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कर्णप्रयाग मारपीट: चार निहंग सिख जमानत पर रिहा, पांवटा साहिब पहुंचे — बोले 'प्रशासन के दायरे में हैं'

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कर्णप्रयाग मारपीट: चार निहंग सिख जमानत पर रिहा, पांवटा साहिब पहुंचे — बोले 'प्रशासन के दायरे में हैं'

सारांश

कर्णप्रयाग में 16 जून की मारपीट के बाद जेल में बंद चार निहंग सिखों को अदालत ने ₹50,000 के बंधकपत्र पर जमानत दी। 28 जून को रिहाई के बाद वे पांवटा साहिब पहुंचे और कहा — 'हम प्रशासन के दायरे में हैं, किसी के खिलाफ नहीं।'

मुख्य बातें

16 जून को कर्णप्रयाग (चमोली, उत्तराखंड) में निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट हुई; पुलिस ने जान से मारने के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत ने 28 जून को चारों आरोपियों — सतविन्द्र सिंह, अजय सिंह, जसनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह — की जमानत याचिका स्वीकार की।
प्रत्येक आरोपी को ₹50,000 के बंधकपत्र या दो-दो जमानतियों की शर्त पर जमानत मिली।
तीन आरोपी पुरसाड़ी जेल में थे; एक एम्स ऋषिकेश में न्यायिक अभिरक्षा में उपचाराधीन था।
निष्पक्ष जाँच के लिए विवेचना हरिद्वार जनपद को स्थानांतरित की गई है।
रिहाई के बाद चारों पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) पहुंचे, जहाँ निहंग सिख समूहों ने स्वागत किया।

उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई मारपीट की घटना में गिरफ्तार चारों निहंग सिख आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत से जमानत मिल गई। 28 जून को रिहाई के बाद ये चारों पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) पहुंचे, जहाँ निहंग सिख समूहों ने उनका स्वागत किया।

मुख्य घटनाक्रम

16 जून को कर्णप्रयाग में निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ, जो मारपीट में तब्दील हो गया। पुलिस ने हमले में शामिल निहंगों के खिलाफ जान से मारने के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई विवादित पोस्ट वायरल हुईं। निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए विवेचना हरिद्वार जनपद को स्थानांतरित कर दी गई।

अदालत का फैसला

अदालत ने शनिवार को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों — सतविन्द्र सिंह, अजय सिंह, जसनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह — की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को ₹50,000 के बंधकपत्र या दो-दो जमानतियों की शर्त पर जमानत देने का आदेश पारित किया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मोहन पंत ने पैरवी की।

हिरासत की स्थिति

तीन आरोपी पुरसाड़ी जेल में निरुद्ध थे, जबकि एक आरोपी एम्स ऋषिकेश में उपचाराधीन होने के साथ न्यायिक अभिरक्षा में था। जमानत की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सभी की रिहाई की प्रक्रिया संपन्न हुई।

निहंग सिखों की प्रतिक्रिया

पांवटा साहिब पहुंचने पर एक निहंग सिख ने कहा कि उन्होंने 25 तारीख को यह तय करके कूच किया था कि वे अपने साथियों की जमानत सुनिश्चित करेंगे और उन्हें पंजाब लौटाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रशासन, संगत, जत्थेबंदियों और हरियाणा कमेटी के साथ मिलकर काम किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हम प्रशासन के दायरे में हैं। निहंग सिख किसी के खिलाफ नहीं हैं।'

आगे की स्थिति

मामले की जाँच अब हरिद्वार जनपद में जारी है। चारों आरोपियों की जमानत के बाद यह देखना अहम होगा कि अभियोजन पक्ष आगे क्या कदम उठाता है। यह घटना उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों और स्थानीय समुदायों के बीच तनाव के व्यापक सवाल को भी रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जमानत के बाद अभियोजन की गति पर नज़र रखना ज़रूरी है। सोशल मीडिया पर वायरल विवादित पोस्टों ने इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की, जिससे ज़मीनी तथ्यों की स्वतंत्र पड़ताल और भी अहम हो जाती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्णप्रयाग निहंग सिख मारपीट मामला क्या है?
16 जून को उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई। पुलिस ने जान से मारने के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था।
चारों निहंग सिखों को जमानत कब और कैसे मिली?
28 जून को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चारों आरोपियों — सतविन्द्र सिंह, अजय सिंह, जसनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह — की जमानत याचिका स्वीकार की। प्रत्येक को ₹50,000 के बंधकपत्र या दो-दो जमानतियों की शर्त पर जमानत दी गई।
मामले की जाँच हरिद्वार क्यों स्थानांतरित की गई?
प्रकरण की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए विवेचना चमोली से हरिद्वार जनपद को स्थानांतरित की गई। यह कदम संभवतः स्थानीय प्रभाव से जाँच को दूर रखने के उद्देश्य से उठाया गया।
रिहाई के बाद निहंग सिखों ने क्या कहा?
पांवटा साहिब पहुंचने पर एक निहंग सिख ने कहा कि उन्होंने प्रशासन, संगत, जत्थेबंदियों और हरियाणा कमेटी के साथ मिलकर काम किया और मोर्चा सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'निहंग सिख किसी के खिलाफ नहीं हैं और प्रशासन के दायरे में हैं।'
आगे इस मामले में क्या होगा?
जमानत मिलने के बाद मामले की जाँच हरिद्वार जनपद में जारी रहेगी। अभियोजन पक्ष के अगले कदम और अदालत में आगे की सुनवाई यह तय करेगी कि आरोपियों पर मुकदमा किस दिशा में जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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