पश्चिम बंगाल की नई औद्योगिक नीति से आसनसोल में उम्मीद की लहर, बंद फैक्ट्रियों के बाहर जश्न
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में उद्योगों को पुनर्जीवित करने और कारोबारी माहौल सुधारने के लिए नई औद्योगिक नीति की घोषणा से पहले आसनसोल में उत्साह और उम्मीद का अनूठा माहौल देखने को मिला। 5 नवंबर 2026 को औद्योगिक क्षेत्र में बंद पड़ी फैक्ट्रियों के द्वार के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, लड्डू बाँटे और एक-दूसरे को बधाई दी। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि यह नीति राज्य में बंद कारखानों में नई जान फूँकेगी और युवाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार खोलेगी।
दशकों की निराशा के बाद उम्मीद की किरण
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दशकों से पश्चिम बंगाल में उद्योगों की स्थिति लगातार खराब रही है। आसनसोल जैसे ऐतिहासिक रूप से औद्योगिक शहर में एक के बाद एक कारखाने बंद होते रहे, जिससे बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी फैली। नई नीति की घोषणा की खबर पहुँचते ही यहाँ के निवासियों ने सहज उत्साह में बाहर निकलकर जश्न मनाया।
स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता नीरज चंद्र दास ने कहा कि कोलकाता में औद्योगिक नीति को लेकर बैठक हो रही है और उसी खुशी में यहाँ के सभी लोग इकट्ठा हुए हैं। उन्होंने आशा जताई कि अब बंगाल में कारखाने खुलेंगे और नगरवासियों को रोज़गार मिलेगा।
पिछली सरकारों पर आरोप
नीरज चंद्र दास ने कहा कि पिछले पंद्रह साल तक तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार रही और उससे पहले पैंतीस साल तक वामपंथी सरकार रही, लेकिन इस पूरे दौर में उद्योगों को लेकर न कोई गंभीर चर्चा हुई, न कोई ठोस निर्णय लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसा राजनीतिक माहौल बना दिया गया था कि कोई भी उद्योगपति यहाँ आना नहीं चाहता था।
उन्होंने यह भी कहा कि अब केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और राज्य में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में BJP सरकार है। उनके अनुसार, अधिकारी के प्रयासों से लोगों के चेहरों पर खुशी लौटी है और पूरा बंगाल इस बार आशावादी है।
पीढ़ियों की उम्मीद का प्रतीक
स्थानीय BJP कार्यकर्ता प्रदीप बावरी ने कहा कि यह खुशी सिर्फ एक जश्न नहीं, बल्कि पीढ़ियों की उम्मीद का प्रतीक है। उनके शब्दों में, 'कम से कम पचास साल से पश्चिम बंगाल को जैसे एक पिंजरे में बंद करके रख दिया गया था — उद्योगों के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई और इस पर कोई गंभीर विचार नहीं हुआ।'
बावरी ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में BJP की सरकार बनने के बाद 'डबल इंजन' का लाभ दिखने लगा है। उनके अनुसार अब निवेशक और उद्योगपति पश्चिम बंगाल की ओर रुख कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि नई औद्योगिक नीति की औपचारिक घोषणा अभी होनी बाकी है और कोलकाता में इसे लेकर बैठकें जारी हैं। आसनसोल के निवासी और कारोबारी वर्ग इस नीति के विवरण का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। यह देखना बाकी है कि नई नीति में बंद पड़ी इकाइयों को फिर से चालू करने के लिए क्या ठोस प्रावधान किए जाते हैं और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कौन-से प्रोत्साहन दिए जाते हैं।