एनएफआर 2026: कवच अपग्रेड, 14 नई ट्रेनें और ₹2,744 करोड़ की आय — पूर्वोत्तर रेलवे की बड़ी छलांग
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने 2026 में सुरक्षा, आधुनिकीकरण, यात्री कनेक्टिविटी, माल ढुलाई और हरित ऊर्जा के मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। गुवाहाटी के मालीगांव स्थित एनएफआर मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि रेलवे का मूल सिद्धांत "100 प्रतिशत सुरक्षा, शून्य जोखिम" है और इसी के तहत समूचे जोन में व्यापक सुधार किए गए हैं।
सुरक्षा और तकनीकी उन्नयन
श्रीवास्तव के अनुसार, आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और उन्नत निगरानी तकनीकों के ज़रिए रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाया गया है। 130 से अधिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में कवच प्रणाली को अपग्रेड किया गया है, जो टक्कर-रोधी तकनीक के रूप में कार्य करती है।
इसके साथ ही पूरे जोन में 30 हॉट बॉक्स डिटेक्टर और तीन ऑटोमेटिक ट्रेन एग्जामिनेशन सिस्टम स्थापित किए गए हैं। लेवल क्रॉसिंग गेट को समाप्त करने और नए फुट ओवर ब्रिज निर्माण पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है, जिससे यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
यात्री कनेक्टिविटी में विस्तार
2026 में एनएफआर ने 14 जोड़ी नई ट्रेन सेवाएं शुरू कीं, जिनमें वंदे भारत स्लीपर, अमृत भारत और अन्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। कामाख्या से भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का शुभारंभ और अगरतला से करीमगंज के बीच पहली मेमू सेवा की शुरुआत को पूर्वोत्तर रेल कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक कदम बताया गया है।
अधिक यातायात वाले समय में यात्रियों की माँग पूरी करने के लिए विशेष ट्रेनों की 674 यात्राएं संचालित की गईं। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों में रेल यात्रा की माँग लगातार बढ़ रही है।
राजस्व और माल ढुलाई प्रदर्शन
अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच एनएफआर की अपॉर्शन की गई आय ₹2,744 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। टिकट जाँच से होने वाली आय में 37 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की आय ₹18 करोड़ के आँकड़े को पार कर गई, जो इसी अवधि के लिए अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। माल ढुलाई के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के लिए सात नए फ्रेट टर्मिनल और हाबाइपुर तथा बैहाटा में दो गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए गए हैं।
गौरतलब है कि जुलाई 2026 में भारत से पहली कंटेनर ट्रेन नेपाल पहुँची — जो सीमा पार माल परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जोगीघोपा रेलवे स्टेशन यार्ड और जोगीघोपा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के बीच रेल संपर्क का कार्य भी पूरा हो चुका है।
हरित ऊर्जा और बुनियादी ढाँचा
जनवरी से जुलाई 2026 के बीच एनएफआर ने 23.7 मेगावाट पीक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की, जो भारतीय रेलवे के सभी जोन में सर्वाधिक है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और परिचालन को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों — कामाख्यागुड़ी, मजबाट, जलपाईगुड़ी रोड और हल्दीबाड़ी — का उद्घाटन किया। इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएँ और उन्नत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराया गया है।
आपदा प्रबंधन और आगे की राह
बाढ़ से प्रभावित सिमालुगुड़ी में रेलवे ट्रैक को महज 17 दिनों में बहाल किया गया, जिसमें 700 से अधिक रेलवे कर्मचारियों ने दिन-रात काम किया। न्यू हरंगाजाओ में खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों से प्रभावित ढाँचे की बहाली का काम अभी जारी है।
श्रीवास्तव ने कहा कि एनएफआर की सभी पहलें 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप हैं। पूर्वोत्तर के पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण इलाकों में निर्बाध रेल कनेक्टिविटी बनाए रखना एनएफआर की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बना रहेगा।