एनसीबी मुंबई ने न्यूजीलैंड जा रही 11 किलो एफेड्रिन जब्त की, चेन्नई से तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई जोनल यूनिट ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यूजीलैंड भेजे जा रहे तीन अंतरराष्ट्रीय कूरियर पार्सलों से 10.990 किलोग्राम एफेड्रिन बरामद की है। जब्त किए गए इस प्रतिबंधित पदार्थ की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹5 करोड़ बताई गई है। मामले में चेन्नई के त्रिप्लिकेन इलाके से एस. हमीद को गिरफ्तार किया गया है।
कार्रवाई का घटनाक्रम
एनसीबी के अनुसार, यह अभियान मुंबई जोनल यूनिट को मिली विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किया गया। एजेंसी के अधिकारियों ने 21 जुलाई को मुंबई में दो संदिग्ध कूरियर पार्सलों की पहचान की और उन्हें रोका। सतही जांच में ये पार्सल फ्लोर मैट वाले प्रतीत हुए, लेकिन गहन तलाशी में फ्लोर मैट और कपड़े के रोल की कई परतों के बीच 7 किलोग्राम एफेड्रिन छिपाकर रखी गई मिली। पार्सलों के साथ संलग्न दस्तावेज भी फर्जी पाए गए।
इस सुराग के आधार पर जांच टीम चेन्नई पहुंची और 23 जुलाई को त्रिप्लिकेन इलाके से एस. हमीद को गिरफ्तार किया। उसके ठिकाने से पैकिंग सामग्री, डिजिटल वजनी मशीन, हीट-सीलिंग मशीन, प्लास्टिक बैग, फर्जी पहचान पत्र और कई डिजिटल उपकरण बरामद हुए।
तीसरा पार्सल भी पकड़ा गया
पूछताछ के दौरान हमीद ने न्यूजीलैंड भेजे जा रहे एक और पार्सल की जानकारी दी। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एनसीबी ने 25 जुलाई को महाराष्ट्र के कल्याण में उस पार्सल को जब्त किया। जांच में बेडशीट और फोटो फ्रेम की परतों के अंदर 3.990 किलोग्राम एफेड्रिन और छिपाई गई मिली। इस तरह तीनों पार्सलों से कुल 10.990 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ बरामद हुआ।
तस्करी नेटवर्क का तरीका
जांच में सामने आया कि चेन्नई से संचालित यह अंतरराष्ट्रीय एफेड्रिन तस्करी गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। गिरोह के सदस्य पुलिस और जांच एजेंसियों की नज़र से बचने के लिए मुंबई और पुणे सहित अलग-अलग शहरों में जाकर कूरियर बुक करते थे और फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते थे।
एफेड्रिन क्यों है खतरनाक
एनसीबी के अनुसार, एफेड्रिन एक नियंत्रित रसायन है जिसका सीमित उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में होता है। हालांकि, इसका बड़े पैमाने पर मेथामफेटामाइन जैसे अत्यंत नशीले सिंथेटिक ड्रग बनाने में उपयोग किया जाता है। यह ड्रग मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित कर अस्थायी उत्साह और मतिभ्रम पैदा करता है, जबकि लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और जानलेवा दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।
आगे की जांच और अपील
फिलहाल एनसीबी जब्त एफेड्रिन के स्रोत और पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है। एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ उसकी निरंतर मुहिम का हिस्सा है। एनसीबी ने 'नशा मुक्त भारत 2047' के लक्ष्य को दोहराते हुए नागरिकों से अपील की है कि नशीले पदार्थों से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी हेल्पलाइन (टोल-फ्री: 1933) पर दें।