विपक्ष का दावा: विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिलेगी भारी हार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने रविवार को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों का ऐलान किया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इन चुनावों में भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
एनसीपी (एससीपी) सांसद फौजिया खान ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की आवश्यकता है। उन्होंने महाराष्ट्र में उन घटनाओं का उल्लेख किया, जहां उम्मीदवारों को डराया-धमकाया गया और गुंडागर्दी की गई। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं आगामी चुनावों में नहीं होनी चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव पूरी ईमानदारी से कराए जाएं, क्योंकि निष्पक्षता और ईमानदारी पर उठने वाले सवाल महत्वपूर्ण हैं।
सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। इन राज्यों में भाजपा को भारी झटका लगने की संभावना है, जबकि इंडिया अलायंस की सरकार बनाने की उम्मीद है। 2027 में भाजपा को यूपी में भी हार का सामना करना पड़ेगा।
टीएमसी नेता राज चक्रवर्ती ने कहा कि बंगाल के विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का ऐसा निर्णय सही है। चाहे चुनाव एक चरण में हो या दो चरणों में, हमारी जीत
टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में 250 सीटों के साथ सत्ता में आएंगी, जबकि भाजपा को 30 से भी कम सीटें मिलेंगी।
कांग्रेस नेता शुभंकर सरकार ने कहा कि चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे, लेकिन उन्होंने 'भयमुक्त' शब्द का उल्लेख नहीं किया। मतदाता सूची में किसी भी गलत मतदाता को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। असली मतदाता वोट देने में असमर्थ होंगे।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि तमिलनाडु और बंगाल में उनके सहयोगी सत्ता में हैं। बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में हम आसानी से जीत हासिल कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने चुनाव की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा माहौल को देखते हुए, मुझे पूरा विश्वास है कि भाजपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा।