नोएडा: 13 वर्षीय आयुष शुक्ला की हत्या का आरोप, जन्मदिन पार्टी के बहाने बुलाकर सेक्टर-54 के जंगल में मिला शव
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-24 क्षेत्र में 13 वर्षीय सातवीं कक्षा के छात्र हैप्पी उर्फ आयुष शुक्ला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि 16 अगस्त को उसके दो दोस्त जन्मदिन पार्टी का बहाना बनाकर उसे घर से ले गए, और वह फिर कभी नहीं लौटा। करीब एक सप्ताह बाद 21 अगस्त को सेक्टर-54 के जंगल क्षेत्र से एक अज्ञात शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान बाद में आयुष के रूप में हुई।
मुख्य घटनाक्रम
25 अगस्त को मृतक की माँ ने थाना सेक्टर-24 में तहरीर दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका बेटा 16 अगस्त को अपने दोस्तों के साथ खेलने के बहाने घर से निकला था और उसके बाद वापस नहीं आया। परिजनों का आरोप है कि आयुष को जन्मदिन पार्टी का लालच देकर बुलाया गया और फिर सेक्टर-54 के जंगल में ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्य
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। वहीं, परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान शव काफी गला हुआ था और वह करीब सात दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों का अध्ययन कर रही है। गौरतलब है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बीच विरोधाभास जाँच को और जटिल बना रहा है।
आरोपी और गिरफ्तारी की स्थिति
पुलिस के मुताबिक, मामले में मुख्य बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में ले लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मुख्य बाल अपचारी और मृतक आयुष शुक्ला एक ही समुदाय से हैं। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश
छात्र की मौत की खबर सामने आने के बाद परिजनों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। परिवार ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की माँग करते हुए कहा है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस पर एडीसीपी, एसीपी समेत दो थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे और परिजनों से लगातार बातचीत की जा रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस अब छात्र के घर से निकलने के बाद उसके संपर्क में आए लोगों, घटनास्थल की परिस्थितियों और शव बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जाँच कर रही है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब नाबालिगों के खिलाफ हिंसा की घटनाएँ लगातार चर्चा में हैं। पूरी सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जाँच के नतीजों पर निर्भर करेगी।