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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फर्जी वीडियो: जेवर पुलिस ने 'सच बोलो' फेसबुक अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज की

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फर्जी वीडियो: जेवर पुलिस ने 'सच बोलो' फेसबुक अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज की

सारांश

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जलभराव दिखाने वाला एक कथित फर्जी वीडियो 14 अगस्त 2026 को 'सच बोलो' फेसबुक अकाउंट पर वायरल हुआ। एयरपोर्ट प्रबंधन की शिकायत पर जेवर पुलिस ने FIR दर्ज कर डिजिटल फोरेंसिक जांच शुरू की है।

मुख्य बातें

जेवर पुलिस ने 'सच बोलो' नाम के फेसबुक अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज की है।
कथित भ्रामक वीडियो 14 अगस्त 2026 को अपलोड किया गया था, जिसमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव जैसी स्थिति दिखाई गई थी।
शिकायत एयरपोर्ट सुरक्षा इकाई के शिफ्ट इंचार्ज मयंक कुमार की ओर से दर्ज कराई गई।
पुलिस वीडियो के मूल स्रोत, अपलोडकर्ता की पहचान और प्रसार की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
मामले में डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी फोरेंसिक जांच भी की जाएगी।

जेवर पुलिस ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर फर्जी और भ्रामक वीडियो फैलाने के आरोप में 'सच बोलो' नाम के फेसबुक अकाउंट के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एयरपोर्ट प्रबंधन की शिकायत के आधार पर थाना जेवर में यह कार्रवाई की गई है। आरोप है कि 14 अगस्त 2026 को अपलोड किए गए इस वीडियो में एयरपोर्ट परिसर में जलभराव जैसी स्थिति दिखाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई।

मामले की पृष्ठभूमि

शिकायत के अनुसार, 'सच बोलो' नाम के फेसबुक अकाउंट पर 14 अगस्त 2026 को एक वीडियो अपलोड किया गया, जिसमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव जैसे दृश्य दिखाए गए। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इस वीडियो को सिरे से गलत, भ्रामक और वास्तविक परिस्थितियों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने वाला करार दिया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे यात्रियों और आम नागरिकों के बीच एयरपोर्ट की वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

शिकायत में उठाई गई चिंताएँ

एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से दर्ज शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की भ्रामक सामग्री से न केवल अनावश्यक सार्वजनिक चिंता और अफरातफरी पैदा हो सकती है, बल्कि यात्रियों, निवेशकों और अन्य हितधारकों तक एयरपोर्ट से जुड़ी गलत जानकारी भी पहुँच सकती है। शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि इस कथित भ्रामक वीडियो से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है।

यह शिकायत एयरपोर्ट की सुरक्षा इकाई के शिफ्ट इंचार्ज मयंक कुमार की ओर से पुलिस को सौंपी गई। शिकायत में इस परियोजना को महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचा बताते हुए वायरल सामग्री की जांच और कानून के तहत उचित कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

पुलिस की जांच का दायरा

जेवर पुलिस अब कथित वीडियो के मूल स्रोत, उसे फेसबुक पर अपलोड करने वाले अकाउंट की पहचान, वीडियो की प्रामाणिकता और उसके प्रसार की परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि वीडियो किस उद्देश्य से तैयार या प्रसारित किया गया और क्या इसमें जानबूझकर एयरपोर्ट की गलत तस्वीर पेश की गई थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सोशल मीडिया अकाउंट और वायरल वीडियो की तकनीकी जांच के साथ-साथ उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जाएगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संदर्भ

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना है, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यातायात की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित की जा रही है। गौरतलब है कि बड़े बुनियादी ढांचा प्रकल्पों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इस पृष्ठभूमि में एयरपोर्ट प्रबंधन की यह कार्रवाई डिजिटल दुष्प्रचार के विरुद्ध एक स्पष्ट संदेश है।

आगे क्या होगा

जांच के दौरान पुलिस फेसबुक अकाउंट की डिजिटल फोरेंसिक जांच कर सकती है और संबंधित व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान के लिए साइबर सेल की मदद ली जा सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए गलत जानकारी का असर यात्रियों और निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि FIR दर्ज होना मात्र आरोप है — जांच के निष्कर्ष ही तय करेंगे कि वीडियो वास्तव में भ्रामक था या नहीं। डिजिटल अभिव्यक्ति और जवाबदेही के बीच संतुलन बनाना इस जांच की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फर्जी वीडियो मामले में FIR क्यों दर्ज हुई?
एयरपोर्ट प्रबंधन ने शिकायत दर्ज कराई कि 'सच बोलो' नाम के फेसबुक अकाउंट ने 14 अगस्त 2026 को एक कथित भ्रामक वीडियो अपलोड किया, जिसमें एयरपोर्ट में जलभराव जैसी स्थिति दिखाई गई। प्रबंधन का आरोप है कि इससे यात्रियों और आम जनता में गलत जानकारी फैल सकती है और एयरपोर्ट की प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है।
'सच बोलो' फेसबुक अकाउंट के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है?
जेवर पुलिस ने थाना जेवर में इस अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस अकाउंट की डिजिटल फोरेंसिक जांच, वीडियो के मूल स्रोत और अपलोडकर्ता की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
वीडियो में क्या दिखाया गया था?
कथित वीडियो में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में जलभराव जैसी स्थिति दिखाई गई थी। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इसे वास्तविक परिस्थितियों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने वाला बताया है।
इस मामले में शिकायत किसने दर्ज कराई?
यह शिकायत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा इकाई के शिफ्ट इंचार्ज मयंक कुमार की ओर से जेवर पुलिस को दी गई। उन्होंने वायरल सामग्री की जांच और कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया।
क्या सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो फैलाना कानूनी अपराध है?
भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत जानबूझकर भ्रामक या फर्जी सामग्री प्रसारित करना दंडनीय हो सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम निर्णय जांच के निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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