ओडिशा CM मोहन चरण माझी की PM मोदी से मुलाकात, राज्य के विकास और समृद्धि पर हुई अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार, 25 मई 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इस बैठक में ओडिशा के सर्वांगीण विकास और समृद्धि को लेकर महत्वपूर्ण चर्चाएँ हुईं।
मुलाकात का उद्देश्य और आमंत्रण
PMO और ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस भेंट की तस्वीरें और जानकारी साझा की। CMO ने बताया कि मुख्यमंत्री माझी ने प्रधानमंत्री को उस विशेष समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जो राज्य सरकार के दूसरे वर्ष की पूर्णता के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।
खुर्दा के औद्योगिक पार्कों का दौरा
इस मुलाकात से एक दिन पूर्व, रविवार को मुख्यमंत्री माझी ने खुर्दा जिले के औद्योगिक पार्कों में स्थित प्रमुख विनिर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस दौरे ने रोज़गार-प्रधान क्षेत्रों से लेकर उच्च-तकनीकी रणनीतिक विनिर्माण तक फैले सरकार के मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र समर्थन को रेखांकित किया।
ट्राइमेट्रो गारमेंट्स: ₹376 करोड़ का निवेश
मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम कालीबेती औद्योगिक क्षेत्र, खुर्दा में स्थित प्रमुख परिधान निर्माता ट्राइमेट्रो गारमेंट्स (EPIC समूह) का निरीक्षण किया। भारत में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस कंपनी ने खुर्दा जिले में लगभग ₹376 करोड़ के निवेश से एक अत्याधुनिक सुविधा स्थापित की है। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना की आधारशिला 3 अप्रैल 2025 को रखी गई थी और एक वर्ष से भी कम समय में इसका उद्घाटन संभव हो सका।
एनाड्रोन सिस्टम्स: रक्षा विनिर्माण में नई क्षमता
इसके बाद मुख्यमंत्री माझी ने मुंडांबा औद्योगिक पार्क में स्थित एनाड्रोन सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड का दौरा किया, जो रणनीतिक रक्षा विनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ₹96.86 करोड़ के निवेश और 165 लोगों के रोज़गार की क्षमता वाली यह कंपनी उन्नत रक्षा प्रणालियों का निर्माण करती है। मुख्यमंत्री ने हवाई लक्ष्य, लक्ष्य प्रक्षेपक और ट्रेलर, ज़मीनी सहायता उपकरण तथा ज़मीनी स्टेशन सहित अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों के संचालन की समीक्षा की और उनका प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा।
आगे की राह
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब ओडिशा सरकार औद्योगिक निवेश को गति देने और रोज़गार सृजन के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है। राज्य सरकार के दूसरे वर्ष के समारोह में प्रधानमंत्री की संभावित उपस्थिति इस साझेदारी को और मज़बूत कर सकती है।