10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आरडीएस में तेलंगाना के पानी के हिस्से पर कोई समझौता नहीं — सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आरडीएस में तेलंगाना के पानी के हिस्से पर कोई समझौता नहीं — सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी

सारांश

तेलंगाना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने हैदराबाद में उच्चस्तरीय बैठक कर साफ किया — आरडीएस में राज्य के पानी के हिस्से पर कोई समझौता नहीं। यह बैठक आंध्र प्रदेश पर कृष्णा नदी का पानी कथित तौर पर बिना अनुमति मोड़ने के विवाद के बीच हुई।

मुख्य बातें

सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने 22 जून 2026 को घोषित किया कि आरडीएस में तेलंगाना के पानी के हिस्से पर कोई समझौता नहीं होगा।
अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय, हैदराबाद में तुंगभद्रा और आरडीएस से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
बैठक आंध्र प्रदेश द्वारा कृष्णा नदी का पानी कथित तौर पर बिना अनुमति मोड़ने के विवाद के बीच आयोजित की गई।
पिछले सप्ताह केआरएमबी इंजीनियरों ने कर्नाटक में आरडीएस का निरीक्षण किया और तीनों राज्यों के अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
मंत्री ने अधिकारियों को कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

तेलंगाना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने 22 जून 2026 को स्पष्ट किया कि राजोलीबांडा डायवर्जन स्कीम (आरडीएस) में तेलंगाना के लिए निर्धारित पानी के हिस्से पर किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हैदराबाद स्थित बी.आर. अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरडीएस क्षेत्र के किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएँ।

बैठक का संदर्भ और मुख्य घटनाक्रम

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब आंध्र प्रदेश पर कृष्णा नदी के पानी को कथित तौर पर बिना अनुमति के मोड़ने के आरोप लगे हैं। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (केआरएमबी) के इंजीनियरों की एक टीम ने कर्नाटक में आरडीएस का स्थलीय निरीक्षण किया और तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक की।

मंत्री के निर्देश और सरकार का रुख

मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तुंगभद्रा के पानी के उपयोग पर तेलंगाना के अधिकारों को ट्रिब्यूनल, बोर्ड और अंतर-राज्यीय बैठकों में मजबूती से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को समेटते हुए एक विस्तृत कार्ययोजना और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए।

मंत्री ने अधिकारियों से सतर्क रहने पर जोर दिया ताकि ऊपरी राज्यों की गतिविधियों के कारण कृष्णा नदी बेसिन के किसानों को सिंचाई में कोई व्यवधान न आए। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी निर्णय का कड़ा विरोध किया जाएगा।

किसानों पर असर

आरडीएस क्षेत्र तेलंगाना के उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है जो तुंगभद्रा और कृष्णा नदियों के पानी पर निर्भर हैं। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ सीजन की बुआई की तैयारियाँ चल रही हैं और पानी की उपलब्धता सीधे फसल उत्पादन को प्रभावित करती है। आलोचकों का कहना है कि अंतर-राज्यीय जल विवाद में देरी से किसानों की सिंचाई सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

समीक्षा बैठक में विधायक संजीव रेड्डी, प्रधान सचिव (सिंचाई) ई. श्रीधर, संयुक्त सचिव के. श्रीनिवास, एन.सी. रमेश बाबू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आगे क्या होगा

तेलंगाना सरकार ने संकेत दिया है कि वह ट्रिब्यूनल और केआरएमबी के मंचों पर अपने दावों को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी। तैयार की जा रही विस्तृत रिपोर्ट अंतर-राज्यीय वार्ताओं में तेलंगाना की स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार इसी तरह की उच्चस्तरीय बैठकों में 'दृढ़ संकल्प' व्यक्त किया जाता है। असली सवाल यह है कि केआरएमबी और ट्रिब्यूनल के मंचों पर तेलंगाना की तैयार की जा रही 'कार्ययोजना' में क्या नया है जो पिछले प्रयासों से अलग परिणाम देगी। खरीफ सीजन की दहलीज पर यह घोषणा किसानों को आश्वस्त करने की राजनीतिक जरूरत से भी प्रेरित लगती है — क्रियान्वयन की कसौटी पर ही इसकी असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजोलीबांडा डायवर्जन स्कीम (आरडीएस) क्या है और तेलंगाना का इसमें क्या हिस्सा है?
राजोलीबांडा डायवर्जन स्कीम कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी पर स्थित एक सिंचाई परियोजना है, जिसका पानी तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के बीच निर्धारित अनुपात में बँटता है। तेलंगाना के लिए इस योजना में तय पानी का हिस्सा राज्य के कृष्णा बेसिन के किसानों की सिंचाई जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।
22 जून की उच्चस्तरीय बैठक क्यों बुलाई गई?
यह बैठक आंध्र प्रदेश द्वारा कृष्णा नदी का पानी कथित तौर पर बिना अनुमति मोड़ने के विवाद के बीच बुलाई गई। इससे पहले केआरएमबी इंजीनियरों की टीम ने कर्नाटक में आरडीएस का निरीक्षण किया था और तीनों राज्यों के अधिकारियों के साथ समीक्षा की थी।
तेलंगाना सरकार आरडीएस में अपने पानी के हिस्से की रक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है?
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को ट्रिब्यूनल, केआरएमबी और अंतर-राज्यीय बैठकों में तेलंगाना का पक्ष मजबूती से रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को समेटते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट और कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
इस विवाद से तेलंगाना के किसानों पर क्या असर पड़ सकता है?
आरडीएस क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए तुंगभद्रा और कृष्णा नदियों के पानी पर निर्भर हैं। यदि ऊपरी राज्यों द्वारा पानी का अनधिकृत उपयोग जारी रहा, तो खरीफ सीजन में फसलों की सिंचाई प्रभावित हो सकती है।
केआरएमबी की भूमिका इस विवाद में क्या है?
कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (केआरएमबी) तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के बीच कृष्णा नदी के पानी के बँटवारे की निगरानी करता है। हाल ही में केआरएमबी इंजीनियरों की टीम ने आरडीएस का निरीक्षण किया और तीनों राज्यों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले