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एनसीआर वायु प्रदूषण: 15 दिनों में 199 निरीक्षण, 66 उल्लंघन; 29 डीजी सेट सील करने का प्रस्ताव

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एनसीआर वायु प्रदूषण: 15 दिनों में 199 निरीक्षण, 66 उल्लंघन; 29 डीजी सेट सील करने का प्रस्ताव

सारांश

एनसीआर में वायु प्रदूषण के खिलाफ सीएक्यूएम की कार्रवाई तेज — 15 दिनों में 199 निरीक्षण, 66 उल्लंघन पकड़े गए। 29 डीजी सेट सील और 4 इकाइयाँ बंद करने का प्रस्ताव। मुजफ्फरनगर में 10 में से 9 कारखाने मानकों पर विफल।

मुख्य बातें

सीएक्यूएम की 133वीं ईटीएफ बैठक में 30 मई से 13 जून 2026 के बीच किए गए निरीक्षणों की समीक्षा हुई।
15 दिनों में 199 निरीक्षण — सीएंडडी साइटों पर 10 , औद्योगिक इकाइयों पर 94 , डीजी सेट पर 95 ।
कुल 66 उल्लंघन पाए गए; 29 डीजी सेट सील और 4 इकाइयाँ बंद करने का प्रस्ताव।
मुजफ्फरनगर के विशेष अभियान में 10 में से 9 औद्योगिक इकाइयाँ नियमों के उल्लंघन में पाई गईं।
19 जून 2026 तक फ्लाइंग स्क्वॉड 27,577 इकाइयों का निरीक्षण कर चुके हैं; 1,797 बंदी आदेश जारी।
अनुपालन के बाद 12 इकाइयों — उत्तर प्रदेश में 8, हरियाणा में 3, दिल्ली में 1 — को पुनः संचालन की अनुमति।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपनी प्रवर्तन कार्रवाई को और अधिक सख्त कर दिया है। आयोग की एनफोर्समेंट टास्क फोर्स (ईटीएफ) की 133वीं बैठक में 30 मई से 13 जून 2026 के बीच किए गए निरीक्षणों की व्यापक समीक्षा की गई, जिसमें 66 उल्लंघन सामने आए और कई इकाइयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया।

निरीक्षण अभियान का विवरण

आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड ने 15 दिनों की अवधि में कुल 199 निरीक्षण किए। इनमें निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) स्थलों के 10, औद्योगिक इकाइयों के 94 और डीजल जनरेटर (डीजी) सेट से संबंधित 95 निरीक्षण शामिल थे। कुल 66 उल्लंघन पाए गए — सीएंडडी साइटों पर 8, औद्योगिक क्षेत्र में 23 और डीजी सेट से जुड़े 35 मामले।

प्रस्तावित कार्रवाई

निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर चार औद्योगिक इकाइयों या परियोजनाओं को बंद करने, 29 डीजी सेट सील करने, 12 अनुपालन निर्देश जारी करने तथा दो मामलों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति (ईसी) लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

पिछली बैठक के बाद की प्रगति

बैठक में 132वीं ईटीएफ बैठक के बाद की गई कार्रवाइयों की भी समीक्षा हुई। अनुपालन की पुष्टि के बाद कुल 12 इकाइयों और परियोजनाओं को पुनः संचालन की अनुमति दी गई — इनमें छह औद्योगिक इकाइयाँ और छह सीएंडडी साइटें शामिल हैं। राज्यवार देखें तो उत्तर प्रदेश में 8, हरियाणा में 3 और दिल्ली में 1 पुनः संचालन आदेश जारी किया गया।

मुजफ्फरनगर में विशेष अभियान

ईटीएफ ने 15 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान की रिपोर्ट भी देखी। 10 औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण में केवल एक इकाई नियमों के अनुरूप पाई गई, जबकि नौ में गंभीर खामियाँ मिलीं। इनमें प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का ठीक से काम न करना, वेट स्क्रबर और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस का बंद होना, धुएँ को नियंत्रित करने वाले सिस्टम की खराब स्थिति तथा उत्सर्जन मानकों का पालन न करना शामिल है।

समग्र प्रवर्तन आँकड़े

गौरतलब है कि 19 जून 2026 तक आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड कुल 27,577 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थाओं का निरीक्षण कर चुके हैं। इनमें 1,797 बंदी आदेश जारी किए गए, जबकि 1,416 मामलों में अनुपालन मिलने के बाद पुनः संचालन की अनुमति दी गई। सीएक्यूएम ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि निरीक्षण रिपोर्ट समय पर जमा की जाए और उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आने वाले हफ्तों में निरीक्षण अभियान और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

577 निरीक्षण, 1,797 बंदी आदेश — लेकिन मुजफ्फरनगर का डेटा एक असुविधाजनक सच उजागर करता है: 90% औद्योगिक इकाइयाँ अभी भी मानकों पर विफल हैं। यह सवाल उठता है कि क्या यह अभियान वास्तविक अनुपालन बदल रहा है या केवल कागजी कार्रवाई बढ़ा रहा है। डीजी सेट पर सबसे अधिक उल्लंघन — 35 में से 35 — यह दर्शाता है कि बिजली आपूर्ति की अनिश्चितता और प्रदूषण नियंत्रण की लड़ाई आपस में उलझी हुई है। बिना संरचनात्मक ऊर्जा समाधान के, डीजी सेट पर नकेल कसना एक अंतहीन चक्र बन सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएक्यूएम की 133वीं ईटीएफ बैठक में क्या हुआ?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की 133वीं ईटीएफ बैठक में 30 मई से 13 जून 2026 के बीच एनसीआर में किए गए 199 निरीक्षणों की समीक्षा की गई, जिनमें 66 उल्लंघन पाए गए। बैठक में 29 डीजी सेट सील करने और 4 औद्योगिक इकाइयाँ बंद करने का प्रस्ताव रखा गया।
एनसीआर में डीजी सेट पर इतने उल्लंघन क्यों मिले?
15 दिनों में किए गए 95 डीजी सेट निरीक्षणों में 35 उल्लंघन पाए गए — यह सबसे अधिक उल्लंघन वाली श्रेणी है। इनमें उत्सर्जन मानकों का पालन न करना और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का ठीक से काम न करना प्रमुख कारण रहे।
मुजफ्फरनगर के विशेष निरीक्षण अभियान में क्या सामने आया?
15 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में चलाए गए विशेष अभियान में 10 औद्योगिक इकाइयों में से केवल 1 नियमों के अनुरूप पाई गई। शेष 9 में वेट स्क्रबर बंद होना, एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस की खराबी और उत्सर्जन मानकों का उल्लंघन जैसी गंभीर खामियाँ मिलीं।
कितनी इकाइयों को पुनः संचालन की अनुमति मिली और किन राज्यों में?
अनुपालन की पुष्टि के बाद कुल 12 इकाइयों — 6 औद्योगिक और 6 सीएंडडी साइटें — को पुनः संचालन की अनुमति दी गई। राज्यवार: उत्तर प्रदेश में 8, हरियाणा में 3 और दिल्ली में 1।
सीएक्यूएम ने अब तक एनसीआर में कुल कितने निरीक्षण किए हैं?
19 जून 2026 तक सीएक्यूएम के फ्लाइंग स्क्वॉड कुल 27,577 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थाओं का निरीक्षण कर चुके हैं। इनमें 1,797 बंदी आदेश जारी हुए और 1,416 मामलों में अनुपालन के बाद पुनः संचालन की अनुमति दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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