बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: सम्राट चौधरी सरकार में 20 मंत्रियों ने ली शपथ, गांधी मैदान में PM मोदी-अमित शाह रहे मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार का 7 मई 2026 को बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार हुआ, जिसमें पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कुल 20 मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित एनडीए के कई शीर्ष नेता उपस्थित रहे।
किन-किन नेताओं ने ली शपथ
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने पहले चरण में विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार, निशान्त कुमार और लेसी सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही नीतीश मिश्रा समेत पाँच मंत्रियों ने भी एक साथ शपथ ली।
दूसरे चरण में रामकृपाल यादव, दामोदर रावत, संजय सिंह टाइगर और अशोक चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इसके अलावा मदन सहनी, भगवान सिंह कुशवाहा, अरुण शंकर प्रसाद, संतोष कुमार सुमन और रमा निषाद भी सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में शामिल हुए।
तीसरे चरण में रत्नेश सदा, कुमार शैलेंद्र, शीला कुमार, केदार प्रसाद गुप्ता और लखेंद्र कुमार रौशन ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली।
समारोह में कौन-कौन रहे मौजूद
गांधी मैदान में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राज्यसभा सांसद एवं बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। यह समारोह बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार की ताकत का प्रदर्शन भी माना जा रहा है।
सम्राट चौधरी सरकार बनने की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पिछले महीने जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बिहार में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनी और सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ जदयू के बिजेन्द्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी उप मुख्यमंत्री बने।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पहले से ही शुरू हो चुकी हैं। बिहार एनडीए में भाजपा और जदयू के अलावा लोजपा (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा भी शामिल हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ अब नई सरकार के सामने बिहार में विकास कार्यों को गति देने, बेरोज़गारी और बुनियादी ढाँचे की चुनौतियों से निपटने की ज़िम्मेदारी है। नए मंत्रियों के विभागों का आवंटन शीघ्र होने की उम्मीद है, जिसके बाद नीतिगत प्राथमिकताएँ स्पष्ट होंगी।