13 जुलाई 2026
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नीतीश कुमार की वापसी की अटकलें: उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से मांगी पूरे काम की रिपोर्ट

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नीतीश कुमार की वापसी की अटकलें: उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से मांगी पूरे काम की रिपोर्ट

सारांश

मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार की सक्रियता थमी नहीं — उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से सीधे कार्यों की रिपोर्ट माँगी और पार्टी संगठन को भी निर्देश दिए। यह घटनाक्रम बिहार में असली सत्ता-केंद्र को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार ने 28 मई 2026 को पटना में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के आवास पर अचानक पहुँचकर सभी कार्यों की रिपोर्ट माँगी।
दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई।
नीतीश कुमार ने विजय चौधरी को स्पष्ट निर्देश दिया — 'शाम में आइए और एक-एक चीज बताइए।' इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।
नीतीश कुमार ने जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के आवास पर भी पहुँचकर संगठन विस्तार के निर्देश दिए।

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने 28 मई 2026 को पटना में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के आवास पर अचानक पहुँचकर बिहार की सियासत में हलचल मचा दी। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार की राजनीतिक सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है — इस मुलाकात में उन्होंने चल रहे सभी कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की।

बंद कमरे में आधे घंटे की बैठक

गुरुवार को नीतीश कुमार अचानक उपमुख्यमंत्री चौधरी के आवास पर पहुँचे, जहाँ दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। बैठक के बाद जब नीतीश कुमार बाहर निकले, तो उनके पीछे-पीछे उपमुख्यमंत्री चौधरी भी आए। अपनी कार में बैठने के बाद नीतीश कुमार रुके और उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को भी रोककर विजय चौधरी को पास बुलाया।

नीतीश का सीधा निर्देश

इस दौरान जदयू अध्यक्ष ने विजय कुमार चौधरी से स्पष्ट शब्दों में कहा, 'शाम में आइए और एक-एक चीज बताइए, क्या हो रहा है और क्या नहीं, अच्छे से काम कीजिए।' यह निर्देश कैमरे में कैद हो गया और उसका वीडियो तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसे लेकर बिहार की राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

पार्टी संगठन को भी दिए निर्देश

इसी दिन नीतीश कुमार जदयू के प्रदेश अध्यक्ष और महनार विधायक उमेश सिंह कुशवाहा के 7-एम स्ट्रैंड रोड स्थित सरकारी आवास पर भी पहुँचे। वहाँ उन्होंने कुशवाहा और उपस्थित कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि नीतीश कुमार ने संगठन के विस्तार और बिहार के समग्र विकास की दिशा में निष्ठा एवं समर्पण के साथ काम करने के निर्देश दिए।

बिहार की सियासत में क्या संदेश

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार का यह तरीका — सीधे उपमुख्यमंत्री से रिपोर्ट माँगना — यह संकेत देता है कि वे पार्टी और सरकार दोनों पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह की सक्रियता से यह सवाल और गहरा हो गया है कि बिहार में असली निर्णय-शक्ति का केंद्र कहाँ है। आने वाले दिनों में जदयू की आंतरिक बैठकें और सरकार की कार्यशैली पर सभी की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जदयू में निर्णय-प्रक्रिया सरकार से अलग होकर पार्टी अध्यक्ष के इर्द-गिर्द केंद्रित हो रही है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीतीश कुमार ने विजय चौधरी से मुलाकात में क्या माँगा?
नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी से बिहार सरकार में चल रहे सभी कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट माँगी और शाम को मिलकर एक-एक बात बताने का निर्देश दिया। यह बातचीत 28 मई को पटना में चौधरी के आवास पर करीब आधे घंटे तक चली।
क्या नीतीश कुमार अभी भी बिहार के मुख्यमंत्री हैं?
नहीं, नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद छोड़ चुके हैं। वे अब जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता जारी है।
नीतीश कुमार और विजय चौधरी की मुलाकात का वीडियो क्यों वायरल हुआ?
मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने खुले तौर पर विजय चौधरी को निर्देश दिया — 'शाम में आइए और एक-एक चीज बताइए' — जो कैमरे में कैद हो गया। यह दृश्य इसलिए चर्चा में है क्योंकि यह पद से बाहर एक नेता द्वारा सरकार के काम पर सीधी निगरानी का संकेत देता है।
नीतीश कुमार ने जदयू प्रदेश अध्यक्ष से क्या कहा?
नीतीश कुमार जदयू प्रदेश अध्यक्ष और महनार विधायक उमेश सिंह कुशवाहा के 7-एम स्ट्रैंड रोड स्थित आवास पर भी पहुँचे। वहाँ उन्होंने संगठन के विस्तार और बिहार के समग्र विकास के लिए निष्ठा एवं समर्पण के साथ काम करने का निर्देश दिया।
इस घटनाक्रम का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नीतीश कुमार की यह सक्रियता बिहार में असली निर्णय-शक्ति के केंद्र को लेकर सवाल उठाती है। इससे जदयू की आंतरिक संरचना और सरकार की कार्यशैली दोनों पर चर्चा तेज़ हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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