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क्या <b>ऑपरेशन सिंधु</b> के तहत 311 यात्रियों को लेकर ईरान से लौटी एक और स्पेशल फ्लाइट?

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क्या <b>ऑपरेशन सिंधु</b> के तहत 311 यात्रियों को लेकर ईरान से लौटी एक और स्पेशल फ्लाइट?

सारांश

भारत सरकार ने इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच ऑपरेशन सिंधु के तहत 311 यात्रियों को सुरक्षित दिल्ली पहुंचाया। जानें, इस विशेष उड़ान की कहानी और यात्रियों के अनुभव।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंधु के तहत 311 नागरिकों को ईरान से निकाला गया।
अब तक कुल 1,428 भारतीय नागरिक सुरक्षित लौट चुके हैं।
यात्रियों ने सरकार के प्रयासों की सराहना की।
यह ऑपरेशन संकट के समय में राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
भारत सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

नई दिल्ली, 22 जून (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इस संकट के बीच, भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू किया है। इस मिशन के तहत 311 यात्रियों को लेकर एक और विशेष उड़ान दिल्ली पहुँची, जहाँ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। लौटे यात्रियों ने एयरपोर्ट पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज की।

सच में, ‘ऑपरेशन सिंधु’ के अंतर्गत अब तक दिल्ली आने वाली फ्लाइटों की संख्या सात हो गई है। इस रविवार को विशेष विमान के माध्यम से 311 नागरिकों को वापस लाया गया है। कुल मिलाकर, 1,428 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाला गया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को सोशल मीडिया पर बताया, "ऑपरेशन सिंधु जारी है। 22 जून को मशहद से विशेष उड़ान के माध्यम से 311 भारतीय नागरिक नई दिल्ली पहुंचे। अब तक 1,428 भारतीय नागरिकों को ईरान से निकाला जा चुका है।"

ईरान से लौटे नागरिकों ने सरकार के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "हम सरकार की कार्यशैली से संतुष्ट हैं। सरकार ने हमारी सुरक्षा का ध्यान रखा और हमें ईरान से बाहर निकाला।"

सैय्यद अजहर इमाम रिजवी ने कहा कि उन्हें ईरान के मशहद से सुरक्षित भारत लाया गया है। उन्होंने भारत सरकार का आभार जताया जिसने उनके लिए वहाँ उचित इंतजाम किए।

मोहम्मद साहिल ने बताया कि वे भारतीय दूतावास के संपर्क में थे और युद्ध शुरू होने के बाद उन्हें लगभग चार-पांच दिनों तक ईरान में रहना पड़ा। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भारत सरकार ने हमें युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकाला है।"

अनब सैय्यदा ने कहा, "मैं भारत सरकार का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने हमें युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला। भारतीय एंबेसी की सहायता के कारण हम सुरक्षित लौट सके।"

एक अन्य महिला ने कहा, "मैं लखनऊ की निवासी हूं और युद्ध में फंसे रहने के दौरान हमारा बहुत अच्छे से ध्यान रखा गया। आज हम सभी लोग प्रधानमंत्री मोदी के कारण भारत लौट सके हैं।"

ईरान से लौटीं मरियम ने बताया कि भारतीय एंबेसी से लगातार सहायता मिलती रही। पहले उन्हें ईरान में ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था की गई और फिर उन्हें सुरक्षित निकाला गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। ऑपरेशन सिंधु न केवल एक मानवीय प्रयास है, बल्कि यह संकट के समय में राष्ट्रीय एकता और जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंधु क्या है?
यह एक विशेष मिशन है जिसके तहत भारत सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए उड़ानों की व्यवस्था की है।
कितने नागरिकों को ईरान से निकाला गया है?
अब तक कुल 1,428 भारतीय नागरिकों को ईरान से निकाला गया है।
यात्रियों ने सरकार के प्रति क्या प्रतिक्रिया दी?
यात्रियों ने सरकार के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद कहा।
इस ऑपरेशन के तहत कितनी उड़ानें संचालित की गई हैं?
ऑपरेशन सिंधु के तहत अब तक सात विशेष उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं।
युद्ध क्षेत्र से नागरिकों को निकालने का क्या महत्व है?
यह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संकट के समय में सरकार की जिम्मेदारी को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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