मणिपुर CM खेमचंद सिंह बोले — शांति और सद्भाव के बिना विकास संभव नहीं, 3 मई 2023 से पहले का मणिपुर लौटाने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 28 जुलाई 2025 को आंद्रो विधानसभा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्थायी शांति और सामुदायिक सद्भाव ही राज्य के विकास की असली नींव हैं। लगभग तीन वर्षों से जारी जातीय संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने 3 मई 2023 से पहले के मणिपुर को पुनः स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जब राज्य के 36 समुदाय सद्भाव के साथ एक साथ रहते थे।
मुख्यमंत्री का संदेश
खेमचंद सिंह ने पहाड़ी और घाटी — दोनों क्षेत्रों के समुदायों से शांति बहाल करने में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही अशांति ने अंतर-सामुदायिक संबंधों, युवा पीढ़ी की शिक्षा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुँचाई है। मुख्यमंत्री ने लोगों से एकता और साझा प्रगति के उस दौर को वापस लाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आग्रह किया।
आंद्रो में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आंद्रो विधानसभा क्षेत्र के विधायक थौनाओजम श्यामकुमार की उपस्थिति में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया — नवनिर्मित इमा बाजार (महिलाओं के लिए विशेष बाजार) और थौबल नदी पर बने दो पुल। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी को नई सरकार के तहत पदभार संभालने के बाद यह आंद्रो की उनकी दूसरी यात्रा है, जो निर्वाचन क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
आंद्रो की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत
मुख्यमंत्री ने आंद्रो को मणिपुर का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक अग्नि (नेचुरल फायर) के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है और शोधकर्ताओं तथा पर्यटकों को आकर्षित करता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आंद्रो एशिया की सबसे पुरानी बस्तियों में से एक है, इसलिए इसके संरक्षण और विकास पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मणिपुर में 3 मई 2023 से भड़की जातीय हिंसा ने राज्य को गहरे घावों से भर दिया है। मेइती और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच हुई इस हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान गई और हज़ारों लोग विस्थापित हुए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नई सरकार के गठन के बाद पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो रही है और शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं।
आगे की राह
मुख्यमंत्री की यह यात्रा और उनके बयान संकेत देते हैं कि राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को शांति-निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज़मीनी स्तर पर सामुदायिक विश्वास बहाल किए बिना केवल बुनियादी ढाँचे का विकास दीर्घकालिक स्थिरता नहीं ला सकता।