4 अगस्त 2026
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विकसित भारत 2047 में एनआईटी की अहम भूमिका: मणिपुर सीएम युमनाम खेमचंद सिंह का इंफाल दीक्षांत समारोह में संबोधन

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विकसित भारत 2047 में एनआईटी की अहम भूमिका: मणिपुर सीएम युमनाम खेमचंद सिंह का इंफाल दीक्षांत समारोह में संबोधन

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने एनआईटी इंफाल के दीक्षांत समारोह में विकसित भारत 2047 को साकार करने में तकनीकी संस्थानों की निर्णायक भूमिका रेखांकित की और राज्य में एनआईटी का स्थायी कैंपस बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 4 अगस्त 2026 को एनआईटी मणिपुर, इंफाल के दीक्षांत समारोह में शिरकत की।
सीएम ने कहा कि एनआईटी जैसे संस्थान विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राज्य सरकार ने मणिपुर में एनआईटी का स्थायी कैंपस स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई; भूमि के लिए हितधारकों से संवाद जारी।
भाजपा विधायक रामेश्वर सिंह के सहयोग को कैंपस विजन को आगे बढ़ाने में सराहा गया।
मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए; बोर्ड अध्यक्ष बजरंग लाल बागरा ने छात्रों से नवाचार और सेवाभाव अपनाने का आग्रह किया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 4 अगस्त 2026 को इंफाल स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) मणिपुर के दीक्षांत समारोह में कहा कि एनआईटी जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने रेखांकित किया कि ये संस्थान कुशल मानव संसाधन तैयार करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और देश के समग्र विकास को गति देने में अग्रणी योगदान दे रहे हैं।

दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस अवसर पर स्नातक की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने एनआईटी मणिपुर को पूर्वोत्तर भारत का एक उभरता हुआ और महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान बताया। स्नातक विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे कौशल को अपना मूलमंत्र बनाएं और विकसित भारत तथा विकसित मणिपुर के निर्माण में अपनी प्रतिभा का सदुपयोग करें।

स्थायी कैंपस के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने मणिपुर में एनआईटी का स्थायी कैंपस स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अन्य हितधारकों के साथ भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में संवाद जारी है। इस विजन को आगे बढ़ाने में भाजपा विधायक रामेश्वर सिंह के सहयोग की भी उन्होंने सराहना की।

तकनीकी शिक्षा और राष्ट्र निर्माण

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत 2047 के विजन को धरातल पर उतारने में तकनीकी शिक्षा की केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देंगे। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का संदेश

एनआईटी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष बजरंग लाल बागरा ने स्नातक हो रहे छात्रों को बधाई देते हुए उनसे ईमानदारी, नवाचार और सेवाभाव को अपने जीवन का आधार बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मार्गदर्शन नीति और करुणा से होना चाहिए, और छात्रों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए।

स्वर्ण पदक और उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष और संस्थान निदेशक के साथ मिलकर इस शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। कार्यक्रम में एनआईटी मणिपुर के निदेशक प्रो. डी.वी.एल.एन. सोमयाजुलु, रजिस्ट्रार प्रो. खुमुकचम तोम्बा सिंह, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स और अकादमिक सीनेट के सदस्य, डीन, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी, स्नातक विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे। गौरतलब है कि एनआईटी मणिपुर पूर्वोत्तर भारत के उन चुनिंदा तकनीकी संस्थानों में है जो केंद्र सरकार के सीधे अधीन संचालित होते हैं, और इसका स्थायी कैंपस इस क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाई देने की क्षमता रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि संस्थान की स्थापना को वर्षों बीत चुके हैं। स्थायी कैंपस के लिए 'संवाद जारी है' जैसे वाक्यांश यह संकेत देते हैं कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी भी अधूरी है। विकसित भारत 2047 के नारे के बीच यह सवाल उठता है कि पूर्वोत्तर के तकनीकी संस्थानों को स्थायी बुनियादी ढाँचा देने की समयसीमा क्या है — और क्या केंद्र की प्राथमिकता सूची में ये संस्थान उतने ऊपर हैं जितना भाषणों में दिखता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईटी मणिपुर का दीक्षांत समारोह कब और कहाँ हुआ?
यह दीक्षांत समारोह 4 अगस्त 2026 को इंफाल स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) मणिपुर में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मणिपुर सीएम ने विकसित भारत 2047 में एनआईटी की क्या भूमिका बताई?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि एनआईटी जैसे संस्थान कुशल मानव संसाधन तैयार करने, नवाचार को बढ़ावा देने और देश के समग्र विकास को गति देने में अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इन्हें विकसित भारत 2047 के विजन की रीढ़ बताया।
एनआईटी मणिपुर के स्थायी कैंपस की क्या स्थिति है?
मुख्यमंत्री ने स्थायी कैंपस स्थापित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और बताया कि भूमि उपलब्ध कराने के लिए हितधारकों के साथ संवाद जारी है। भाजपा विधायक रामेश्वर सिंह इस विजन को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं।
दीक्षांत समारोह में कौन-से विषयों के स्नातकों को उपाधि मिली?
सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग की उपाधि प्रदान की गई। मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक भी दिए गए।
एनआईटी मणिपुर के निदेशक और रजिस्ट्रार कौन हैं?
एनआईटी मणिपुर के निदेशक प्रो. डी.वी.एल.एन. सोमयाजुलु हैं और रजिस्ट्रार प्रो. खुमुकचम तोम्बा सिंह हैं। दोनों दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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