नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह गिरफ्तार: 21 फोन, चोरी की बाइक और दो चाकू बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना फेस-2 पुलिस ने 4 अक्टूबर 2026 को मोबाइल स्नैचिंग और चोरी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 21 मोबाइल फोन, दो अवैध चाकू और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। यह कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के संयुक्त उपयोग से ककराला पुस्ता तिराहा के पास की गई।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन पुत्र धर्मपाल (उम्र करीब 19 वर्ष, निवासी पीतल नगरी, थाना बिलारी, जनपद मुरादाबाद, वर्तमान में ग्राम सोरखा, थाना सेक्टर-113, गौतमबुद्धनगर) और विपिन पुत्र कमल (उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी ग्राम मोरना, सेक्टर-35, थाना सेक्टर-24, गौतमबुद्धनगर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे मिलकर भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों से मोबाइल फोन चोरी और छीनते थे।
बरामद मोटरसाइकिल की जाँच में सामने आया कि उसे दोनों आरोपियों ने मिलकर सेक्टर-10, नोएडा से चोरी किया था। जब चोरी और स्नैच किए गए मोबाइल फोन की संख्या अधिक हो जाती थी, तो आरोपी उन्हें बेच देते थे। पुलिस अब उन खरीदारों की पहचान करने में जुटी है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विपिन का गौतमबुद्धनगर के कई थानों में लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ थाना बीटा-2, सेक्टर-24, सेक्टर-39, सेक्टर-58 और फेस-2 में लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, मारपीट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2026 में भी उसके विरुद्ध थाना सेक्टर-24 में आर्म्स एक्ट और थाना फेस-2 में बीएनएस व आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
दूसरे आरोपी सचिन के विरुद्ध थाना सेक्टर-49 में चोरी और बरामदगी से जुड़े बीएनएस की धाराओं में दो मुकदमे, थाना सेक्टर-24 में आबकारी अधिनियम का एक मामला और थाना फेस-2 में बीएनएस व आर्म्स एक्ट के तहत पहले से मामला दर्ज है। गौरतलब है कि अपनी कम उम्र के बावजूद सचिन के खिलाफ कई थानों में अभिलेख हैं।
वारदात का तरीका
पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी विशेष रूप से नोएडा की औद्योगिक कंपनियों से शाम को घर लौट रहे कर्मचारियों और मजदूरों को रास्ते में निशाना बनाते थे। भीड़भाड़ वाले बाजारों में भी ये सक्रिय रहते थे। अवैध चाकू की बरामदगी से संकेत मिलता है कि ये वारदात के दौरान हथियार भी साथ रखते थे।
आगे की जाँच
पुलिस अब 21 बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने और उनसे जुड़ी पूर्व दर्ज शिकायतों का मिलान करने में लगी है। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि चोरी के फोन किसे बेचे जाते थे और क्या इस नेटवर्क में अन्य सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के आधार पर स्नैचिंग की अन्य अनसुलझी घटनाओं से भी इन्हें जोड़ा जा सकता है।