नोएडा में दोपहिया चोरी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार; 15 वाहन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को दोपहिया वाहन चोरी के एक सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 15 दोपहिया गाड़ियाँ (12 मोटरसाइकिल और 3 स्कूटी), स्नैचिंग से प्राप्त मोबाइल फोन की बिक्री से मिले ₹2,200 नकद और 4 चाकू बरामद किए।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सर्विस रोड, सेक्टर-27, नोएडा में घेराबंदी कर यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजीव चौहान, अजय कुमार, सचिन कुमार, कृष्णा शेरा, विजय कुमार और बृजेश कुमार के रूप में हुई है। ये आरोपी मूल रूप से दिल्ली, गाजियाबाद, फर्रुखाबाद, करौली और बांदा के निवासी हैं और वर्तमान में नोएडा व दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रह रहे थे।
वाहनों की पहचान छिपाने की कोशिश
जाँच में सामने आया कि बरामद वाहनों में से कई थाना सेक्टर-20 क्षेत्र में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमों से संबंधित हैं। कुछ गाड़ियों की नंबर प्लेट हटाई गई थीं, जबकि एक बाइक का चेसिस नंबर भी मिटाया गया था ताकि उसकी पहचान न हो सके। पुलिस इन सभी वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस सौंपने की प्रक्रिया में जुटी है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरोह के मुख्य आरोपी राजीव चौहान के खिलाफ दिल्ली और गौतमबुद्धनगर में वाहन चोरी, लूट, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट सहित 21 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। अजय कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी वाहन चोरी से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। चार आरोपियों के पास से चाकू मिलने पर उनके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
गिरोह का कार्यतंत्र
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से नोएडा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुनसान स्थानों पर दोपहिया वाहन चोरी कर उनकी पहचान बदलकर बेचता था। इसके अलावा गिरोह के सदस्य चोरी और स्नैचिंग किए गए मोबाइल फोन भी बेचते थे। गौरतलब है कि इस प्रकार के अंतरराज्यीय गिरोह अक्सर कई राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिये काम करते हैं, जिससे जाँच जटिल हो जाती है।
आगे की जाँच
थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का दायरा पता लगाने में जुटी है। बरामद वाहनों के संबंध में अन्य जनपदों में दर्ज मामलों की भी समानांतर जाँच की जा रही है।