ऑपरेशन फायरवॉल-2026: पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क पर AP पुलिस की कार्रवाई, रक्सौल से दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने 28 अक्टूबर 2026 को 'ऑपरेशन फायरवॉल-2026' के दूसरे चरण में बिहार के रक्सौल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी भारतीय सिम कार्ड के ओटीपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों तक पहुँचाने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे, जिनका इस्तेमाल व्हाट्सऐप अकाउंट सक्रिय करने और कथित तौर पर जासूसी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
ऑपरेशन की पृष्ठभूमि और कार्रवाई
25 अक्टूबर 2026 को शुरू हुए इस ऑपरेशन में आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने बिहार एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय में नेपाल सीमा से सटे रक्सौल क्षेत्र में पाँच संदिग्धों से पूछताछ की। जांच में प्रारंभिक संलिप्तता स्थापित होने के बाद दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
गौरतलब है कि इस पूरे मामले में विजयवाड़ा में 2 सितंबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इससे पहले 1 अक्टूबर को विशाखापट्टनम से नौसेना अधिकारियों के लिए काम करने वाले अनुबंध चालक अन्नम साई वरा प्रसाद को तथा 3 अक्टूबर को तमिलनाडु के कोयंबटूर से विशाखापट्टनम नौसैनिक अड्डे के कर्मचारी प्रदीप मुखर्जी को गिरफ्तार किया जा चुका था। दोनों अभी विजयवाड़ा जिला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
आरोपियों की पहचान और भूमिका
पहले आरोपी राजा कुमार के बारे में पुलिस का कहना है कि वह रक्सौल में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट के रूप में काम करता था। आरोप है कि वह भारतीय मोबाइल नंबरों के ओटीपी साझा कर पाकिस्तान स्थित खुफिया एजेंटों के लिए व्हाट्सऐप अकाउंट सक्रिय कराता था और नेपाल स्थित हैंडलरों के ज़रिए अपने संपर्क बनाए रखता था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने दूसरे व्यक्ति के नाम पर एयरटेल पेमेंट्स बैंक अकाउंट खुलवाकर ओटीपी उपलब्ध कराने के एवज़ में धनराशि प्राप्त की।
दूसरे आरोपी आदित्य कुमार उर्फ आदित्य कुमार पांडेय के बारे में पुलिस का आरोप है कि वह राजा कुमार के साथ मिलकर इसी ओटीपी-आधारित व्हाट्सऐप सक्रियण प्रक्रिया में शामिल था। पुलिस के अनुसार वह कथित तौर पर वसीम, सुल्तान और नईम नामक पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनसे संवाद करता था।
नौसेना से जुड़ा संवेदनशील कोण
पुलिस के अनुसार, इसी नेटवर्क से जुड़े एक पाकिस्तानी ऑपरेटिव ने, जो 'सोनी' या 'सोनी क्वीन' नाम का इस्तेमाल करता था, विशाखापट्टनम में पूर्वी नौसेना कमान के लिए कार्यरत अनुबंध चालक अन्नम साई वरा प्रसाद से संपर्क किया था। आरोप है कि इस माध्यम से युद्धपोतों और पनडुब्बियों से जुड़ी गोपनीय सूचनाएँ हासिल की गईं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर है और रक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास जासूसी के प्रयासों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।
न्यायिक कार्रवाई और आगे की जांच
दोनों नए गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेशकर ट्रांजिट रिमांड लिया गया और बाद में विजयवाड़ा की अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 10 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने कहा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय जारी है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।