बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: गांधी मैदान में 32 नए मंत्रियों ने ली शपथ, PM मोदी और अमित शाह रहे मौजूद

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बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: गांधी मैदान में 32 नए मंत्रियों ने ली शपथ, PM मोदी और अमित शाह रहे मौजूद

सारांश

डबल इंजन सरकार और विकास का एजेंडा

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं। राम चंद्र प्रसाद ने अपने बयान में कहा कि अब पूरे बिहार के लोग उनका काम देखेंगे — न केवल एक विधानसभा क्षेत्र के। श्रवण कुमार ने 2005 से पहले और आज की चुनौतियों में अंतर रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले 21 वर्षों में नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाया है। राज भूषण चौधरी ने प्रधानमंत्री की उपस्थिति को बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया।

JDU और गठबंधन की एकजुटता

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने निशांत कुमार को मंत्री बनाए जाने पर कहा कि यह जनता दल (यूनाइटेड) के लिए सौभाग्य की बात है। राम कृपाल यादव ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। नीतीश मिश्रा ने भी मंत्रिपरिषद में पुनः स्थान मिलने पर कृतज्ञता व्यक्त की। संजय कुमार सिंह ने चिराग पासवान और मुख्यमंत्री के प्रति हार्दिक आभार जताया।

आगे क्या

नवगठित मंत्रिमंडल के समक्ष बिहार में बुनियादी ढाँचे के विकास, रोज़गार सृजन और कानून-व्यवस्था जैसी चुनौतियाँ प्रमुख हैं। NDA नेताओं ने केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन सरकार' के माध्यम से बिहार में तेज़ गति से विकास का संकल्प दोहराया है। अब देखना यह होगा कि नए मंत्री अपनी जिम्मेदारियों को किस प्रकार निभाते हैं।

मुख्य बातें

पटना के गांधी मैदान में 7 मई 2026 को सम्राट चौधरी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हुआ।
कुल 32 नेताओं ने मंत्रीपद की शपथ ली, जिनमें निशांत कुमार , विजय कुमार सिन्हा , श्रवण कुमार और लेसी सिंह शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार समारोह में उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि अगले पाँच साल बिहार के लिए 'स्वर्णिम काल' साबित होंगे।
NDA नेताओं ने 'डबल इंजन सरकार' के ज़रिए बिहार में तेज़ विकास का संकल्प दोहराया।

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार संपन्न हुआ। निशांत कुमार, विजय कुमार सिन्हा, श्रवण कुमार और लेसी सिंह समेत कुल 32 नेताओं ने मंत्रीपद की शपथ ली। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार की उपस्थिति ने इस अवसर को राजनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया।

शपथ ग्रहण समारोह का मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार को आयोजित इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने स्पष्ट संदेश दिया कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर गठबंधन की एकजुटता बरकरार है। प्रधानमंत्री मोदी का स्वयं पटना पहुँचना और नवगठित मंत्रिमंडल को आशीर्वाद देना इस समारोह की सबसे बड़ी विशेषता रही। गौरतलब है कि बिहार में NDA की सरकार भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल (यूनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के गठजोड़ पर टिकी है।

नए मंत्रियों की प्रतिक्रियाएँ

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नवगठित मंत्रिमंडल को बधाई देते हुए कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचक यह सवाल उठाते हैं कि प्रति व्यक्ति आय और मानव विकास सूचकांक में बिहार अभी भी राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है। 32 मंत्रियों के शपथ ग्रहण में जाति और क्षेत्रीय संतुलन की झलक साफ़ दिखती है, जो बताती है कि असली एजेंडा विकास के साथ-साथ चुनावी गणित भी है। बिना ठोस नीतिगत रोडमैप के, ये बयान उन्हीं वादों की पुनरावृत्ति बनने का जोखिम उठाते हैं जो हर मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सुनाई देते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार मंत्रिमंडल विस्तार 7 मई 2026 को कहाँ हुआ?
बिहार मंत्रिमंडल विस्तार 7 मई 2026 को पटना के गांधी मैदान में हुआ। इस समारोह में कुल 32 नेताओं ने मंत्रीपद की शपथ ली।
बिहार के नए मंत्रिमंडल में किन प्रमुख नेताओं ने शपथ ली?
निशांत कुमार, विजय कुमार सिन्हा, श्रवण कुमार और लेसी सिंह समेत कुल 32 नेताओं ने शपथ ली। दिलीप जायसवाल को भी पुनः मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बिहार शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन से केंद्रीय नेता शामिल हुए?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार इस समारोह में शामिल हुए। प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत उपस्थिति को NDA एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है।
'डबल इंजन सरकार' से बिहार को क्या फ़ायदा होने की उम्मीद है?
NDA नेताओं का कहना है कि केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार होने से विकास योजनाओं को तेज़ी से लागू किया जा सकेगा। चिराग पासवान ने कहा कि अगले पाँच साल बिहार के लिए स्वर्णिम काल साबित होंगे।
सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह मंत्रिमंडल विस्तार बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले NDA की एकजुटता और जाति-क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। 32 मंत्रियों की नियुक्ति में BJP, JDU और LJP (रामविलास) के बीच गठबंधन की झलक स्पष्ट है।
राष्ट्र प्रेस
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