पीएम आवास की ओर मार्च पर रोक की मांग: सैकड़ों वकीलों ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 4 अगस्त 2026 को देशभर के सैकड़ों वकीलों ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी भी प्रस्तावित मार्च पर तत्काल रोक लगाने और हाई-सिक्योरिटी क्षेत्रों में राजनीतिक प्रदर्शन के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने की मांग की गई। यह ज्ञापन एडवोकेट संकेत गुप्ता के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में क्या कहा गया
वकीलों ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास देश के सर्वाधिक संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों में से एक है, इसलिए वहाँ राजनीतिक प्रदर्शन की अनुमति देना सुरक्षा की दृष्टि से अनुचित है। ज्ञापन में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा पीएम आवास की ओर मार्च के सार्वजनिक आह्वान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया।
वकीलों ने 20 जुलाई को बिना अनुमति के हुए धरने की घटना का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकना अनिवार्य है। उन्होंने माँग की कि दिल्ली पुलिस सभी हाई-सिक्योरिटी प्रतिष्ठानों के निकट प्रदर्शन को लेकर एकसमान और व्यापक SOP जारी करे।
संवैधानिक और कानूनी आधार
ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को स्वीकार करते हुए यह भी कहा गया कि सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा इस अधिकार पर उचित प्रतिबंध के वैध आधार हैं। वकीलों ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SPG अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस से इन कानूनों के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की।
सुरक्षा पर संभावित दबाव की चिंता
वकीलों ने आशंका जताई कि यदि राजनीतिक दल या संगठन हाई-सिक्योरिटी क्षेत्रों की ओर बड़ी संख्या में जुटान करते हैं, तो इससे सुरक्षा बलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और अप्रिय घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है। ज्ञापन में माँग की गई कि पीएम आवास के आसपास किसी भी अवैध सभा, जुलूस या प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए।
आगे क्या होगा
वकीलों ने इस मामले को अत्यंत जरूरी बताते हुए दिल्ली पुलिस से तत्काल निवारक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी माँग की गई कि भविष्य में जब भी कोई राजनीतिक दल या संगठन हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र की ओर मार्च का सार्वजनिक आह्वान करे, तो उस पर रोक के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश पहले से निर्धारित हों। दिल्ली पुलिस की ओर से ज्ञापन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।