11 जुलाई 2026
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या संसद में नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश किया?

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या संसद में नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश किया?

सारांश

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश किया है। इस बिल में संसदीय चयन समिति के सुझावों को शामिल किया गया है, जो करदाताओं के लिए एक सरल और पारदर्शी ढांचे का निर्माण करेगा। जानें इस महत्वपूर्ण विधेयक के बारे में और कैसे यह भारत में कर प्रणाली को बदलने का वादा करता है।

मुख्य बातें

नया इनकम टैक्स बिल 2025 पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देगा।
इसमें 285 सुझाव शामिल हैं जो करदाताओं के लिए फायदेमंद होंगे।
बिल का उद्देश्य कर प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
पुराने बिल को वापस लिया गया था।
कानून पारित होने पर भारत के कर ढांचे में सुधार होगा।

नई दिल्ली, 11 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में इनकम टैक्स बिल, 2025 का नया संशोधित संस्करण प्रस्तुत किया। इस बिल में भाजपा नेता बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय चयन समिति द्वारा दी गई मुख्य सिफारिशें शामिल हैं।

वित्त मंत्री सीतारमण ने लोकसभा में विधेयक पेश करते हुए कहा कि कई सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें उचित विधायी अर्थ प्रदान करने के लिए शामिल किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, "ड्राफ्टिंग की प्रकृति, वाक्यांशों के संरेखण, परिणामी परिवर्तनों और क्रॉस रेफरेंसिंग में सुधार किए गए हैं।"

सीतारमण ने बताया कि पहले के बिल को भ्रम से बचाने के लिए वापस लिया गया था।

उन्होंने कहा कि संशोधित बिल निष्पक्षता और स्पष्टता में सुधार करेगा और कानून को मौजूदा प्रावधानों के अनुरूप बनाएगा।

नए ड्राफ्ट का उद्देश्य सांसदों को एक अद्यतन संस्करण प्रदान करना है, जो सभी सुझाए गए परिवर्तनों को दर्शाता है।

नए इनकम टैक्स बिल 2025 में संसदीय चयन समिति के 285 सुझाव शामिल हैं। नया कानून कर प्रक्रियाओं को सरल बनाने और पिछली कमियों को दूर करने का लक्ष्य रखता है, जिससे देश में आयकर परिदृश्य में संभावित बदलाव आ सकता है।

पिछले सप्ताह, इनकम टैक्स बिल, 2025 को सरकार ने औपचारिक रूप से वापस ले लिया था, जिसे 13 फरवरी को लोकसभा में मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 के स्थान पर पेश किया गया था।

इस कानून की समीक्षा के लिए जिम्मेदार संसदीय चयन समिति के अध्यक्ष पांडा के अनुसार, नया कानून, यदि पारित होता है, तो भारत के दशकों पुराने कर ढांचे को सरल बनाएगा, कानूनी उलझनों को कम करेगा और व्यक्तिगत करदाताओं तथा एमएसएमई को अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचने में मदद करेगा।

पांडा के अनुसार, वर्तमान इनकम टैक्स एक्ट, 1961 में 4,000 से अधिक संशोधन हो चुके हैं और इसमें 5 लाख से अधिक शब्द हैं। यह बहुत जटिल हो गया है। नया बिल इसे लगभग 50 प्रतिशत तक सरल बनाता है, जिससे आम करदाताओं के लिए इसे पढ़ना और समझना कहीं अधिक आसान हो जाता है।

संसदीय समिति ने कई ड्राफ्टिंग त्रुटियों को उजागर किया था और अस्पष्टता को कम करने के लिए सुधारों का सुझाव दिया था।

सरकार के अनुसार, संशोधित बिल में सभी करदाताओं को लाभ पहुँचाने के लिए स्लैब और दरों में व्यापक बदलाव किए गए हैं। नए ढांचे से मध्यवर्ग के करों में कमी आएगी और उनके हाथों में अधिक पैसा बचेगा, जिससे घरेलू उपभोग, बचत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नए इनकम टैक्स बिल का उद्देश्य क्या है?
नए इनकम टैक्स बिल का उद्देश्य कर प्रक्रियाओं को सरल बनाना और करदाताओं के लिए स्पष्टता को बढ़ाना है।
इस बिल में कितने सुझाव शामिल हैं?
इस बिल में संसदीय चयन समिति के 285 सुझाव शामिल हैं।
कब पेश किया गया था नया इनकम टैक्स बिल?
नया इनकम टैक्स बिल 2025 को 11 अगस्त को पेश किया गया।
क्या पुराने बिल को वापस लिया गया?
हाँ, पहले के बिल को भ्रम से बचाने के लिए वापस लिया गया।
नया कानून कब लागू हो सकता है?
यदि यह विधेयक संसद में पारित होता है, तो यह जल्द ही लागू हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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