'एक पेड़ मां के नाम': ओम बिरला ने कोटा में किया पौधारोपण, सभी सांसदों से की यह अपील
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार, 28 जून को कोटा के दादाबाड़ी स्थित रंडेल पार्क में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया और सभी सांसदों से अपील की कि वे अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में एक पौधा मां के नाम लगाएँ और उसका संरक्षण सुनिश्चित करें।
सांसदों से बिरला की अपील
पत्रकारों से बातचीत में ओम बिरला ने कहा कि आज दुनिया गंभीर पर्यावरणीय संकटों से जूझ रही है और ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की हैसियत से यह उनका दायित्व है कि वे समस्त सांसदों को अपने क्षेत्रों में स्वच्छता और हरियाली के प्रति जनता को प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित करें।
बिरला ने स्पष्ट किया कि यदि जनता सक्रिय रूप से इस अभियान से जुड़े तो प्रत्येक संसदीय क्षेत्र को हरा-भरा और स्वच्छ बनाना संभव है। उनके अनुसार पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन का रूप देना समय की माँग है।
पौधारोपण के साथ देखभाल पर ज़ोर
बिरला ने इस अवसर पर चेताया कि केवल पौधा लगाना पर्याप्त नहीं — उसकी नियमित देखभाल न की जाए तो पौधे सूख जाते हैं और अभियान का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। उन्होंने हर नागरिक से अपील की कि वे अपनी माँ के नाम एक पौधा लगाएँ और उसे पेड़ बनने तक संरक्षित करें। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को उन्होंने भावनात्मक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
कोटा के विकास की रूपरेखा
कोटा शहर के विकास पर चर्चा करते हुए बिरला ने कहा कि रंडेल पार्क में सिंथेटिक ट्रैक और आधुनिक खेल मैदान विकसित किए जाएँगे। उन्होंने कहा, 'कोटा वह शहर होगा जहाँ सबसे अच्छे खेल मैदान होंगे।' शहर को केवल स्मार्ट सिटी के रूप में नहीं, बल्कि स्वच्छ और उन्नत जीवन स्तर वाले शहर के रूप में विकसित करना लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि कोटा की गलियों और कॉलोनियों को बेहतर बनाने का काम निरंतर जारी रहेगा।
जनता से सामूहिक संकल्प का आग्रह
बिरला ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने मोहल्ले, गली और शहर को स्वच्छ एवं हरित बनाने के लिए सामूहिक संकल्प लें। उन्होंने विश्वास जताया कि कोटा की जनता इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगी और शहर को एक आदर्श, स्वच्छ व हरित नगर के रूप में स्थापित करने में योगदान देगी। यह अभियान आने वाले समय में एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।