नेहरु पुण्यतिथि 2025: खड़गे-राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने शांति वन पर दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता 27 मई 2025 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की पुण्यतिथि पर शांति वन, नई दिल्ली पहुँचे और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक भी इस अवसर पर शांति वन में उपस्थित रहे।
खड़गे का नेहरु को नमन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर नेहरु का एक ऐतिहासिक वक्तव्य साझा किया, जिसमें नेहरु ने कहा था — 'देश की रक्षा, देश की उन्नति, देश की एकता — ये हम सबका राष्ट्रीय धर्म है। हम अलग-अलग धर्मों पर चलें, अलग-अलग प्रदेशों में रहें, अलग भाषाएं बोलें, पर उससे कोई दीवार हमारे बीच खड़ी नहीं होनी चाहिए। सभी लोगों को उन्नति में बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। हम नहीं चाहते कि हमारे देश में कुछ लोग बहुत बड़े अमीर हों और अधिकतर लोग गरीब हों।'
खड़गे ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भारत रत्न पंडित नेहरु आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखने वाले, लोकतांत्रिक मूल्यों के अडिग प्रहरी और वैज्ञानिक सोच, औद्योगिक विकास तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता के मार्गदर्शक थे। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरु की दूरदर्शी सोच और संस्थाओं के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता ने भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई।
कांग्रेस की आधिकारिक श्रद्धांजलि
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा गया कि आधुनिक भारत के शिल्पकार पंडित नेहरु के आदर्श देश के विकास का मार्ग दिखाते रहेंगे। पार्टी ने 'हिंद के जवाहर' को कोटिशः नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता और देशभक्ति की वह मिसाल है जो आज भी चुनौतियों से लड़ने का हौसला देती है।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर नेहरु को 'आधुनिक भारत के निर्माता, वैज्ञानिक सोच के प्रेरक और लोकतंत्र के सशक्त प्रहरी' बताते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि नेहरु की दूरदृष्टि और समावेशी सोच देशवासियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने एक्स पर लिखा कि नेहरु ने आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी तथा लोकतंत्र, वैज्ञानिक सोच, शिक्षा एवं सार्वजनिक संस्थाओं को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी एक्स पर नेहरु को महान स्वतंत्रता सेनानी और देश के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में याद करते हुए कहा कि उनकी लोकतंत्र, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रीय एकता की विचारधारा से ही भारत एक सशक्त एवं समावेशी राष्ट्र बनेगा।
शांति वन का महत्त्व
शांति वन नई दिल्ली में यमुना तट पर स्थित वह स्मारक स्थल है जहाँ 27 मई 1964 को निधन के बाद पंडित नेहरु का अंतिम संस्कार किया गया था। यह स्थल हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर राजनीतिक दलों और नागरिकों के लिए श्रद्धांजलि का केंद्र बनता है। गौरतलब है कि नेहरु भारत के सबसे लंबे समय तक — 1947 से 1964 तक — प्रधानमंत्री पद पर रहे।
आगे की राह
नेहरु की पुण्यतिथि पर कांग्रेस का यह एकजुट प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब पार्टी अपनी वैचारिक विरासत को पुनः स्थापित करने के प्रयास में है। पार्टी नेतृत्व की ओर से नेहरु के आदर्शों — विशेष रूप से वैज्ञानिक सोच, लोकतांत्रिक मूल्य और सामाजिक समानता — को आगामी राजनीतिक विमर्श में केंद्रीय स्थान देने के संकेत मिल रहे हैं।