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पांडव कुमार हत्याकांड: TIP में गड़बड़ी का आरोप, AAP ने दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना

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पांडव कुमार हत्याकांड: TIP में गड़बड़ी का आरोप, AAP ने दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना

सारांश

उत्तम नगर में बिहार के युवक पांडव कुमार की कथित पुलिस गोलीकांड में मौत का मामला अब राजनीतिक अखाड़े में है। AAP ने TIP में जानबूझकर गड़बड़ी और पीड़ित परिवार पर दबाव के आरोप लगाए हैं — और सवाल यह है कि दिल्ली पुलिस इन आरोपों का जवाब कब देगी।

मुख्य बातें

बिहार के युवक पांडव कुमार की कथित तौर पर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक पुलिसकर्मी की गोली से उत्तम नगर में मौत हुई।
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि TIP में आरोपी को टोपी और चेहरे पर टेप लगाकर पहचान छिपाने की कोशिश की गई।
आरोप है कि AAP नेताओं के पहुंचने पर पीड़ित परिवार को थाने बुलाकर घंटों रोके रखा गया।
परिवार ने ₹1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सजा की मांग की है।
AAP नेता संजीव झा न्याय की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं; दिल्ली की मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल को पत्र लिखा गया, पर कोई जवाब नहीं मिला।

उत्तम नगर में बिहार के युवक पांडव कुमार की कथित पुलिस गोलीकांड में मौत का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 23 मई 2025 को दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस आरोपी पुलिसकर्मी को बचाने की कोशिश में जुटी है। उनके अनुसार, टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) को जानबूझकर इस तरह आयोजित किया गया कि चश्मदीद गवाह आरोपी की पहचान न कर सकें।

TIP में गड़बड़ी के आरोप

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि TIP के दौरान आरोपी सहित 10 लोगों को एक जैसे कपड़े पहनाए गए, सभी को टोपी लगवाई गई और नाक-आंखों पर टेप लगाया गया। उन्होंने कहा कि घटना की रात आरोपी ने न तो टोपी पहनी थी और न ही उसके चेहरे पर कोई टेप था। भारद्वाज के अनुसार, आरोपी कैमरे में साफ दिखाई दे रहा था, इसलिए इस तरह की परेड से स्पष्ट संकेत मिलता है कि पुलिस पहचान छिपाने का प्रयास कर रही है।

घटना का पृष्ठभूमि

करीब एक महीने पहले द्वारका के निकट उत्तम नगर इलाके में यह कथित घटना हुई थी। भारद्वाज के अनुसार, आरोपी स्पेशल सेल का पुलिसकर्मी था, जिसने कथित तौर पर बिहार को लेकर अपशब्द कहे और अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली चला दी। इस घटना में पांडव कुमार की मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी घायल हो गया था। AAP नेताओं का आरोप है कि पांडव की 'गलती' केवल यह थी कि वे बिहार से थे।

पीड़ित परिवार पर दबाव का आरोप

सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस पीड़ित परिवार को दबाव में लेने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, शुक्रवार को जब AAP नेता परिवार से मिलने पहुंचे, तो परिवार को थाने बुलाकर घंटों बैठाए रखा गया, ताकि वे नेताओं से बातचीत न कर सकें। परिवार की मांग है कि उन्हें ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले और आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सख्त सजा दिलाई जाए।

अनशन और न्याय की मांग

AAP नेता संजीव झा शुक्रवार से मृतक परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने इस घटना को हत्या नहीं, बल्कि 'शहादत' बताया। झा ने कहा कि उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल सहित कई नेताओं को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो अनशन जारी रहेगा।

मां की पीड़ा

मृतक पांडव कुमार की मां भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए, सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए। उनके शब्दों में — 'मेरा बेटा हमेशा मम्मी-मम्मी कहते हुए मेरे पास आता था, अब मुझे मम्मी कौन कहेगा?' यह मामला अब केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि पुलिस जवाबदेही और प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा का व्यापक सवाल बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न्याय की नींव होती है, यदि जानबूझकर दोषपूर्ण बनाई जाए तो पूरी आपराधिक न्याय प्रणाली पर सवाल उठता है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही राष्ट्रीय बहस के केंद्र में हैं। दिल्ली पुलिस ने अब तक इन आरोपों का कोई सार्वजनिक खंडन नहीं किया — यह चुप्पी खुद एक सवाल है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पांडव कुमार हत्याकांड क्या है?
पांडव कुमार बिहार के एक युवक थे जिनकी कथित तौर पर दिल्ली के उत्तम नगर में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर से गोली लगने से मौत हो गई। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने बिहार को लेकर अपशब्द कहे और फिर गोली चलाई।
TIP में गड़बड़ी का आरोप क्यों लगाया गया?
AAP के सौरभ भारद्वाज के अनुसार, टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड में आरोपी सहित 10 लोगों को एक जैसे कपड़े, टोपी और चेहरे पर टेप लगाकर खड़ा किया गया, जबकि घटना की रात आरोपी ने ऐसा कुछ नहीं पहना था। उनका कहना है कि इससे चश्मदीद गवाह सही पहचान नहीं कर सके।
पीड़ित परिवार की क्या मांगें हैं?
परिवार ने तीन मांगें रखी हैं — ₹1 करोड़ का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, और आरोपी पुलिसकर्मी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सख्त सजा।
AAP नेता संजीव झा का अनशन क्यों?
संजीव झा पांडव कुमार के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शुक्रवार से अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल को पत्र लिखा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर क्या कहा?
रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अब तक AAP के इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मामले की जाँच जारी बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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