12 जुलाई 2026
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बकरीद 2026: पटना में तोतापरी बकरी ₹1 लाख तक, यूपी-तमिलनाडु में प्रशासन हाई अलर्ट

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बकरीद 2026: पटना में तोतापरी बकरी ₹1 लाख तक, यूपी-तमिलनाडु में प्रशासन हाई अलर्ट

सारांश

बकरीद 2026 पर पटना के जगदेव पथ बाजार में तोतापरी बकरी ₹1 लाख तक पहुँची — पिछले साल की तुलना में कीमतें दोगुनी। यूपी में गंगा दशहरा और बकरीद एक साथ पड़ने से प्रशासन हाई अलर्ट पर है, वहीं तमिलनाडु की पशु मंडी में ₹2 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ।

मुख्य बातें

पटना के जगदेव पथ बकरा बाजार में तोतापरी नस्ल की बकरी की कीमत ₹1 लाख तक पहुँची।
पिछले साल ₹25,000 में बिकने वाली बकरी इस बार ₹40,000 में बिक रही है — करीब 60% की वृद्धि।
भदोही (यूपी) में गंगा दशहरा और ईद-उल-अजहा 27-28 मई को एक साथ; जिला प्रशासन ने शांति समितियों की बैठकें कीं।
कानपुर में 167 मस्जिदें और 36 ईदगाहें ; खुले इलाकों में नमाज पर रोक।
तमिलनाडु की तिरुप्पुवनम पशु मंडी में 4,000 से अधिक बकरियाँ; कुल कारोबार ₹2 करोड़ से अधिक ।

ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर पटना के जगदेव पथ बकरा बाजार में इस वर्ष असाधारण रौनक देखी जा रही है। स्थानीय विक्रेताओं के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मांग और कारोबार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। तोतापरी और बाबरी नस्ल की बकरियाँ खरीदारों की पहली पसंद बनी हुई हैं।

बाजार में कीमतों का हाल

बाजार में बकरी बेचने आए विक्रेता एमडी राजा ने बताया, 'इस बार बाजार में काफी रौनक है। तोतापरी नस्ल की बकरी सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है। एक बकरी की कीमत ₹1 लाख तक पहुँच गई है।' एक अन्य विक्रेता मोहम्मद असलम ने कहा, 'गाँवों में महँगे दाम मिलते हैं, जबकि यहाँ बाजार में अच्छा तालमेल है। खरीदार अलग-अलग नस्लों के बकरे देख रहे हैं।'

एक अन्य विक्रेता ने बताया कि पिछले साल जो बकरी ₹25,000 में बिकती थी, इस बार उसकी कीमत ₹40,000 तक पहुँच गई है। उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत कई राज्यों से बकरियाँ यहाँ लाई गई हैं, जिससे बाजार में विविधता और आमदनी दोनों बढ़ी हैं।

यूपी में प्रशासन की तैयारी

भदोही (उत्तर प्रदेश) में इस वर्ष गंगा दशहरा और ईद-उल-अजहा एक साथ पड़ रहे हैं। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने बताया, 'दोनों त्योहार 27-28 मई को मनाए जाएँगे। हमने पुलिस थाना, तहसील और गाँव स्तर पर शांति समितियों की बैठकें की हैं। सभी समुदायों को विश्वास में लिया गया है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा सकें।'

कानपुर एसपी श्रद्धा पांडे ने जानकारी दी कि जिले में 167 मस्जिदें और 36 ईदगाहें हैं। इनमें से 8 ईदगाहों पर 500 से 1,000 लोगों और 7 ईदगाहों पर 1,000 से अधिक लोगों के एकत्र होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि खुले इलाकों में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी और कुर्बानी के बाद अवशेषों के उचित निपटारे के लिए सभी को जागरूक किया गया है।

तमिलनाडु में बाजार का हाल

तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के तिरुप्पुवनम की साप्ताहिक पशु मंडी में बकरीद और आगामी विवाह सीजन की दोहरी माँग के चलते कीमतों में तेज उछाल आया है। मंडी में 4,000 से अधिक बकरियाँ और पक्षी लाए गए। मदुरै, थेनी और डिंडीगुल समेत कई जिलों के व्यापारी यहाँ पहुँचे। बकरियाँ ₹7,000 से ₹12,000 के बीच बिकीं और मंडी में कुल कारोबार ₹2 करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में बकरीद की तैयारियाँ अपने चरम पर हैं। बाजारों में व्यापारिक उत्साह के साथ-साथ प्रशासन ने सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

परिवहन लागत और नस्ल-विशेष की घटती आपूर्ति मिलकर बाजार को ऊपर धकेल रहे हैं। गौरतलब है कि यूपी में गंगा दशहरा और बकरीद का एक साथ पड़ना प्रशासन के लिए असली परीक्षा है — शांति समितियों की बैठकें एक अच्छा संकेत हैं, लेकिन जमीनी क्रियान्वयन ही असली कसौटी होगी। तमिलनाडु में ₹2 करोड़ से अधिक के एकल-दिवसीय कारोबार से स्पष्ट है कि त्योहारी अर्थव्यवस्था का दायरा अब महानगरों से परे छोटे जिलों तक फैल चुका है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बकरीद 2026 पर पटना में बकरियों की कीमत कितनी है?
पटना के जगदेव पथ बकरा बाजार में इस बार तोतापरी नस्ल की बकरी की कीमत ₹1 लाख तक पहुँच गई है। पिछले साल ₹25,000 में बिकने वाली बकरी अब ₹40,000 में बिक रही है।
तोतापरी और बाबरी नस्ल की बकरियाँ क्यों लोकप्रिय हैं?
तोतापरी और बाबरी नस्ल की बकरियाँ अपने आकार, वजन और विशेष शारीरिक बनावट के कारण बकरीद पर खरीदारों की पहली पसंद होती हैं। विक्रेताओं के अनुसार, इस बार इन दोनों नस्लों की माँग पिछले वर्षों से अधिक है।
यूपी में बकरीद पर प्रशासन ने क्या इंतजाम किए हैं?
भदोही में जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने पुलिस थाना, तहसील और गाँव स्तर पर शांति समितियों की बैठकें कीं। कानपुर में एसपी श्रद्धा पांडे ने बताया कि 167 मस्जिदों और 36 ईदगाहों का जायजा लिया गया है और खुले इलाकों में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी।
तमिलनाडु में बकरीद पर पशु मंडी का कारोबार कितना रहा?
शिवगंगा जिले के तिरुप्पुवनम की साप्ताहिक पशु मंडी में 4,000 से अधिक बकरियाँ और पक्षी लाए गए। बकरियाँ ₹7,000 से ₹12,000 के बीच बिकीं और कुल कारोबार ₹2 करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है।
इस बार बकरीद कब मनाई जाएगी?
यूपी के भदोही जिलाधिकारी के अनुसार बकरीद (ईद-उल-अजहा) 27-28 मई को मनाई जाएगी। इस वर्ष यह त्योहार गंगा दशहरा के साथ एक ही दिन पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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