मणिपुर के मुख्यमंत्री ने शांति, विकास और स्थिरता के अंतर्संबंध पर दिया जोर

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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने शांति, विकास और स्थिरता के अंतर्संबंध पर दिया जोर

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा है कि शांति, स्थिरता और विकास का आपस में गहरा संबंध है। उन्होंने विकास को स्थायी शांति के लिए आवश्यक बताया और समावेशी विकास पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • शांति, स्थिरता और विकास के बीच गहरा संबंध है।
  • समावेशी विकास स्थिरता की नींव है।
  • क्रेडिट का विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।
  • ट्राइब्स प्रोजेक्ट जनजातीय समुदायों के लिए है।
  • राज्य में 3,500 करोड़ रुपये की क्रेडिट क्षमता का अनुमान।

इंफाल, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को कहा कि शांति, स्थिरता और विकास के बीच एक गहरा संबंध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि "विकास के बिना स्थायी शांति की कोई संभावना नहीं है।"

मुख्यमंत्री ने "क्रेडिट-लेड डेवलपमेंट इन मणिपुर" विषय पर आयोजित सेमिनार में ‘स्टेट फोकस पेपर 2026-27’ का विमोचन करते हुए कहा कि समावेशी विकास ही स्थिरता की असली नींव है। उन्होंने कहा, "इन्क्लूसिव ग्रोथ वह मूल सिद्धांत है, जिसके आधार पर हम आगे काम करेंगे।"

यह पेपर इंफाल में आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2026 के दौरान जारी किया गया, जिसका आयोजन नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के मणिपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चुराचांदपुर जिले में ‘ट्राइब्स प्रोजेक्ट’ का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।

मुख्यमंत्री ने विकास में वित्तीय सहायता की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर विकास के लिए संस्थानिक ऋण बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा, "क्रेडिट केवल एक वित्तीय साधन नहीं है, बल्कि विकास का एक शक्तिशाली माध्यम है।"

उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा तैयार किए गए क्रेडिट प्रोजेक्शन राज्य में विकास की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मणिपुर की आर्थिक संभावनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बागवानी, मत्स्य पालन, हथकरघा और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को ग्रामीण विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से किसान उत्पादक संगठनों (ईपीओ), ग्रामीण स्टार्टअप, कृषि उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को सक्रिय समर्थन देने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर क्रेडिट उपयोग क्षमता बढ़ाने और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर काम किया जाएगा।

इस दौरान मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने बताया कि यह सेमिनार सरकार, नाबार्ड, बैंकों और सामुदायिक संगठनों के बीच समन्वय का एक मंच है, जिससे समावेशी विकास के लिए संसाधनों को जुटाया जा सके।

उन्होंने कहा कि ‘स्टेट फोकस पेपर’ में वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये की क्रेडिट क्षमता का अनुमान लगाया गया है। इसमें 51 प्रतिशत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों, 37 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर और 12 प्रतिशत अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए निर्धारित है।

गोयल ने कहा कि ये आंकड़े राज्य की विकास प्राथमिकताओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बदलते स्वरूप को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि आज भी आजीविका का मुख्य आधार है, लेकिन छोटे जोत और जलवायु जोखिम जैसी चुनौतियों के कारण विविधीकरण और वैल्यू एडिशन जरूरी है।

नाबार्ड मणिपुर के महाप्रबंधक पार्था मंडल ने ‘स्टेट फोकस पेपर’ को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए योजना और क्रेडिट मॉनिटरिंग का "मास्टर डॉक्यूमेंट" बताया।

उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज मणिपुर के सभी 16 जिलों की पोटेंशियल लिंक्ड योजनाओं के आधार पर तैयार किया गया है।

मंडल ने चुराचांदपुर में शुरू किए गए ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया, जिसे नाबार्ड की ओर से 1.6 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता से लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर और आजीविका में सुधार लाना है।

सेमिनार में भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी एन. श्रीधर सहित विभिन्न बैंकों, वित्तीय संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Point of View

बल्कि देश के अन्य हिस्सों के लिए भी प्रेरणादायक है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने विकास के लिए कौन सी योजना प्रस्तुत की?
मुख्यमंत्री ने ‘स्टेट फोकस पेपर 2026-27’ योजना प्रस्तुत की, जो समावेशी विकास पर केंद्रित है।
विकास में वित्तीय सहायता की भूमिका क्या है?
विकास में वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जमीनी स्तर पर विकास सुनिश्चित करती है।
ट्राइब्स प्रोजेक्ट का उद्देश्य क्या है?
ट्राइब्स प्रोजेक्ट का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार करना है।
इस सेमिनार में कौन-कौन उपस्थित थे?
इस सेमिनार में भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी एन. श्रीधर सहित विभिन्न बैंकों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
किस क्षेत्रों में क्रेडिट क्षमता का अनुमान लगाया गया है?
क्रेडिट क्षमता का अनुमान कृषि, एमएसएमई और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में लगाया गया है।
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