नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता किया, कच्चे तेल में गिरावट का असर
सारांश
मुख्य बातें
नायरा एनर्जी, देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन वितरक कंपनी, ने 1 जुलाई 2026 (बुधवार) को पेट्रोल की कीमत में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमत में ₹3 प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की। यह कटौती कंपनी के देशभर में फैले रिटेल नेटवर्क पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
कटौती की वजह
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ गिरावट इस कटौती की मुख्य वजह बताई जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के बाद मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव कम हुआ है, जिससे वैश्विक तेल बाज़ार में राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड पिछले एक महीने में करीब 23 प्रतिशत गिरकर $73.21 प्रति बैरल पर आ गया है। इसी अवधि में WTI क्रूड करीब 25 प्रतिशत लुढ़ककर $69.73 प्रति बैरल पर पहुँच गया है — यानी $70 के मनोवैज्ञानिक स्तर से भी नीचे।
राज्य-दर-राज्य कीमतें अलग रहेंगी
हालाँकि नायरा एनर्जी ने केंद्रीय स्तर पर कटौती की घोषणा की है, लेकिन वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) और अन्य स्थानीय करों के कारण उपभोक्ताओं को मिलने वाली वास्तविक राहत राज्य-दर-राज्य अलग-अलग होगी। उच्च VAT वाले राज्यों में लाभ अपेक्षाकृत कम महसूस हो सकता है।
सरकारी तेल कंपनियों ने दाम नहीं बदले
उल्लेखनीय है कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने अपने पेट्रोल-डीजल के दाम यथावत रखे हैं। नई दिल्ली में सरकारी पंपों पर पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर भी हुआ सस्ता
1 जुलाई से तेल वितरक कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती की है। नई दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर का दाम ₹183.50 घटकर ₹2,930 हो गया है, जो पहले ₹3,113.50 था। हालाँकि, 14 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹942 पर अपरिवर्तित रही है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें लगातार दबाव में हैं और भारत में ईंधन मूल्य निर्धारण को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो सरकारी तेल कंपनियों पर भी कटौती का दबाव बढ़ सकता है।