पांडव कुमार हत्याकांड: TIP में गड़बड़ी का आरोप, AAP ने दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
उत्तम नगर में बिहार के युवक पांडव कुमार की कथित पुलिस गोलीकांड में मौत का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 23 मई 2025 को दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस आरोपी पुलिसकर्मी को बचाने की कोशिश में जुटी है। उनके अनुसार, टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) को जानबूझकर इस तरह आयोजित किया गया कि चश्मदीद गवाह आरोपी की पहचान न कर सकें।
TIP में गड़बड़ी के आरोप
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि TIP के दौरान आरोपी सहित 10 लोगों को एक जैसे कपड़े पहनाए गए, सभी को टोपी लगवाई गई और नाक-आंखों पर टेप लगाया गया। उन्होंने कहा कि घटना की रात आरोपी ने न तो टोपी पहनी थी और न ही उसके चेहरे पर कोई टेप था। भारद्वाज के अनुसार, आरोपी कैमरे में साफ दिखाई दे रहा था, इसलिए इस तरह की परेड से स्पष्ट संकेत मिलता है कि पुलिस पहचान छिपाने का प्रयास कर रही है।
घटना का पृष्ठभूमि
करीब एक महीने पहले द्वारका के निकट उत्तम नगर इलाके में यह कथित घटना हुई थी। भारद्वाज के अनुसार, आरोपी स्पेशल सेल का पुलिसकर्मी था, जिसने कथित तौर पर बिहार को लेकर अपशब्द कहे और अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली चला दी। इस घटना में पांडव कुमार की मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी घायल हो गया था। AAP नेताओं का आरोप है कि पांडव की 'गलती' केवल यह थी कि वे बिहार से थे।
पीड़ित परिवार पर दबाव का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस पीड़ित परिवार को दबाव में लेने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, शुक्रवार को जब AAP नेता परिवार से मिलने पहुंचे, तो परिवार को थाने बुलाकर घंटों बैठाए रखा गया, ताकि वे नेताओं से बातचीत न कर सकें। परिवार की मांग है कि उन्हें ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले और आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सख्त सजा दिलाई जाए।
अनशन और न्याय की मांग
AAP नेता संजीव झा शुक्रवार से मृतक परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने इस घटना को हत्या नहीं, बल्कि 'शहादत' बताया। झा ने कहा कि उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल सहित कई नेताओं को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो अनशन जारी रहेगा।
मां की पीड़ा
मृतक पांडव कुमार की मां भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए, सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए। उनके शब्दों में — 'मेरा बेटा हमेशा मम्मी-मम्मी कहते हुए मेरे पास आता था, अब मुझे मम्मी कौन कहेगा?' यह मामला अब केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि पुलिस जवाबदेही और प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा का व्यापक सवाल बन चुका है।