दिल्ली पुलिस ने पत्नी पर बार-बार चाकू से हमला करने वाले घोषित अपराधी साजिद अली को गाजियाबाद से दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-II टीम ने 14 जून 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए घोषित अपराधी साजिद अली को गाजियाबाद के इकरामनगर, लोनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। साजिद पर अपनी पत्नी की हत्या के इरादे से एक से अधिक बार चाकू से हमला करने का आरोप है और वह अदालत द्वारा घोषित अपराधी के रूप में लंबे समय से फरार था।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
क्राइम ब्रांच की टीम को गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर साजिद के ठिकाने का पता चला। लोनी के इकरामनगर में घेराबंदी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि और अपराध की जड़ें
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि साजिद अली मुस्तफाबाद, लोनी, उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी है और सातवीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा है। उसके माता-पिता का निधन हो चुका है और उसका इकलौता भाई फिलहाल जेल में है। साजिद ने 2015 में विवाह किया था। इसके बाद दंपति के दो बच्चों की जन्म के कुछ समय बाद ही मृत्यु हो गई। अधिकारियों के अनुसार, इन दुखद घटनाओं का आरोपी पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा और उसने इसके लिए अपनी पत्नी को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया।
समय के साथ साजिद को नशे और शराब की लत लग गई। वह लत पूरी करने के लिए अपनी पत्नी से पैसे माँगता था और माँग पूरी न होने पर हिंसक हो जाता था।
हिंसा का पुराना इतिहास
2021 में साजिद ने पहली बार अपनी पत्नी पर चाकू से हमला किया, जिसके बाद उसे हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वह नवंबर 2024 में जेल से रिहा हुआ। रिहाई के बाद 2025 में उसने एक बार फिर अपनी पत्नी पर चाकू से हमला किया। अपराध करने के बाद वह फरार हो गया और तब से गिरफ्तारी से बचता रहा। यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू हिंसा के बार-बार के अपराधियों पर सख्त निगरानी की माँग लगातार उठ रही है।
पुलिस कार्रवाई का महत्त्व
गौरतलब है कि साजिद को अदालत ने घोषित अपराधी करार दिया था, जिसका अर्थ है कि वह न्यायिक प्रक्रिया से लगातार बचता रहा। क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-II टीम द्वारा तकनीकी और ह्यूमन इंटेलिजेंस के संयोजन से की गई यह गिरफ्तारी पीड़िता की सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आगे की जाँच जारी है।