नगरासू गुरुद्वारा विवाद: निहंग सिख 24 घंटे बाद भी छत पर डटे, भगवंत मान ने धामी से की बात
सारांश
मुख्य बातें
रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों और सेवादारों के बीच उपजा विवाद 22 जून 2026 को और गहरा गया, जब निहंग सिख 24 घंटे से अधिक समय बाद भी गुरुद्वारे की छत पर डटे रहे और उन्होंने मार्ग अवरुद्ध कर दिया। हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा मार्ग पर स्थित इस गुरुद्वारे में तनाव के बीच 55 वर्षीय एक सिख तीर्थयात्री के कथित अपहरण की खबरों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
विवाद की पृष्ठभूमि
रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर के अनुसार, 20 जून 2026 को दोपहर 3:40 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को 112 के माध्यम से सूचना मिली कि नगरासू गुरुद्वारे में दो गुटों के बीच बहस हो रही है। पुलिस मौके पर पहुँची और शांति स्थापित करने का प्रयास किया, परंतु इसके बाद निहंग सिख गुरुद्वारे की छत पर चले गए और रास्ता बंद कर दिया।
एसपी तोमर ने बताया कि गुरुद्वारे के सेवादारों और वहाँ पहुँचे निहंग सिख यात्रियों के बीच किसी विषय को लेकर यह विवाद शुरू हुआ। प्रशासन, पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति लगातार बातचीत कर रही है और निहंग सिखों की माँगें जानने की कोशिश की जा रही है।
निहंग सिखों की माँगें
कर्णप्रयाग में हुई घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए निहंग सिखों की रिहाई निहंग तीर्थयात्रियों की प्रमुख माँग है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि हिरासत में लिए गए साथियों को रिहा नहीं किया गया, तो देश भर से बड़ी संख्या में निहंग सिख उत्तराखंड में एकत्र होंगे। इस चेतावनी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएँ निलंबित कर दी गई हैं।
मुख्यमंत्रियों के बीच संवाद
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधी बातचीत की। मान ने उत्तराखंड में रह रही सिख संगत से शांति बनाए रखने की अपील की और पंजाब सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा अपने चरम पर है और हज़ारों श्रद्धालु इस मार्ग से गुज़र रहे हैं। गौरतलब है कि नगरासू गुरुद्वारा इस पवित्र यात्रा के प्रमुख पड़ावों में से एक है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की स्थिति
जिला प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और स्थानीय प्रशासन मिलकर बातचीत के ज़रिए मामला सुलझाने में जुटे हैं। इंटरनेट सेवाओं के निलंबन से क्षेत्र में सूचनाओं का प्रवाह प्रभावित हुआ है, जिससे तीर्थयात्रियों में भी अनिश्चितता बनी हुई है।
आगे की स्थिति
प्रशासन की ओर से बातचीत जारी है और स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि निहंग सिखों की माँगें नहीं मानी गईं, तो उनकी चेतावनी के मद्देनज़र तनाव और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हेमकुंड साहिब यात्रा पर इस विवाद के प्रभाव को लेकर श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों की नज़रें अगले कुछ घंटों पर टिकी हैं।