निशांत कुमार ने जदयू कार्यालय में राम मनोहर लोहिया को श्रद्धांजलि अर्पित की, नीतीश कुमार के कार्यों की तारीफ की

Click to start listening
निशांत कुमार ने जदयू कार्यालय में राम मनोहर लोहिया को श्रद्धांजलि अर्पित की, नीतीश कुमार के कार्यों की तारीफ की

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने जदयू कार्यालय में राम मनोहर लोहिया को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नीतीश कुमार की प्रभावशाली नेतृत्व की सराहना की और लोहिया के सिद्धांतों को लागू करने की बात की।

Key Takeaways

  • निशांत कुमार ने लोहिया को श्रद्धांजलि दी।
  • नीतीश कुमार ने राज्य में कानून व्यवस्था बहाल की।
  • लोहिया के सिद्धांतों पर आधारित राजनीतिक विचारधारा
  • महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया।
  • यह यात्रा राजनीतिक भागीदारी का संकेत है।

पटना, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने सोमवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यालय में पहुंचकर समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के चित्र पर माल्यार्पण किया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

इस दौरान, निशांत कुमार का पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल से स्वागत किया। उन्होंने पार्टी मुख्यालय में लगभग एक घंटे बिताया और संगठनात्मक मुद्दों और सरकार के कार्यों पर चर्चा की।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में, निशांत कुमार ने बिहार में 2005 से पहले की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय राज्य में दंगों और हिंसा की घटनाएं लगातार होती रहीं। उन्होंने अपने पिता को कानून व्यवस्था

उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता की राजनीतिक विचारधारा पर राम मनोहर लोहिया का गहरा प्रभाव रहा है। निशांत कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने लोहिया को अपना गुरु मानते हुए पटना के गांधी मैदान में उनके भाषण से गहरी प्रेरणा ली।

लोहिया के सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए, निशांत कुमार ने कहा कि ये सिद्धांत लैंगिक समानता, जाति और सामाजिक भेदभाव का उन्मूलन, आर्थिक न्याय और सत्य एवं अहिंसा पर आधारित हैं।

उन्होंने बताया कि उनके पिता ने इन आदर्शों को अपनाया और जन कल्याण के लिए शासन में लागू किया। उन्होंने महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया और समाज के सभी वर्गों में समावेशी विकास को सुनिश्चित करने का प्रयास किया। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में हमेशा ईमानदारी बनाए रखी।

यह यात्रा और उनके बयानों ने राजनीतिक हलकों में ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि यह निशांत कुमार की एक दुर्लभ सार्वजनिक और राजनीतिक भागीदारी है।

निशांत कुमार ने फिर से इस बात पर जोर दिया कि जब 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पदभार संभाला, तब बिहार लगातार दंगों और अशांति से जूझ रहा था—एक ऐसी स्थिति जिसे उनके नेतृत्व में प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया गया था।

बिहार दिवस के अवसर पर, निशांत कुमार ने राज्य की जनता को शुभकामनाएं दीं और बधाई दीं।

Point of View

NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

निशांत कुमार ने लोहिया को श्रद्धांजलि क्यों दी?
निशांत कुमार ने लोहिया को श्रद्धांजलि दी क्योंकि वे उनके राजनीतिक विचारों से प्रेरित हैं और उन्हें अपने पिता नीतीश कुमार का गुरु मानते हैं।
नीतीश कुमार ने बिहार में क्या सुधार किए?
नीतीश कुमार ने बिहार में कानून व्यवस्था बहाल करने, महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए।
लोहिया के सिद्धांत क्या हैं?
लोहिया के सिद्धांत लैंगिक समानता, जाति और सामाजिक भेदभाव का उन्मूलन, आर्थिक न्याय और सत्य एवं अहिंसा के पालन पर केंद्रित हैं।
इस यात्रा का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह यात्रा निशांत कुमार की राजनीतिक भागीदारी को दर्शाती है और यह दिखाती है कि वे अपने पिता के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बिहार दिवस पर निशांत कुमार ने क्या कहा?
बिहार दिवस के अवसर पर, निशांत कुमार ने राज्य की जनता को शुभकामनाएं और बधाई दीं।
Nation Press