बकरीद 2026: पटना में तोतापरी बकरी ₹1 लाख तक, यूपी-तमिलनाडु में प्रशासन हाई अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर पटना के जगदेव पथ बकरा बाजार में इस वर्ष असाधारण रौनक देखी जा रही है। स्थानीय विक्रेताओं के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मांग और कारोबार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। तोतापरी और बाबरी नस्ल की बकरियाँ खरीदारों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
बाजार में कीमतों का हाल
बाजार में बकरी बेचने आए विक्रेता एमडी राजा ने बताया, 'इस बार बाजार में काफी रौनक है। तोतापरी नस्ल की बकरी सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है। एक बकरी की कीमत ₹1 लाख तक पहुँच गई है।' एक अन्य विक्रेता मोहम्मद असलम ने कहा, 'गाँवों में महँगे दाम मिलते हैं, जबकि यहाँ बाजार में अच्छा तालमेल है। खरीदार अलग-अलग नस्लों के बकरे देख रहे हैं।'
एक अन्य विक्रेता ने बताया कि पिछले साल जो बकरी ₹25,000 में बिकती थी, इस बार उसकी कीमत ₹40,000 तक पहुँच गई है। उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत कई राज्यों से बकरियाँ यहाँ लाई गई हैं, जिससे बाजार में विविधता और आमदनी दोनों बढ़ी हैं।
यूपी में प्रशासन की तैयारी
भदोही (उत्तर प्रदेश) में इस वर्ष गंगा दशहरा और ईद-उल-अजहा एक साथ पड़ रहे हैं। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने बताया, 'दोनों त्योहार 27-28 मई को मनाए जाएँगे। हमने पुलिस थाना, तहसील और गाँव स्तर पर शांति समितियों की बैठकें की हैं। सभी समुदायों को विश्वास में लिया गया है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा सकें।'
कानपुर एसपी श्रद्धा पांडे ने जानकारी दी कि जिले में 167 मस्जिदें और 36 ईदगाहें हैं। इनमें से 8 ईदगाहों पर 500 से 1,000 लोगों और 7 ईदगाहों पर 1,000 से अधिक लोगों के एकत्र होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि खुले इलाकों में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी और कुर्बानी के बाद अवशेषों के उचित निपटारे के लिए सभी को जागरूक किया गया है।
तमिलनाडु में बाजार का हाल
तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के तिरुप्पुवनम की साप्ताहिक पशु मंडी में बकरीद और आगामी विवाह सीजन की दोहरी माँग के चलते कीमतों में तेज उछाल आया है। मंडी में 4,000 से अधिक बकरियाँ और पक्षी लाए गए। मदुरै, थेनी और डिंडीगुल समेत कई जिलों के व्यापारी यहाँ पहुँचे। बकरियाँ ₹7,000 से ₹12,000 के बीच बिकीं और मंडी में कुल कारोबार ₹2 करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में बकरीद की तैयारियाँ अपने चरम पर हैं। बाजारों में व्यापारिक उत्साह के साथ-साथ प्रशासन ने सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।