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ऑपरेशन वज्र 2.0: केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने 66.80 लाख साइकोट्रोपिक गोलियां जब्त कीं, ट्रक चालक गिरफ्तार

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ऑपरेशन वज्र 2.0: केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने 66.80 लाख साइकोट्रोपिक गोलियां जब्त कीं, ट्रक चालक गिरफ्तार

सारांश

ऑपरेशन वज्र 2.0 में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने 66.80 लाख साइकोट्रोपिक गोलियां जब्त कीं — अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल और नाइट्राजेपाम समेत। पंजाब-हिमाचल कॉरिडोर से आ रही यह खेप 120 कार्टन में छुपाई गई थी और दस्तावेज़ तथा बैच नंबर तक मिटाए गए थे।

मुख्य बातें

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CNB) ने 27-28 अगस्त 2026 को ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत 66 लाख 69 हजार 980 साइकोट्रोपिक गोलियां जब्त कीं।
खेप में अल्प्राजोलम (53 लाख 8 हजार 100) , ट्रामाडोल (7 लाख 47 हजार 780) , नाइट्राजेपाम (23 हजार 700) और क्लोनाजेपाम (400) गोलियां शामिल थीं।
चंडीगढ़-बद्दी मार्ग पर उत्तर प्रदेश पंजीकृत ट्रक को रोककर 120 मास्टर कार्टन बरामद किए गए; ट्रक चालक NDPS अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार।
कई ब्लिस्टर स्ट्रिप्स से बैच नंबर, निर्माण व समाप्ति तिथि मिटाई गई थीं; दवाएं बिना ज़रूरी दस्तावेज़ के ले जाई जा रही थीं।
CNB ने 2026 में अब तक 197 मामले , 272 गिरफ्तारियां , 6 अवैध प्रयोगशालाएं ध्वस्त और 12 करोड़ 72 लाख साइकोट्रोपिक गोलियां जब्त की हैं।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CNB) की मध्य प्रदेश इकाई ने 27-28 अगस्त 2026 को चलाए गए ऑपरेशन वज्र 2.0 में 66 लाख 80 हजार से अधिक साइकोट्रोपिक गोलियां जब्त करते हुए एक ट्रक चालक को गिरफ्तार किया। पंजाब-हिमाचल प्रदेश कॉरिडोर से होकर आ रही इस अवैध खेप को चंडीगढ़-बद्दी मार्ग पर रोका गया, जो नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध ब्यूरो की अब तक की सबसे बड़ी एकल कार्रवाइयों में से एक है।

अभियान का घटनाक्रम

उप नारकोटिक्स आयुक्त कार्यालय, नीमच से प्राप्त सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर एक विशेष टीम ने चंडीगढ़-बद्दी मार्ग पर रातभर निगरानी की। 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश में पंजीकृत एक एसएमएल इसुजु सरताज ट्रक को रोककर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और गहन तलाशी ली गई।

तलाशी में 120 मास्टर कार्टन मिले जिनमें कुल 66 लाख 69 हजार 980 गोलियां भरी हुई थीं। पूरी इन्वेंट्री जांच और सीलिंग की प्रक्रिया 14 घंटे से अधिक समय तक चली।

जब्त दवाओं का विवरण

बरामद गोलियों में अल्प्राजोलम की 53 लाख 8 हजार 100, ट्रामाडोल की 7 लाख 47 हजार 780, नाइट्राजेपाम की 23 हजार 700 और क्लोनाजेपाम की 400 गोलियां शामिल थीं। जांच में यह भी पाया गया कि कई ब्लिस्टर स्ट्रिप्स और डिब्बों से बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि जानबूझकर मिटा दी गई थीं।

गौरतलब है कि कुछ दवाओं पर 'पंजाब-हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए नहीं' का उल्लेख था, फिर भी उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के बिना परिवहन किया जा रहा था — जो तस्करी के इरादे की स्पष्ट पुष्टि करता है।

कानूनी कार्रवाई

पूरी खेप और ट्रक को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया। ट्रक चालक को इसी अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार अब अपस्ट्रीम निर्माण इकाइयों और डाउनस्ट्रीम वितरण नेटवर्क की पहचान के लिए गहन जांच जारी है।

इस वर्ष ब्यूरो का समग्र प्रदर्शन

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने 2026 में अब तक 197 मामले दर्ज किए हैं और 272 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 6 अवैध प्रयोगशालाएं ध्वस्त की गई हैं तथा लगभग 91,000 किलोग्राम नशीले पदार्थ और 12 करोड़ 72 लाख साइकोट्रोपिक गोलियां जब्त की जा चुकी हैं।

राजस्व विभाग के अधीन कार्यरत यह ब्यूरो वैध अफीम खेती की निगरानी के साथ-साथ अवैध डायवर्जन रोकने का काम करता है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत खुफिया-आधारित कार्रवाइयों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित आपूर्ति श्रृंखला है। असली परीक्षा अब 'अपस्ट्रीम निर्माण इकाइयों' की जांच में है — अगर वे बच निकलीं, तो ट्रक चालक की गिरफ्तारी महज़ एक कड़ी तोड़ना होगी, पूरी जंजीर नहीं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन वज्र 2.0 क्या है?
ऑपरेशन वज्र 2.0, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई द्वारा 27-28 अगस्त 2026 को चलाया गया एक खुफिया-आधारित अभियान है, जिसमें पंजाब-हिमाचल प्रदेश कॉरिडोर से आ रही साइकोट्रोपिक दवाओं की अवैध खेप को चंडीगढ़-बद्दी मार्ग पर जब्त किया गया।
इस अभियान में कितनी और कौन-कौन सी गोलियां जब्त हुईं?
कुल 66 लाख 69 हजार 980 गोलियां जब्त की गईं, जिनमें अल्प्राजोलम (53 लाख 8 हजार 100), ट्रामाडोल (7 लाख 47 हजार 780), नाइट्राजेपाम (23 हजार 700) और क्लोनाजेपाम (400) शामिल हैं। ये सभी NDPS अधिनियम के तहत नियंत्रित पदार्थ हैं।
गिरफ्तार व्यक्ति पर क्या आरोप हैं?
गिरफ्तार ट्रक चालक पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। पूरी खेप और ट्रक भी इसी कानून के तहत जब्त किए गए हैं।
दवाओं की तस्करी में क्या संदिग्ध गतिविधि पाई गई?
जांच में पाया गया कि कई ब्लिस्टर स्ट्रिप्स और डिब्बों से बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि मिटाई गई थीं। कुछ दवाओं पर 'पंजाब-हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए नहीं' लिखा था, फिर भी उन्हें बिना ज़रूरी दस्तावेज़ के ले जाया जा रहा था।
2026 में CNB ने अब तक कितनी बड़ी कार्रवाइयां की हैं?
2026 में अब तक CNB ने 197 मामले दर्ज किए हैं, 272 लोगों को गिरफ्तार किया है, 6 अवैध प्रयोगशालाएं ध्वस्त की हैं और लगभग 91,000 किलोग्राम नशीले पदार्थ तथा 12 करोड़ 72 लाख साइकोट्रोपिक गोलियां जब्त की हैं।
राष्ट्र प्रेस
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