनो को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय के स्टेनो सौरभ यादव को कॉलोनी का नक्शा पास कराने के बदले ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए EOW ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
EOW ने यह कार्रवाई कैसे की?
शिकायतकर्ता संजय राय ने जबलपुर स्थित EOW कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। तथ्यों की पुष्टि के बाद EOW की टीम ने गुरुवार दोपहर तेंदूखेड़ा SDM कार्यालय में जाल बिछाया और रिश्वत स्वीकार करते ही सौरभ यादव को मौके पर दबोच लिया।
क्या एसडीएम पूजा सोनी पर भी कोई आरोप हैं?
शिकायतकर्ता संजय राय ने एसडीएम पूजा सोनी पर भी आरोप लगाए हैं कि उन पर SDM कार्यालय का नवीनीकरण कराने का दबाव डाला जा रहा था। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं और जाँच जारी है।
रिश्वत की मांग किस काम के लिए की जा रही थी?
तेंदूखेड़ा निवासी संजय राय एक कॉलोनी का निर्माण कर रहे हैं, जिसके लिए प्रशासन से नक्शा स्वीकृत कराना जरूरी था। स्थल निरीक्षण रिपोर्ट लगाने और नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी कर ₹30,000 की रिश्वत मांगी जा रही थी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
गिरफ्तार स्टेनो सौरभ यादव से EOW पूछताछ कर रही है। एसडीएम पूजा सोनी पर लगाए गए आरोपों की भी जाँच की जाएगी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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