नीतीश कुमार का मॉडल ब्रांड बन चुका है, निशांत कुमार ही संभालेंगे विरासत: अशोक चौधरी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने 23 अगस्त को पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत, उनके पुत्र निशांत कुमार की बढ़ती भूमिका और वंदे मातरम विवाद समेत कई अहम मुद्दों पर बेबाकी से अपना पक्ष रखा। उन्होंने राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) सांसद उपेंद्र कुशवाहा की हालिया टिप्पणियों पर भी तीखा पलटवार किया।
निशांत कुमार की भूमिका और उपेंद्र कुशवाहा पर पलटवार
मंत्री चौधरी ने कहा, "जिस तरह हम निशांत कुमार को अपने घरों में नेता मानते हैं, उसी तरह अब उन्हें आधिकारिक तौर पर भी स्वीकार कर लिया है। अब पार्टी में किसी और के लिए जगह नहीं है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार की विरासत को आगे ले जाने का दायित्व अब निशांत कुमार के कंधों पर है।
उपेंद्र कुशवाहा के बारे में चौधरी ने कहा, "वे समता पार्टी के समय से साथ रहे हैं। नीतीश कुमार ने उन्हें अपने पहले कार्यकाल में विपक्ष का नेता बनाया और कई अहम जिम्मेदारियाँ दीं, लेकिन उन्होंने एक नहीं, बल्कि दो बार पार्टी छोड़कर अलग राह चुनी। अब पार्टी में उनके लिए कोई जगह नहीं बची।"
नीतीश कुमार का मॉडल: एक अनुकरणीय ब्रांड
अशोक चौधरी ने दावा किया कि नीतीश कुमार का शासन-मॉडल आज एक स्थापित ब्रांड बन चुका है। उन्होंने कहा, "जल-जीवन-हरियाली योजना पर दुनिया भर के पर्यावरण वैज्ञानिकों और बड़े नेताओं ने नीतीश कुमार को सुना है। उनकी पोशाक योजना और साइकिल योजना को समझने के लिए सात देशों के प्रतिनिधि बिहार आए थे। जिसे भी सफलता चाहिए, वह इस मॉडल को फॉलो करेगा।"
महिला सशक्तिकरण पर नीतीश की पहल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के महिलाओं को बराबर हक देने संबंधी बयान पर चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार इस दिशा में पहले से ही काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, बिहार की पुलिस फोर्स में देश में सबसे अधिक महिलाएँ हैं, पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण दिया गया है और सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को प्राथमिकता मिली है। उन्होंने नीतीश कुमार को "महिला सशक्तिकरण का ब्रांड एंबेसडर" करार दिया।
पटना का नाम और वंदे मातरम विवाद
पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने के सवाल पर चौधरी ने कहा, "यह कोई खराब विचार नहीं है। अपनी विरासत को लेकर चलना चाहिए।" वंदे मातरम के केवल दो पद गाने के कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा, "राष्ट्रगीत के छंदों में कोई राजनीतिक दल बदलाव नहीं कर सकता। देश ऐसे नहीं चलता। अभी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो उचित समझ रहे हैं, वह कर रहे हैं।"
आगे की सियासत
अशोक चौधरी के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर उत्तराधिकार की चर्चाएँ तेज हो रही हैं और विपक्षी दल नीतीश कुमार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। निशांत कुमार की आधिकारिक स्वीकृति से पार्टी की आंतरिक राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।