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नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग के दो आरोपी गिरफ्तार, 17 मोबाइल और चोरी की बाइक बरामद

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नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग के दो आरोपी गिरफ्तार, 17 मोबाइल और चोरी की बाइक बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 17 चोरी के मोबाइल फोन और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की। दोनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर में बाइक से झपटमारी करते थे और उनके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को नोएडा सेक्टर-58 से दो मोबाइल स्नैचिंग आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान चतुरानन्द पाण्डेय उर्फ रोनी (गोरखपुर) और जतिन सिंह (गाजियाबाद) के रूप में हुई।
बरामदगी में 17 मोबाइल फोन , ₹1,500 नकद , एक चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक अवैध चाकू शामिल हैं।
आरोपियों ने 5 अक्टूबर 2026 को सेक्टर-56 से आईफोन-15 और सेक्टर-62 से सैमसंग गैलेक्सी एस26 छीनने की बात कबूल की।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के थानों में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को नोएडा के सेक्टर-58 स्थित जूबिलेंट पार्क के निकट मोबाइल स्नैचिंग और चोरी के दो कथित आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इन दोनों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 17 मोबाइल फोन, ₹1,500 नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई एक चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक अवैध चाकू बरामद हुए।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

थाना सेक्टर-58 की पुलिस टीम 30 अक्टूबर को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर संदिग्धों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान जूबिलेंट पार्क, सेक्टर-58 के पास दोनों आरोपियों को दबोचा गया। तलाशी में बरामद 17 मोबाइल फोन और चोरी की मोटरसाइकिल ने पुलिस को दिल्ली-एनसीआर में फैली कई वारदातों का सिरा थमाया।

आरोपियों की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चतुरानन्द पाण्डेय उर्फ रोनी (लगभग 23 वर्ष), मूल निवासी गांव बांस, थाना काठगंगा, गोरखपुर, और जतिन सिंह (लगभग 26 वर्ष), निवासी अनिल विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद, के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार चतुरानन्द पाण्डेय के विरुद्ध थाना सेक्टर-58 में वर्ष 2024 और 2025 में चोरी, चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त और आबकारी अधिनियम से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2026 में उसके खिलाफ मोबाइल स्नैचिंग के दो और चोरी के सामान से संबंधित एक अतिरिक्त मुकदमा भी दर्ज है।

हरियाणा के पानीपत थाने में भी चतुरानन्द के विरुद्ध वर्ष 2025 में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज है। दूसरे आरोपी जतिन सिंह पर वर्ष 2022 में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2026 में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम, मोबाइल स्नैचिंग और चोरी के सामान से संबंधित मुकदमे भी हैं। थाना सेक्टर-58 में दर्ज एक अन्य मामले में उस पर आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 भी लगाई गई है। पानीपत थाने में भी जतिन के खिलाफ चोरी का एक मुकदमा दर्ज है।

वारदात का तरीका

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर राहगीरों के पास अचानक पहुँचते थे और उनके हाथ से मोबाइल फोन झपटकर फरार हो जाते थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि 5 अक्टूबर 2026 को उन्होंने सेक्टर-56 से एक आईफोन-15 और सेक्टर-62 से एक सैमसंग गैलेक्सी एस26 छीना था। इन दोनों घटनाओं के संबंध में थाना सेक्टर-58 में मुकदमा दर्ज है।

आरोपियों ने यह भी बताया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन बेचकर प्राप्त रकम को दोनों आपस में बाँट लेते थे और उसे व्यक्तिगत खर्चों में उपयोग करते थे। बरामद स्प्लेंडर मोटरसाइकिल का संबंध पानीपत थाने में दर्ज चोरी के मुकदमे से है।

आम जनता पर असर और पुलिस की कार्रवाई

यह गिरफ्तारी गौरतलब है क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल स्नैचिंग की घटनाएँ पिछले कुछ महीनों में बढ़ी हैं। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई हुई है, जो शहरी इलाकों में राहगीरों की सुरक्षा के लिए पुलिस की बढ़ती सतर्कता को दर्शाती है। पुलिस के अनुसार, बरामद 17 मोबाइल फोन के संबंध में आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे और वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।

फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से मोबाइल स्नैचिंग की कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ आरोपी अक्सर चोरी के वाहनों का उपयोग कर कई न्यायक्षेत्रों में वारदात करते हैं। गौरतलब है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से एकाधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद वे सक्रिय रहे, जो जमानत प्रणाली और अंतर-राज्यीय पुलिस समन्वय पर सवाल उठाता है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिये हुई यह गिरफ्तारी तकनीकी खुफिया तंत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि बरामद 17 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों तक कितनी जल्दी पहुँचते हैं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग के कौन से दो आरोपी गिरफ्तार हुए?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चतुरानन्द पाण्डेय उर्फ रोनी (लगभग 23 वर्ष, गोरखपुर) और जतिन सिंह (लगभग 26 वर्ष, गाजियाबाद) के रूप में हुई है। दोनों को 30 अक्टूबर 2026 को नोएडा के सेक्टर-58 से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 17 मोबाइल फोन, ₹1,500 नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई एक चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और जतिन सिंह के पास से एक अवैध चाकू बरामद किया।
आरोपी मोबाइल स्नैचिंग कैसे करते थे?
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर राहगीरों के पास अचानक पहुँचते थे, उनके हाथ से मोबाइल फोन झपटते थे और फिर मौके से फरार हो जाते थे। चोरी किए गए फोन बेचकर रकम आपस में बाँट लेते थे।
क्या इन आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड था?
हाँ, दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। चतुरानन्द पाण्डेय पर 2024-2026 के बीच चोरी, स्नैचिंग और आबकारी अधिनियम के मामले हैं, जबकि जतिन सिंह पर 2022 में एनडीपीएस एक्ट और 2026 में आर्म्स एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं।
इस गिरफ्तारी से कौन सी घटनाओं का खुलासा हुआ?
आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि 5 अक्टूबर 2026 को उन्होंने सेक्टर-56 से आईफोन-15 और सेक्टर-62 से सैमसंग गैलेक्सी एस26 छीना था। इसके अलावा बरामद 17 मोबाइल फोन दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्थानों पर की गई चोरी और स्नैचिंग से जुड़े हैं।
राष्ट्र प्रेस
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