4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नक्सलवाद के खिलाफ CRPF की जीरो-कैजुअल्टी रणनीति, BJP नेताओं ने मोदी सरकार की नीति को सराहा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नक्सलवाद के खिलाफ CRPF की जीरो-कैजुअल्टी रणनीति, BJP नेताओं ने मोदी सरकार की नीति को सराहा

सारांश

नक्सली अभियानों में पिछले एक वर्ष में CRPF का एक भी जवान न खोना — BJP नेता इसे मोदी सरकार की रणनीतिक सफलता बता रहे हैं। आधुनिक उपकरण, बेहतर प्रशिक्षण और सुनियोजित अभियानों को इसका श्रेय दिया जा रहा है।

मुख्य बातें

पिछले एक वर्ष में नक्सली अभियानों के दौरान CRPF का कोई भी जवान शहीद नहीं हुआ — BJP नेताओं का दावा।
केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट जैसे आधुनिक उपकरणों को सफलता का कारण बताया।
पश्चिम बंगाल के मंत्री उमेश राय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पूर्व-घोषित नक्सलवाद-उन्मूलन रणनीति के परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 26 नवंबर 2008 के मुंबई हमले का उल्लेख कर UPA सरकार की नीतियों की आलोचना की।
BJP प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने CRPF के जवानों और अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026। नक्सलवाद विरोधी अभियानों में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार की रणनीति की प्रशंसा की है। नेताओं ने दावा किया कि पिछले एक वर्ष में नक्सली अभियानों के दौरान CRPF का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ — जिसे वे आधुनिक उपकरणों, बेहतर प्रशिक्षण और सुनियोजित रणनीतिक अभियानों का परिणाम बता रहे हैं।

नेताओं ने क्या कहा

केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने इसे देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सुरक्षाकर्मियों को बेहतर सुविधाएँ और आधुनिक उपकरण — जिनमें बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल हैं — उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत रही है। मजूमदार ने कहा, 'जो जवान देश की रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, वे सर्वोत्तम सुरक्षा और देखभाल के हकदार हैं।'

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री उमेश राय ने इसे 'बदलते भारत की तस्वीर' बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट किया था कि नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की व्यवस्था की जाएगी, और पिछले एक वर्ष में इसी रणनीति के परिणाम दिखाई दे रहे हैं। राय ने कहा कि आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि देश में अशांति फैलाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

अग्निमित्रा पॉल का व्यापक सुरक्षा परिप्रेक्ष्य

पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने नक्सलवाद विरोधी सफलता को व्यापक सुरक्षा नीति के बदलाव से जोड़ा। उन्होंने 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार पर आरोप लगाया कि उस समय आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी जवाब देने का राजनीतिक साहस नहीं दिखाया गया। पॉल ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद देश की सुरक्षा नीति में बुनियादी बदलाव आया है।

BJP प्रवक्ता का बयान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने इसे केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि CRPF ने बड़े पैमाने पर कई अभियान चलाए, फिर भी एक भी जवान की जान नहीं गई। उनके अनुसार यह सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता और बेहतर रणनीति का प्रमाण है। इस्लाम ने CRPF के जवानों और अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

व्यापक संदर्भ: नक्सलवाद की स्थिति

गौरतलब है कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या पिछले एक दशक में उल्लेखनीय रूप से घटी है, हालाँकि छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार नक्सलवाद को 2026 तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। नेताओं का यह बयान उसी लक्ष्य की दिशा में हो रही प्रगति को रेखांकित करने का प्रयास है।

आगे भी सरकार की ओर से सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज़ करने की योजना बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या 'जीरो-कैजुअल्टी' का दावा स्वतंत्र सत्यापन से गुज़रा है। नक्सलवाद की चुनौती केवल सशस्त्र टकराव तक सीमित नहीं — प्रभावित क्षेत्रों में विकास की धीमी गति और विस्थापन के सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। गौरतलब है कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या में कमी आई है, परंतु छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ इलाकों में सक्रियता बनी हुई है। तकनीकी और रणनीतिक सफलता का श्रेय देना उचित है, किंतु दीर्घकालिक समाधान के लिए सामाजिक-आर्थिक हस्तक्षेप उतना ही ज़रूरी है जितनी सैन्य क्षमता।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नक्सलवाद के खिलाफ CRPF की जीरो-कैजुअल्टी उपलब्धि क्या है?
BJP नेताओं के दावे के अनुसार, पिछले एक वर्ष में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान CRPF का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ। इसे केंद्र सरकार की बेहतर रणनीति, आधुनिक उपकरणों और सुनियोजित अभियानों का परिणाम बताया जा रहा है।
सुकांत मजूमदार ने नक्सल रणनीति पर क्या कहा?
केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुरक्षाकर्मियों को बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की बड़ी उपलब्धि बताया।
अग्निमित्रा पॉल ने मुंबई हमले का उल्लेख क्यों किया?
पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले का हवाला देते हुए तत्कालीन UPA सरकार की सुरक्षा नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा नीति में बुनियादी बदलाव किया है।
भारत में नक्सलवाद की मौजूदा स्थिति क्या है?
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या पिछले एक दशक में कम हुई है, हालाँकि छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। सरकार ने 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।
CRPF की नक्सल विरोधी सफलता का श्रेय किसे दिया जा रहा है?
BJP नेताओं ने इस सफलता का श्रेय केंद्र सरकार की नीतियों, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों, बेहतर प्रशिक्षण और सुनियोजित रणनीतिक अभियानों को दिया है। BJP प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने विशेष रूप से CRPF के जवानों और अधिकारियों की कार्यक्षमता की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले