फ्रांस के नीस में यूपीआई लॉन्च: पीयूष गोयल ने गैलरीज लाफायेट में किया शुभारंभ, भारतीय पर्यटकों को मिली डिजिटल राहत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार, 16 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर स्थित प्रतिष्ठित गैलरीज लाफायेट में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल से फ्रांस में भारतीय पर्यटक अब अपने परिचित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे भुगतान कर सकेंगे, जिससे विदेशी मुद्रा की झंझट और नकद लेनदेन की जटिलताओं से मुक्ति मिलेगी।
मुख्य घटनाक्रम
गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, 'भारत के वर्ल्ड-क्लास डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म को फ्रांस के प्रमुख रिटेल डेस्टिनेशन में से एक में लाना यूपीआई के ग्लोबल विस्तार में एक और अहम कदम है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि लाइरा कलेक्ट और एनआईपीएल की साझेदारी के ज़रिए यह पहल भरोसेमंद, सुलभ और इंटरऑपरेबल डिजिटल समाधान देने की भारत की क्षमता को रेखांकित करती है।
मंत्री ने यह भी कहा कि यह लॉन्च भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक एवं तकनीकी संबंधों को और प्रगाढ़ करता है तथा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती गहराई को दर्शाता है।
भारतीय यात्रियों को क्या फायदा
यूपीआई के फ्रांस में आने से भारतीय पर्यटकों को अब भौतिक मुद्रा विनिमय, बड़ी मात्रा में नकदी ढोने या अपरिचित विदेशी मुद्रा शुल्क की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। लेनदेन तत्काल, सुरक्षित और रियल-टाइम होगा — ठीक वैसे जैसे भारत में होता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, स्थानीय फ्रांसीसी व्यापारियों को भी इससे लाभ मिलेगा — नकद प्रबंधन की लागत घटेगी और तकनीक-प्रेमी भारतीय पर्यटकों तक तत्काल पहुँच बनेगी, जिससे लेनदेन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है।
वैश्विक विस्तार में फ्रांस दूसरा पड़ाव
गौरतलब है कि 3 जून 2026 को कंबोडिया में यूपीआई लॉन्च के बाद फ्रांस इस सूची में दूसरा देश बना है। कंबोडिया में नोम पेन्ह के एक औपचारिक समारोह में कंबोडिया के नेशनल बैंक की गवर्नर चिया सेरे और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उस कार्यक्रम के साथ ही बाकोंग के केएचक्यूआर (कंबोडिया का राष्ट्रीय क्यूआर कोड) के ज़रिए क्रॉस-बॉर्डर क्यूआर पेमेंट लिंक स्थापित करने का पहला चरण पूरा हुआ।
कंबोडिया के पहले चरण में लाखों भारतीय यात्रियों को 45 लाख से अधिक कंबोडियाई व्यापारियों के यहाँ क्यूआर पेमेंट की सुविधा मिली है। इसके बाद दोनों देशों के बीच टू-वे कॉरिडोर भी शुरू होने की योजना है, जिसमें कंबोडियाई नागरिक भी भारत में यूपीआई क्यूआर कोड स्कैन कर सकेंगे।
फ्रांस कॉरिडोर का आगे का रोडमैप
फ्रांस में भी वर्तमान में पहले चरण में भारतीय यात्रियों को प्राथमिकता दी गई है। अगले चरण में यह कॉरिडोर पूरी तरह टू-वे हो जाएगा, जिससे फ्रांसीसी नागरिक भी भारत में डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। यह साझेदारी बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए डिज़ाइन की गई है, जो एक उन्नत, इंटरऑपरेबल वित्तीय नेटवर्क की नींव रखती है।
आगे की राह
यूपीआई का यह वैश्विक विस्तार भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानक के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे और देश इस नेटवर्क से जुड़ेंगे, भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों दोनों के लिए सीमा-पार व्यापार और भी सरल होता जाएगा।