नवादा में ग्रामीण श्रमिक प्रशिक्षण शिविर: बाल श्रम कानून और 16 कल्याण योजनाओं की दी गई जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के नवादा जिले में 17 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को संयुक्त श्रम भवन स्थित आईटीआई परिसर में एक दिवसीय ग्रामीण श्रमिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता नवादा श्रम अधीक्षक चन्द्र शेखर सिंह ने की। जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए निर्माण एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को श्रम कानूनों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
शिविर का उद्देश्य
इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि अधिक से अधिक पात्र श्रमिक सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठा सकें। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिक अभी भी सरकारी योजनाओं से अनजान हैं और पंजीकरण के अभाव में लाभ से वंचित रहते हैं।
बाल एवं किशोर श्रम कानून की जानकारी
शिविर में अधिकारियों ने बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी दुकान, प्रतिष्ठान अथवा औद्योगिक इकाई में नियोजित करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। वहीं 15 से 18 वर्ष के किशोरों के नियोजन के लिए अधिनियम में निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य बताया गया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना, 2011 (संशोधित-2024), अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्त) अधिनियम, 1979 तथा बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) के अंतर्गत संचालित 16 प्रकार की श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। गौरतलब है कि इन योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलता है, इसलिए अधिकारियों ने पंजीकरण पर विशेष जोर दिया।
पंजीकरण और दस्तावेज़ीकरण पर जोर
श्रमिकों को पंजीकरण प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में श्रमिक स्वयं को पंजीकृत कराएँ ताकि वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर जिला नियोजन पदाधिकारी सुनील कुमार सुमन, जिले के विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, संबंधित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। आगे भी ऐसे शिविरों के आयोजन की संभावना जताई जा रही है ताकि जिले के दूरदराज के श्रमिकों तक भी सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाई जा सके।