PM मोदी के नेतृत्व में BJP का विस्तार: 22 राज्यों में सत्ता, 2013 के मुकाबले विधायकों की संख्या तीन गुना से अधिक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 13 सितंबर 2013 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संसदीय बोर्ड की बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था। उस समय BJP या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार देश के गिने-चुने राज्यों में ही थी और कई राज्यों में पार्टी की जमीनी पकड़ लगभग शून्य थी। आज, 4 मई 2026 को, देश के 31 में से 22 राज्यों में BJP या NDA गठबंधन की सरकार काबिज है और पार्टी के विधायकों की संख्या 773 से बढ़कर 1,798 से अधिक हो गई है — यानी लगभग तीन गुना से ज़्यादा की बढ़त।
2013 से 2026 तक का राजनीतिक सफर
आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2013 तक देशभर के राज्यों में BJP के कुल विधायकों की संख्या 773 थी। 4 मई 2026 को पाँच राज्यों में मतगणना जारी रहने के बावजूद यह संख्या 1,798 को पार कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि इन पाँच राज्यों के चुनाव परिणाम अभी पूरी तरह घोषित नहीं हुए हैं, इसलिए अंतिम आँकड़ों में बदलाव संभव है।
BJP और NDA की अभी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, गोवा, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मणिपुर, बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, नागालैंड और पुडुचेरी में सरकार है। इस सूची में अब पश्चिम बंगाल का नाम भी जुड़ गया है, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से विदाई मिली है।
राज्यवार विधायकों की तुलना
राज्यवार तुलना में उल्लेखनीय बढ़त देखी गई है। उत्तर प्रदेश में BJP विधायकों की संख्या 47 से बढ़कर 257, असम में 5 से 82, महाराष्ट्र में 46 से 131, अरुणाचल प्रदेश में 3 से 46, ओडिशा में 6 से 79, त्रिपुरा में 0 से 32 और मणिपुर में 0 से 36 हो गई है।
इसी प्रकार गुजरात में 115 से 161, मध्य प्रदेश में 143 से 165, राजस्थान में 78 से 118, हरियाणा में 4 से 48, दिल्ली में 23 से 48, कर्नाटक में 40 से 64, जम्मू-कश्मीर में 11 से 29 और नागालैंड में 1 से 11 तक की बढ़त दर्ज की गई है।
वहीं उन राज्यों में भी पार्टी ने खाता खोला जहाँ 2013 में उसका कोई विधायक नहीं था — केरल में 0 से 3, पुडुचेरी में 0 से 3, तमिलनाडु में 0 से 2, मिजोरम में 0 से 2, मेघालय में 0 से 2 और पश्चिम बंगाल में 0 से 199 तक पहुँच गई है। हालाँकि इन राज्यों में मतगणना के नतीजे अभी पूर्णतः घोषित नहीं हुए हैं।
कुछ राज्यों में मामूली गिरावट भी देखी गई — बिहार में 91 से 89, हिमाचल प्रदेश में 26 से 25 और पंजाब में 12 से 2 रह गई।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा: कठिन राजनीतिक जमीन
BJP के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा दो ऐसे राज्य रहे जहाँ सत्ता हासिल करना सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। पार्टी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में राजनीतिक जमीन तैयार करने की प्रक्रिया में कई कार्यकर्ताओं को अपनी जान गँवानी पड़ी। ओडिशा में BJP ने पहले ही सत्ता हासिल कर ली थी और अब पश्चिम बंगाल में भी पार्टी ने जीत दर्ज की है।
भौगोलिक और जनसंख्या आधार पर BJP का विस्तार
आंकड़ों के अनुसार, BJP और NDA ने अब देश के 72 प्रतिशत क्षेत्रफल और 78 प्रतिशत आबादी पर अपना शासन स्थापित कर लिया है। यह ऐसे समय में आया है जब 2013 में पार्टी के पास कई दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में कोई विधायक तक नहीं था। गौरतलब है कि यह विस्तार केवल केंद्र की सत्ता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्यों में भी पार्टी ने संगठनात्मक ढाँचा मजबूत किया।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
पाँच राज्यों में मतगणना अभी जारी है और अंतिम परिणाम आने के बाद विधायकों की संख्या में और बदलाव हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, BJP की यह राज्यवार विस्तार रणनीति केंद्र सरकार की नीतियों और स्थानीय संगठन दोनों पर टिकी है। आने वाले राज्य चुनावों में यह देखना होगा कि पार्टी इस बढ़त को बरकरार रख पाती है या नहीं।