कालबैसाखी तूफान: ओडिशा के क्योंझर में 3 की मौत, CM मोहन माझी ने ₹4-4 लाख मुआवज़े का ऐलान

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कालबैसाखी तूफान: ओडिशा के क्योंझर में 3 की मौत, CM मोहन माझी ने ₹4-4 लाख मुआवज़े का ऐलान

सारांश

ओडिशा के क्योंझर में कालबैसाखी तूफान ने नरनपुर में एक मचान गिराई — तीन लोगों की जान गई, दो घायल हुए। मुख्यमंत्री मोहन माझी ने तत्काल ₹4-4 लाख मुआवज़े का ऐलान किया। हर साल मई में यही तूफान ओडिशा को झकझोरते हैं, फिर भी तैयारी का सवाल बना रहता है।

मुख्य बातें

21 मई को कालबैसाखी तूफान से ओडिशा के क्योंझर जिले के नरनपुर में मचान ढहने से 3 लोगों की मौत हुई।
मृतकों की पहचान आलोक तिगिरिया , सागर नायक और पेटू नायक के रूप में हुई है।
अमित नायक सहित 2 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने प्रत्येक मृतक परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹4 लाख देने की घोषणा की।
घटनास्थल पर सदर तहसीलदार , फायर ब्रिगेड और पुलिस ने बचाव अभियान चलाया।

ओडिशा के क्योंझर जिले में 21 मई को कालबैसाखी तूफान ने भीषण तबाही मचाई, जिसमें केंदुझर टाउन थाना क्षेत्र के नरनपुर इलाके में एक टेंट की मचान ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई और दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री मोहन माझी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

हादसे का घटनाक्रम

बुधवार दोपहर कालबैसाखी तूफान के प्रभाव से नरनपुर क्षेत्र में अचानक तेज़ आंधी और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। एक टेंट हाउस का लोहे का सामान और अन्य भारी सामग्री एक मकान की मचान पर रखी हुई थी। उसी मचान के नीचे चार लोग उस वक्त सो रहे थे।

तूफान के झोंके से मचान अचानक ढह गई और नीचे सो रहे सभी चार लोग मलबे में दब गए। राहत कार्य में तत्काल जुटी टीमों ने मलबा हटाकर चारों को बाहर निकाला, लेकिन तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

मृतकों और घायलों की पहचान

हादसे में जान गँवाने वाले तीन लोगों की पहचान नरनपुर रुगुड़ी साहि निवासी आलोक तिगिरिया, घाटगांव निवासी सागर नायक और सदांगी क्षेत्र के पेटू नायक के रूप में हुई है। नरनपुर रुगुड़ी साहि के ही अमित नायक गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा हरिदागोठा गांव में भी एक अन्य व्यक्ति तूफान में घायल हुआ है।

प्रशासन और बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही सदर तहसीलदार, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुँचीं। बचाव अभियान चलाकर मृतकों के शव मलबे से बाहर निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। घायल अमित नायक को उपचार के लिए नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और मुआवज़ा

ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन माझी ने क्योंझर जिले के सदर तहसील के नरनपुर में हुई इस दुखद जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹4-4 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कालबैसाखी का मौसम अपने चरम पर है और मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए सतर्कता जारी की हुई है।

आगे क्या

गौरतलब है कि कालबैसाखी तूफान ओडिशा में हर साल अप्रैल-मई के दौरान भारी नुकसान पहुँचाते हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत राशि जल्द वितरित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला अधिकारियों को सतर्क रहने और नुकसान का पूरा आकलन करने को कहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार मुआवज़े की घोषणाएँ होती हैं। असली सवाल यह है कि अस्थायी टेंट और कच्ची मचानों के नीचे लोग क्यों सो रहे थे, जबकि तूफान की चेतावनी पहले से जारी थी। राहत कोष की रकम ज़रूरी है, लेकिन पर्याप्त नहीं — जब तक पूर्व-चेतावनी प्रणाली और अस्थायी आश्रयों की सुरक्षा को लेकर ज़मीनी जवाबदेही नहीं बनती, यह चक्र हर मौसम में दोहराता रहेगा।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा के क्योंझर में कालबैसाखी तूफान से क्या हुआ?
21 मई को क्योंझर जिले के नरनपुर इलाके में कालबैसाखी तूफान के दौरान एक टेंट हाउस की मचान ढह गई, जिसके नीचे सो रहे चार लोगों में से तीन की मौके पर ही मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। हरिदागोठा गांव में भी एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ।
कालबैसाखी तूफान में मारे गए लोगों के परिजनों को कितना मुआवज़ा मिलेगा?
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यानी तीनों मृतक परिवारों को कुल ₹12 लाख की सहायता मिलेगी।
क्योंझर हादसे में मारे गए लोग कौन थे?
तीन मृतकों की पहचान नरनपुर रुगुड़ी साहि निवासी आलोक तिगिरिया, घाटगांव निवासी सागर नायक और सदांगी क्षेत्र के पेटू नायक के रूप में हुई है। घायल अमित नायक भी नरनपुर रुगुड़ी साहि के निवासी हैं।
कालबैसाखी तूफान क्या होता है और ओडिशा में यह कब आता है?
कालबैसाखी बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में अप्रैल-मई के दौरान आने वाले तेज़ गर्जना-तूफान होते हैं, जो तेज़ हवाओं, भारी बारिश और ओलावृष्टि के साथ आते हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड इनसे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
घटना की सूचना मिलते ही सदर तहसीलदार, फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमें मौके पर पहुँचीं। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मुआवज़े की घोषणा की और जिला प्रशासन को राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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