हावड़ा स्टेशन पर एनएसजी की वंदे भारत एक्सप्रेस में आतंकी रोधी मॉक ड्रिल, 5 एजेंसियाँ शामिल
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) ने 28 29 सितंबर 2026 की रात हावड़ा रेलवे स्टेशन पर एक बड़े आतंकवाद रोधी (सीटी) मॉक ड्रिल का आयोजन किया, जिसमें वंदे भारत एक्सप्रेस में आतंकी घटना के काल्पनिक परिदृश्य को केंद्र में रखा गया। इस अभ्यास को इस महत्वपूर्ण रेलवे परिसर में वंदे भारत ट्रेन को शामिल करते हुए अपनी तरह की पहली ड्रिल बताया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
कोलकाता स्थित एनएसजी के 29 स्पेशल कम्पोजिट ग्रुप ने यह अभ्यास रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ), पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), पश्चिम बंगाल पुलिस और राज्य अग्निशमन सेवा के साथ मिलकर संपन्न किया। ड्रिल के दौरान कमांडो ने स्टेशन परिसर को सुरक्षित किया, वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच में दाखिल हुए और नकली 'आतंकी खतरे' को निष्क्रिय किया।
गौरतलब है कि इस अभ्यास में डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक रोबोट और अन्य उच्च तकनीकी उपकरणों का भी उपयोग किया गया, जिससे आधुनिक काउंटर टेरर तैयारी की झलक मिली।
अभ्यास का उद्देश्य
अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का मूल लक्ष्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल को परखना, प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल को मजबूत करना और रेलवे जैसे संवेदनशील सार्वजनिक परिवहन ढाँचे में आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता विकसित करना था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ट्रेन या रेलवे परिसर से जुड़ी किसी भी स्थिति में आरपीएफ और राज्य पुलिस सबसे पहले कार्रवाई करती हैं, लेकिन जब हालात उनके नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं, तब एनएसजी को बुलाया जाता है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे अभ्यासों से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने में सहायता मिलती है।
एनएसजी की व्यापक तैयारी
कोलकाता एनएसजी हब के कमांडो नियमित रूप से होटल, शॉपिंग मॉल, ऊँची इमारतों, फैक्टरियों और मेट्रो स्टेशनों सहित विभिन्न स्थानों पर ड्रिल आयोजित करते हैं। इन अभ्यासों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जवानों को उस परिसर के लेआउट की गहरी समझ मिलती है, जो संकट के दौरान तत्काल निर्णय लेने में निर्णायक भूमिका निभाती है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रमुख रेलवे जंक्शनों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है और वंदे भारत एक्सप्रेस के नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है।
आम जनता पर असर
हावड़ा स्टेशन पूर्वी भारत के सबसे व्यस्त रेलवे केंद्रों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन लाखों यात्री आवाजाही करते हैं। इस तरह के अभ्यास न केवल सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि यात्रियों में भी एक विश्वास पैदा करते हैं कि किसी भी आपात स्थिति में एजेंसियाँ समन्वित रूप से प्रतिक्रिया देने में सक्षम हैं।
आगे की राह
अधिकारी के अनुसार, इस अभ्यास से सभी शामिल एजेंसियों का संकल्प और दृढ़ हुआ है कि आतंकवाद से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में वे तेज़ी, समन्वय और प्रभावशीलता के साथ काम करेंगी। भविष्य में इसी तरह के अभ्यास अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी किए जाने की संभावना है।