नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता किया, राजकोट-सूरत में मिली-जुली प्रतिक्रिया
सारांश
मुख्य बातें
निजी ईंधन वितरक कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई से देशभर के अपने पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹3 प्रति लीटर घटा दी है। कंपनी के इस फैसले के बाद गुजरात के राजकोट और सूरत में ग्राहकों की प्रतिक्रियाएँ मिली-जुली रहीं — कुछ ने राहत जताई तो कुछ ने प्रतिस्पर्धी सरकारी कंपनियों की तुलनात्मक दरों पर सवाल उठाए।
नई दरें और बाज़ार में स्थिति
कटौती के बाद राजकोट में नायरा के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत ₹101.80 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹97.63 प्रति लीटर हो गई है। इसकी तुलना में, इंडियन ऑयल के पंपों पर पेट्रोल की कीमत ₹97.50 के आसपास बताई जा रही है — जो अभी भी नायरा की नई दर से कम है।
गौरतलब है कि नायरा एनर्जी, जो पूर्व में एस्सार ऑयल के नाम से जानी जाती थी, देश की प्रमुख निजी ईंधन वितरक कंपनियों में से एक है और उसके पेट्रोल पंप मुख्यतः गुजरात सहित कई राज्यों में सक्रिय हैं।
ग्राहकों और पंप मालिकों की प्रतिक्रिया
राजकोट स्थित नायरा पेट्रोल पंप के मालिक किशोर पटेल ने कहा, 'कंपनी की ओर से घोषित नई दरें बहुत अच्छी हैं। यह न सिर्फ हमारे लिए, बल्कि हमारे ग्राहकों के लिए भी है। यह एक स्वागत योग्य फैसला है, जिससे सभी को फायदा होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि इस कटौती से नायरा के पंपों पर ग्राहकों की संख्या में वृद्धि होगी।
एक स्थानीय नागरिक ने वैश्विक संदर्भ देते हुए कहा कि दो महीने पहले वे युद्ध के समय विदेश में थे, जहाँ एक ही दिन में ₹26 प्रति लीटर का इजाफा हुआ और कुल 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि भारत में उस दौरान केवल 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
राजकोट की एक युवती ने कहा, 'पेट्रोल में ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई है। जो लोग रोज़ाना वाहनों से सफर करते हैं, उनके लिए यह फैसला काफी अच्छा है। कीमतें कम होने से लोगों के पैसे की बचत होती है।'
सूरत में आलोचनात्मक आवाज़ें
सूरत के ग्राहक कमलेश मोदी ने हालाँकि इस कदम की सीमाएँ रेखांकित कीं। उन्होंने कहा, 'इस फैसले का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर कीमतें पहले से ही कम हैं। वहाँ पेट्रोल की कीमत अभी भी ₹97.50 के आसपास है।' उनका तर्क था कि जब तक नायरा और सरकारी कंपनियों की दरें समान नहीं होतीं, ग्राहक स्वाभाविक रूप से सस्ते विकल्प की ओर जाएँगे।
वहीं, नियमित ग्राहक रवि अय्यर ने कटौती का स्वागत करते हुए कहा कि वे नायरा के पंप से ही नियमित ईंधन भरवाते हैं और आज की कमी सकारात्मक कदम है। ग्राहक रविकांत खेरडिया ने कहा, 'नायरा ने कीमतें कम करके अन्य कंपनियों के बराबर रेट रखा है। यह जनता के लिए अच्छी बात है।'
आम जनता पर असर
यह कटौती ऐसे समय में आई है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और घरेलू उपभोक्ता लंबे समय से ईंधन राहत की प्रतीक्षा कर रहे थे। रोज़ाना लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों, छोटे व्यापारियों और माल-परिवहन से जुड़े लोगों को डीजल की ₹3 प्रति लीटर की कमी से प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
हालाँकि, विश्लेषकों का मानना है कि जब तक सरकारी तेल कंपनियाँ — इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम — अपनी दरें नहीं घटातीं, तब तक निजी कंपनियों की कटौती का व्यापक बाज़ार प्रभाव सीमित रहेगा। आगे देखना होगा कि क्या सरकारी कंपनियाँ भी इसी दिशा में कदम उठाती हैं।