एनडीए 'मंगल मिलन' में तिरंगा लहराया, PM मोदी व सांसद राजिंदर गुप्ता समेत गठबंधन एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
संसद पुस्तकालय भवन में 11 अगस्त को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की साप्ताहिक 'मंगल मिलन' बैठक देशभक्ति के उत्साह के बीच आयोजित हुई, जहाँ सांसदों ने एक साथ तिरंगा लहराया और 'वंदे मातरम' व 'भारत माता की जय' के नारों से संसद परिसर गूँज उठा। यह बैठक मानसून सत्र के अंतिम दो दिनों से ठीक पहले हुई, जब गठबंधन को विपक्षी दलों के लगातार विरोध-प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता इस अवसर पर उपस्थित रहे। सांसद राजिंदर गुप्ता भी उन NDA सांसदों में शामिल थे जिन्होंने तिरंगा लहराने के इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया।
राजिंदर गुप्ता का संदेश
सांसद राजिंदर गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा, 'आजादी का सम्मान, भविष्य के लिए प्रेरणा।' उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत नई संभावनाओं को अपना रहा है और अपनी नींव मजबूत कर रहा है। गुप्ता ने लिखा, 'हमारा तिरंगा सिर्फ एक प्रतीक नहीं है — इसमें उन लोगों का बलिदान शामिल है जिन्होंने हमें आजादी दिलाई।' उन्होंने 'हर घर तिरंगा' अभियान के ज़रिए राष्ट्रीय एकता का संकल्प दोहराने का आह्वान करते हुए 'जय हिंद' के साथ अपनी पोस्ट समाप्त की।
'हर घर तिरंगा' और 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगाँठ
यह देशभक्तिपूर्ण आयोजन 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस से कुछ दिन पहले हुआ। इस वर्ष का 'हर घर तिरंगा' अभियान विशेष रूप से 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूर्ण होने को समर्पित है। प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और राष्ट्र-निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नए सिरे से दोहराने का आह्वान किया है।
मानसून सत्र का राजनीतिक परिदृश्य
बैठक के बाद NDA सांसद संसद भवन की ओर मार्च करते हुए आगे बढ़े। इस दौरान विपक्षी दलों का विरोध-प्रदर्शन जारी रहा, जिसमें NEET परीक्षा विवाद और 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे प्रमुख रहे। गौरतलब है कि मानसून सत्र में विपक्षी दलों द्वारा बार-बार कामकाज में बाधा डाले जाने की घटनाएँ सामने आती रही हैं।
आगे क्या
मानसून सत्र के शेष दो दिनों में लंबित विधायी कामकाज को पूरा करने की चुनौती NDA के सामने है। मंगलवार की 'मंगल मिलन' बैठक और उसके बाद हुए मार्च ने गठबंधन की एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया — संसदीय समन्वय, राजनीतिक खींचतान और राष्ट्रीय प्रतीकों का जोरदार प्रदर्शन, ये तीनों सत्र के अंतिम चरण की केंद्रीय विशेषताएँ बन गई हैं।