पीयूष गोयल की नीदरलैंड्स यात्रा: पोर्ट ऑफ रॉटरडैम दौरा, भारत-EU FTA के बीच व्यापार-निवेश को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान भारत-नीदरलैंड्स व्यापार एवं निवेश संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरे में उन्होंने समुद्री परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन कनेक्टिविटी और प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े अनेक कार्यक्रमों में भाग लिया। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत अंतिम चरण में पहुँच रही है।
पोर्ट ऑफ रॉटरडैम: यूरोप का प्रवेशद्वार
आधिकारिक बयान के अनुसार, गोयल ने यूरोप के सबसे बड़े बंदरगाह पोर्ट ऑफ रॉटरडैम का दौरा किया, जहाँ उनके साथ बंदरगाह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बोडेवाइन सीमोंस भी उपस्थित थे। गोयल ने कहा कि रॉटरडैम यूरोपीय बाज़ारों तक भारतीय उत्पादों की पहुँच का एक रणनीतिक प्रवेश द्वार है और वैश्विक व्यापार तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दोनों पक्षों के बीच पोर्ट-आधारित विकास, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार, सप्लाई चेन कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और व्यापार तथा निवेश के नए अवसरों को प्रोत्साहन देने पर विचार-विमर्श हुआ। गोयल ने कहा कि भारत अपने बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और विश्वस्तरीय समुद्री अवसंरचना के विकास पर तेज़ी से काम कर रहा है, तथा इस क्षेत्र में नीदरलैंड्स की विशेषज्ञता भारत के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है।
भारत-EU FTA और समुद्री सहयोग की संभावनाएँ
गोयल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत-EU FTA लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोपीय बाज़ारों में व्यापक अवसर उत्पन्न होंगे। ऐसे में नीदरलैंड्स के अत्याधुनिक बंदरगाह, सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और यूरोपीय बाज़ारों से उसकी उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, भारत-यूरोप व्यापार को नई गति देने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच FTA की बातचीत वर्षों से जारी है और हाल के महीनों में इसमें उल्लेखनीय तेज़ी आई है। ऐसे में रॉटरडैम जैसे प्रमुख बंदरगाहों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी, इस व्यापार समझौते के व्यावहारिक लाभों को अधिकतम करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रवासी भारतीय समुदाय से संवाद
अपनी यात्रा के दौरान गोयल ने एम्स्टर्डम स्थित वाल्डोर्फ एस्टोरिया में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 70 भारतीय मूल के कारोबारी, पेशेवर और सामुदायिक प्रतिनिधि शामिल हुए। गोयल ने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि वे भारत और नीदरलैंड्स के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
इस आयोजन में समुद्री लॉजिस्टिक्स, व्यापार, निवेश और भारत-EU FTA के परिप्रेक्ष्य में उभरती संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। साथ ही, भारत-यूरोप के बीच गहरी आर्थिक एकीकरण प्रक्रिया में नीदरलैंड्स की केंद्रीय भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
आगे की राह
यह दौरा भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को EU-स्तरीय FTA से पहले ही व्यावहारिक धरातल पर मज़बूत करना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रॉटरडैम जैसे हब के साथ लॉजिस्टिक्स साझेदारी भारत के निर्यात प्रतिस्पर्धा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकती है। आगामी महीनों में दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग के औपचारिक करारों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।